सर्दियों में पॉली हाउस बना सब्जियों की ढाल, सही प्रबंधन से बचेगी फसल और बढ़ेगा उत्पादन

शीतलहर और कड़ाके की ठंड में सब्जियों की खेती करना चुनौती बन जाता है. ऐसे में पॉली हाउस में सही तापमान, नमी और बीज प्रबंधन बेहद जरूरी हो जाता है. थोड़ी-सी सावधानी, सही सिंचाई और वेंटिलेशन से किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं और पैदावार बढ़ा सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 26 Jan, 2026 | 09:22 PM

Polyhouse Farming : कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर सिर्फ इंसानों पर नहीं, बल्कि खेतों में उग रही सब्जियों पर भी साफ दिखाई देता है. खुले खेतों की तुलना में पॉली हाउस सब्जियों को सुरक्षा जरूर देता है, लेकिन सर्दियों में इसमें भी लापरवाही भारी नुकसान करा सकती है. अगर तापमान, नमी और बीज प्रबंधन पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो पौधे कमजोर पड़ सकते हैं और पैदावार घट सकती है. ऐसे में कुछ जरूरी उपाय अपनाकर किसान अपनी सब्जियों को सुरक्षित रख सकते हैं.

बीज बुवाई और नर्सरी प्रबंधन है सबसे पहली जरूरत

सर्दियों में पॉली हाउस  में सब्जियों की सफल खेती की शुरुआत सही बुवाई से होती है. इस मौसम में बीजों को सीधे जमीन में बोने की बजाय छोटी पॉलीथिन थैलियों या प्रो-ट्रे में बोना ज्यादा फायदेमंद रहता है. इससे जड़ों को सही जगह मिलती है और पौधे मजबूत बनते हैं. बुवाई से पहले बीजों को जैव उपचार या फफूंदनाशक से उपचारित करना जरूरी होता है, जिससे बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. मजबूत नर्सरी आगे चलकर बेहतर उत्पादन की नींव बनती है.

तापमान और नमी का संतुलन बनाए रखना है सबसे अहम

पॉली हाउस  में सर्दियों के दौरान तापमान और नमी का सही संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी होता है. ठंड के समय ऊपरी वेंट बंद रखने चाहिए, ताकि अंदर की गर्म हवा बाहर न निकले. इससे बीजों का अंकुरण अच्छा होता है और पौधों की शुरुआती बढ़वार तेज रहती है. दोपहर के समय जब तापमान थोड़ा बढ़ जाए, तब साइड के पर्दे कुछ समय के लिए खोलने चाहिए. इससे अतिरिक्त नमी बाहर निकल जाती है और फफूंदजनित रोगों का खतरा कम होता है.

ठंडी हवा और पाले से ऐसे बचाएं पौधे

शाम के समय तापमान तेजी से गिरने लगता है, इसलिए पर्दों को दोबारा बंद करना जरूरी होता है. छोटे पौधों और नर्सरी  को ठंडी हवाओं से बचाने के लिए उत्तर दिशा की ओर पॉलीथिन शीट, घास या सरकंडे से आवरण लगाया जा सकता है. यह उपाय पाले वाले इलाकों में खास तौर पर कारगर माना जाता है. इससे पौधों पर ठंड का सीधा असर नहीं पड़ता और फसल सुरक्षित रहती है.

सिंचाई, निगरानी और पोषण पर रखें नजर

सर्दियों में मिट्टी में पर्याप्त नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन ज्यादा पानी नुकसानदायक हो सकता है. हल्की-हल्की सिंचाई समय पर करते रहनी चाहिए. अत्यधिक पानी से जड़ सड़न और रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है. पॉली हाउस का नियमित निरीक्षण करते रहें. अगर कोई पौधा पीला या बीमार दिखे, तो उसे तुरंत हटा दें. संतुलित पोषण  के लिए घुलनशील उर्वरकों का हल्का छिड़काव भी फायदेमंद साबित होता है.

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Published: 26 Jan, 2026 | 09:22 PM

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