यूरिया दुरुपयोग मामले में बड़ा खुलासा, कई लोगों पर FIR दर्ज.. पुलिस ने तेज की जांच

पंजाब के खन्ना में सब्सिडी वाले नीम-कोटेड यूरिया के कथित दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है. पुलिस ने कैटल फीड प्लांट के अधिकारियों और निजी कंपनियों के मालिकों समेत कई लोगों पर एफआईआर दर्ज की है. जांच में आरोप है कि किसानों के लिए मिलने वाली सब्सिडी वाली यूरिया को औद्योगिक उपयोग में लगाकर सरकारी धन का गलत फायदा उठाया गया.

Kisan India
नोएडा | Published: 2 Jul, 2026 | 09:25 AM

Punjab News: पंजाब में सब्सिडी वाले यूरिया के कथित दुरुपयोग के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है. इस मामले में खन्ना पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. यह एफआईआर कृषि विकास अधिकारी गुरप्रीत कौर के बयान के आधार पर खन्ना के सिटी पुलिस स्टेशन-2 में दर्ज की गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी दर्पण अहलूवालिया के निर्देश पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान अन्य अधिकारियों और निजी कंपनियों के कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है. ऐसे में मामले में और लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होने की संभावना है.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों में जीटी रोड स्थित भट्टियां (खन्ना) में पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन लिमिटेड के कैटल फीड प्लांट के महाप्रबंधक (जनरल मैनेजर) और अन्य कर्मचारी शामिल हैं. इसके अलावा मुक्तसर जिले के गिद्दड़बाहा स्थित इंडो ऑर्गेनिक्स के मालिक तथा नई दिल्ली के भजनपुरा स्थित मनीषा ट्रेडिंग कंपनी के मालिक को भी आरोपी बनाया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और सब्सिडी वाले यूरिया  के कथित दुरुपयोग से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है.

नीम-कोटेड यूरिया खाद को औद्योगिक उपयोग में लगाया गया

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खेती के लिए किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी वाली नीम-कोटेड यूरिया खाद को औद्योगिक उपयोग में लगाया गया. आरोप है कि जिस कैटल फीड प्लांट में तकनीकी ग्रेड यूरिया (टेक्निकल ग्रेड यूरिया) का इस्तेमाल होना चाहिए था, वहां सब्सिडी वाली नीम-कोटेड यूरिया  की आपूर्ति की गई. जांच एजेंसियों के अनुसार, इस यूरिया का उपयोग औद्योगिक कार्यों में कर सरकारी सब्सिडी का अनुचित लाभ उठाया गया. अधिकारियों का मानना है कि इस कथित गड़बड़ी से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है. मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है.

खन्ना स्थित कैटल फीड प्लांट पर छापेमारी

सब्सिडी वाले यूरिया के कथित दुरुपयोग की जांच के दौरान कृषि विभाग की टीम ने खन्ना स्थित कैटल फीड प्लांट पर छापेमारी की. इस दौरान अधिकारियों ने यूरिया के नमूने लिए और मौके से 1,340 बैग बरामद किए. जांच में पता चला कि तकनीकी ग्रेड यूरिया के नाम पर रखे गए बैगों में किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाली नीम-कोटेड कृषि यूरिया भरी गई थी. नमूनों को जांच के लिए उर्वरक परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया, जहां से मिली रिपोर्ट के बाद इस गड़बड़ी की पुष्टि होने का संदेह जताया गया.

सब्सिडी वाली यूरिया में नीम तेल की कोटिंग होती है

एफआईआर के अनुसार, कृषि उपयोग के लिए मिलने वाली सब्सिडी वाली यूरिया में नीम तेल की कोटिंग होती है, जबकि औद्योगिक उपयोग में आने वाली तकनीकी ग्रेड यूरिया में नीम तेल नहीं होना चाहिए. आरोप है कि इंडो ऑर्गेनिक्स और मनीषा ट्रेडिंग कंपनी ने आर्थिक लाभ के लिए तकनीकी ग्रेड यूरिया  के बैग छपवाकर उनमें सब्सिडी वाली नीम-कोटेड यूरिया भरी और उसे ऊंची कीमत पर कैटल फीड प्लांट को बेचा. पुलिस का आरोप है कि यह काम कैटल फीड प्लांट के महाप्रबंधक (जीएम) तथा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से किया गया.

 

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़