कृषि मंत्री के सामने गूंजी 100 फीसदी बीज सब्सिडी की मांग, दाल किसानों के लिए उठी बड़ी आवाज

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में दलहन आत्मनिर्भरता और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन पर बड़ा मंथन हुआ. शिवराज सिंह चौहान ने Farmer ID की प्रगति की समीक्षा की, जबकि असम ने छोटे किसानों के लिए 100 फीसदी बीज सब्सिडी और चाय बागान मालिकों को PM-Kisan से जोड़ने की मांग रखी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 23 Aug, 2026 | 11:30 AM

Digital Agriculture Mission: देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और कृषि क्षेत्र के डिजिटलीकरण को तेज करने के उद्देश्य से शनिवार को नई दिल्ली के पूसा स्थित आईसीआर कन्वेंशन सेंटर में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन एवं दलहन आत्मनिर्भरता पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया. सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के साथ योजनाओं की समीक्षा की, जबकि असम के कृषि मंत्री पीयूष हजारिका ने छोटे किसानों के लिए प्रमाणित दलहन बीजों पर शुरुआती वर्षों में 100 प्रतिशत सब्सिडी देने और छोटे चाय बागान मालिकों को पीएम-किसान योजना से जोड़ने की मांग उठाई.

एग्रीस्टैक के तहत बनेगी हर किसान की डिजिटल पहचान

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान  ने कहा कि सरकार एग्रीस्टैक डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत प्रत्येक किसान के लिए एक फार्मर आईडी तैयार कर रही है. इस डिजिटल पहचान के साथ किसान की भूमि, खेत का नक्शा, स्वामित्व और अन्य कृषि संपत्तियों का रिकॉर्ड जोड़ा जाएगा. उन्होंने बताया कि देशभर में जमीन के नक्शों की डिजिटल मैपिंग का कार्य तेजी से चल रहा है. हालांकि कुछ राज्यों में इसकी प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है, जिसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने की आवश्यकता है. उनका कहना था कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और तेज़ी से किसानों तक पहुंचेगा.

महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सराहना, दालों में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य

समीक्षा बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने विभिन्न राज्यों के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र ने मात्र पांच दिनों के भीतर लाखों किसानों के खातों में 14,000 करोड़ रुपये सफलतापूर्वक हस्तांतरित किए, जो डिजिटल भुगतान व्यवस्था का प्रभावी उदाहरण है. इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों द्वारा फसल खरीद व्यवस्था  में किए गए कार्यों की सराहना की. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य भारत को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है और केंद्र सरकार इस दिशा में उत्पादन बढ़ाने, बेहतर बीज उपलब्ध कराने तथा किसानों को प्रोत्साहित करने पर लगातार काम कर रही है.

असम ने उठाई 100 फीसदी बीज सब्सिडी और पीएम-किसान की मांग

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सम्मेलन में असम के कृषि मंत्री पीयूष हजारिका ने राज्य की कृषि चुनौतियों को सामने रखते हुए कहा कि असम के छोटे और सीमांत किसान हर वर्ष बाढ़ तथा अनियमित वर्षा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित होते हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि अरहर, काली दाल और अन्य दलहन फसलों  के प्रमाणित बीजों पर शुरुआती दो से तीन वर्षों तक 100 प्रतिशत सब्सिडी दी जाए, ताकि अधिक किसान दलहन खेती अपनाने के लिए प्रेरित हों. उन्होंने यह भी बताया कि असम में छोटे चाय बागान मालिकों को एग्रीस्टैक के तहत फार्मर आईडी मिलनी शुरू हो गई है. ऐसे में उन्हें भी पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए, जिससे वे भी प्रत्यक्ष आय सहायता का लाभ उठा सकें.

कस्टम हायरिंग और मृदा स्वास्थ्य पर जोर

पीयूष हजारिका ने बताया कि असम सरकार खेती को आधुनिक  और लाभकारी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कर रही है. राज्य में अधिक उत्पादन वाले विलेज क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जबकि फसल कटाई के बाद भंडारण और प्रसंस्करण से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है. इसके साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं. मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आंकड़ों को किसान फील्ड स्कूलों से जोड़कर किसानों को वैज्ञानिक खेती, संतुलित पोषण प्रबंधन और बेहतर उत्पादकता के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है. सम्मेलन में केंद्र और राज्यों ने डिजिटल कृषि तथा दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयासों पर सहमति जताई.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 23 Aug, 2026 | 11:07 AM

लेटेस्ट न्यूज़