बंजर जमीन पर करें इस विदेशी फल की खेती, किसानों के लिए है ‘लाल सोना’!

Dragon Fruit Cultivation: ऊसर और अनुपयोगी जमीन अब किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन सकती है. ड्रैगन फ्रूट ऐसी फसल है जो कम उपजाऊ मिट्टी और कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है. सही रोपण तकनीक और जैविक खाद के उपयोग से किसान बंजर भूमि को लाभदायक खेती में बदल सकते हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 28 Feb, 2026 | 08:30 PM

Dragon Fruit Farming: अब किसानों के लिए बंजर और अनुपयोगी जमीन बोझ नहीं, बल्कि कमाई का सुनहरा अवसर बन सकती है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ड्रैगन फ्रूट ऐसी फसल है, जिसे लगभग हर प्रकार की मिट्टी में उगाया जा सकता है. खास बात यह है कि इसकी जड़ें जमीन में बहुत गहराई तक नहीं जातीं, जिससे कम उपजाऊ या ऊसर भूमि में भी इसका उत्पादन संभव है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि सालों से खाली पड़ी जमीन पर यह फसल लगाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर सकते हैं.

क्यों खास है ड्रैगन फ्रूट?

डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि, ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए ज्यादा उपजाऊ मिट्टी की जरूरत नहीं होती. इस पौधे की जड़ें सतह से लगभग एक फुट तक ही फैलती हैं, इसलिए इसे गहरी और भारी खाद वाली जमीन की आवश्यकता नहीं पड़ती. कम पानी और सामान्य देखभाल में भी यह पौधा अच्छी तरह विकसित होता है. यही कारण है कि पथरीली, ऊसर या अधिक पीएच वाली जमीन भी इसके लिए उपयुक्त मानी जाती है.

मिट्टी का चयन और खेती की शुरुआत

ड्रैगन फ्रूट की सबसे बड़ी खूबी इसकी अनुकूलन क्षमता है. यदि खेत की मिट्टी खेती के लिए सही नहीं मानी जाती या सालों से खाली पड़ी है, तो भी इस फसल को अपनाया जा सकता है. रोपण से पहले खेत में पोल (खंभे) लगाए जाते हैं, क्योंकि यह पौधा बेलनुमा होता है और सहारे की जरूरत होती है. पोल के आसपास की मिट्टी को हल्का और पोषक तत्वों से भरपूर बनाना जरूरी है. इसके लिए गड्ढे में बालू और जैविक खाद का मिश्रण डालना फायदेमंद रहता है. इससे जड़ों को फैलने में आसानी होती है और पौधा तेजी से बढ़ता है.

रोपण की तकनीक और खाद प्रबंधन

बंजर भूमि में सफल खेती के लिए शुरुआत में सही तकनीक अपनाना जरूरी है. पोल लगाने के बाद उसके चारों ओर तैयार किए गए गड्ढों में बालू और गोबर की सड़ी खाद मिलाकर पौधे लगाए जाते हैं.

यह मिश्रण शुरुआती विकास के लिए जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है. एक बार पौधा मजबूत हो जाए तो उसे बहुत अधिक देखभाल की आवश्यकता नहीं रहती. सीमित सिंचाई और समय-समय पर हल्की खाद देने से पौधा लंबे समय तक फल देता रहता है.

कम लागत में ज्यादा मुनाफा

पिछले कुछ सालों के अनुभव बताते हैं कि जिन किसानों ने अपनी अनुपयोगी जमीन पर ड्रैगन फ्रूट लगाया, उन्हें उम्मीद से अधिक लाभ हुआ. बाजार में इस फल की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को अच्छा मूल्य मिलता है. कम पानी, कम खाद और सीमित देखभाल के बावजूद यह फसल कई वर्षों तक उत्पादन देती है. इससे न केवल बंजर जमीन हरी-भरी होती है, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है.

किसानों के लिए टिकाऊ विकल्प

यदि किसान अपनी ऊसर जमीन का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो ड्रैगन फ्रूट की खेती एक टिकाऊ और लाभकारी विकल्प बन सकती है. सही तकनीक और शुरुआती देखभाल के साथ यह फसल लंबे समय तक आय का स्रोत बनी रहती है.

बदलते समय में पारंपरिक फसलों के साथ-साथ ऐसी नई और व्यावसायिक खेती अपनाना किसानों के लिए भविष्य में स्थायी मुनाफे का रास्ता खोल सकता है.

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Published: 28 Feb, 2026 | 08:30 PM

खीरे की फसल के लिए किस प्रकार की मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है?