Papaya Farming : खेत में हरियाली हो, पेड़ों पर लटकते पीले-हरे पपीते हों और मंडी तक जाने की जरूरत भी न पड़े-ऐसा सपना हर किसान देखता है. आज के समय में जब पारंपरिक खेती से मुनाफा कम हो रहा है, तब किसान फल-सब्जी की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. इन्हीं फसलों में पपीता एक ऐसी खेती है, जो कम समय में ज्यादा कमाई का भरोसा देती है. लेकिन पपीते की खेती में असली खेल सही समय का है. अगर मौसम चूक गया, तो मुनाफा भी हाथ से निकल सकता है.
खेती में बदलाव क्यों जरूरी है
आज का किसान वही सफल है, जो समय और मौसम के साथ खुद को बदलता है. पहले जहां किसान सिर्फ गेहूं-धान पर निर्भर थे, अब वे फल और सब्जी की खेती को अपनाने लगे हैं. पपीता इसी बदलाव का बड़ा उदाहरण है. यह फसल जल्दी तैयार होती है, बाजार में इसकी मांग बनी रहती है और कच्चा-पका दोनों रूप में बिक जाती है. यही वजह है कि किसान इसे कम समय, ज्यादा फायदा वाली फसल मानते हैं.
साल में कितनी बार लगाई जाती है पपीते की खेती
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पपीते की खेती साल में तीन बार की जा सकती है. पहला समय फरवरी के अंतिम सप्ताह से शुरू होता है. दूसरा समय जुलाई माना जाता है और तीसरा सितंबर. हालांकि, हर समय की अपनी सीमाएं हैं. जुलाई में अगर आपका इलाका बाढ़ग्रस्त है, तो इस मौसम में पपीता लगाना नुकसानदेह हो सकता है. वहीं सितंबर में लगाने पर पौधों की बढ़वार अपेक्षाकृत कम रहती है.
सबसे अच्छा मौसम कौन सा है पपीते के लिए
अगर सबसे ज्यादा पैदावार और बेहतर मुनाफा चाहिए, तो फरवरी के आखिरी हफ्ते से मार्च का महीना पपीते की खेती के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इस समय तापमान और मौसम दोनों पपीते के अनुकूल होते हैं. पौधों की ग्रोथ अच्छी होती है और फलन भी ज्यादा मिलता है. मार्च में लगाए गए पौधों से मई-जून तक फल आने लगते हैं, जब बाजार में पपीते के दाम भी अच्छे मिलते हैं.
खेत से ही बिक जाती है फसल, बाजार की चिंता नहीं
पपीते की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बेचने के लिए किसान को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती. एक बार मंडी में खबर फैलते ही व्यापारी खुद खेत तक पहुंच जाते हैं. फिलहाल बाजार में पपीते का भाव करीब 40 रुपये किलो चल रहा है. गर्मी के दिनों में इसकी कीमत और बढ़ जाती है. यही कारण है कि किसान इसे सुरक्षित और फायदेमंद खेती मान रहे हैं. ऐसे में अगर आप सही समय पर पपीता लगाते हैं, तो यह फसल आपके खेत को भी चमकाएगी और आपकी जेब को भी.