टमाटर की अगेती खेती से किसानों की बदलेगी किस्मत, बाजार में मिलती है जबरदस्त कीमत

अगेती टमाटर की खेती किसानों के लिए मुनाफे का बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है. सही समय पर बीज बोने और वैज्ञानिक तरीके अपनाने से फसल जल्दी बाजार में पहुंचती है. जब आवक कम होती है, तब टमाटर की कीमत ज्यादा मिलती है, जिससे कम लागत में बेहतर आमदनी संभव होती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 4 Jan, 2026 | 08:00 PM

Early Tomato Farming : खेती में अगर सही समय और सही तरीका मिल जाए, तो वही फसल किसानों के लिए सोने की खान बन जाती है. टमाटर ऐसी ही एक फसल है, जिसकी मांग सालभर बनी रहती है. खास बात यह है कि अगर टमाटर की अगेती खेती की जाए, तो किसान बाजार में सबसे पहले अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं और उन्हें आम दिनों से कहीं ज्यादा दाम मिलते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वैज्ञानिक तरीके से की गई अगेती टमाटर खेती कम समय में ज्यादा मुनाफा देने वाली साबित हो रही है.

अगेती टमाटर खेती क्यों है ज्यादा फायदेमंद

मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि अगेती टमाटर की खेती  का सबसे बड़ा फायदा यह है कि फसल उस समय तैयार होती है, जब बाजार में टमाटर की आवक कम होती है. ऐसे में मांग ज्यादा और सप्लाई कम होने से कीमतें अपने आप बढ़ जाती हैं. सामान्य खेती की तुलना में अगेती फसल से किसानों को प्रति क्विंटल बेहतर भाव मिलता है. यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में किसान इस तकनीक की ओर रुख कर रहे हैं.

बीज और नर्सरी की सही तैयारी है सफलता की कुंजी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगेती टमाटर  की खेती के लिए दिसंबर से जनवरी के बीच बीज बोना सबसे सही माना जाता है. इस समय तैयार की गई नर्सरी से फरवरी-मार्च में रोपाई की जाती है. अच्छी पैदावार के लिए उन्नत और संकर किस्मों के बीज का चयन बेहद जरूरी है. पॉलीहाउस में की गई खेती में उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर मिलती हैं, वहीं खुले खेतों के लिए भी कई उन्नत किस्में उपलब्ध हैं, जो मौसम के अनुसार अच्छा प्रदर्शन करती हैं.

खाद और पोषण प्रबंधन से बढ़ेगी पैदावार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टमाटर की अच्छी फसल के लिए खेत की तैयारी बहुत अहम होती है. रोपाई से करीब एक महीने पहले खेत में अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाना जरूरी माना जाता है. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं. इसके साथ ही नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश की संतुलित मात्रा देने से पौधों की बढ़वार और फलन बेहतर होता है. विशेषज्ञों के अनुसार, खाद की टॉप ड्रेसिंग दो चरणों में करने से उत्पादन में साफ फर्क नजर आता है.

सही सिंचाई और देखभाल से मिलेगा ज्यादा मुनाफा

मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि टमाटर की फसल में समय पर सिंचाई  और रोग-कीट नियंत्रण बेहद जरूरी है. जरूरत से ज्यादा या कम पानी दोनों ही फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं. नियमित निगरानी, वैज्ञानिक सलाह और सही देखभाल अपनाकर किसान कम समय में अच्छी गुणवत्ता का टमाटर तैयार कर सकते हैं. यही कारण है कि अगेती टमाटर की खेती आज किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा कमाई का मजबूत जरिया बनती जा रही है.

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Published: 4 Jan, 2026 | 08:00 PM

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