बर्ड फ्लू से घबराएं नहीं! बिहार सरकार ने बताया चिकन-अंडा खाने का सही तरीका

बर्ड फ्लू को लेकर लोगों के मन में फैल रही आशंकाओं के बीच बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के पशुपालन निदेशालय ने जरूरी परामर्श जारी किया है. विभाग ने कहा है कि चिकन और अंडे को अच्छी तरह साफ कर 70°C तापमान पर पकाकर खाने से कोई खतरा नहीं होता.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 9 Mar, 2026 | 02:42 PM

Bird flu advisory Bihar: देश के कई हिस्सों में समय समय पर बर्ड फ्लू की आशंका सामने आती रहती है. ऐसी खबरें आते ही लोगों के मन में चिकन और अंडा खाने को लेकर डर और भ्रम पैदा हो जाता है. कई लोग यह मान लेते हैं कि बर्ड फ्लू के दौरान चिकन और अंडा खाना पूरी तरह से असुरक्षित है. इसी तरह की गलतफहमियों को दूर करने के लिए बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अंतर्गत पशुपालन निदेशालय ने लोगों के लिए जरूरी परामर्श जारी किया है. विभाग ने कहा है कि यदि कुछ जरूरी सावधानियों का पालन किया जाए तो चिकन और अंडे का सेवन सुरक्षित रूप से किया जा सकता है.

पशुपालन निदेशालय ने अपने परामर्श में बताया है कि अंडे और मुर्गियों को पकाने से पहले अच्छी तरह से साफ करना और उन्हें पूरी तरह पकाकर खाना बेहद जरूरी है. वैज्ञानिक जानकारी के अनुसार बर्ड फ्लू का वायरस लगभग 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर नष्ट हो जाता है. इसलिए अगर चिकन और अंडे को सही तापमान पर अच्छी तरह पकाया जाए तो इन्हें खाने से किसी प्रकार का खतरा नहीं होता. विभाग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें, साफ सफाई का ध्यान रखें और सुरक्षित तरीके से भोजन का सेवन करें.

चिकन और अंडा खाने से न घबराएं

पशुपालन निदेशालय के अनुसार बर्ड फ्लू  की खबरें सामने आने के बाद अक्सर लोग चिकन और अंडा खाना बंद कर देते हैं. हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है. अगर चिकन और अंडे को सही तरीके से पकाया जाए, तो यह पूरी तरह सुरक्षित रहता है. विभाग ने बताया कि चिकन और अंडा प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं और इन्हें छोड़ने की आवश्यकता नहीं है. सिर्फ यह जरूरी है कि इन्हें साफ सफाई और सही तापमान पर पकाकर ही खाया जाए. इससे बर्ड फ्लू वायरस का खतरा खत्म हो जाता है.

पकाने से पहले अच्छी तरह करें सफाई

पशुपालन निदेशालय ने लोगों को सलाह दी है कि अंडे और मुर्गियों  को पकाने से पहले उनकी अच्छी तरह से सफाई करें. कई बार लोग बिना साफ किए ही इन्हें सीधे पकाने लगते हैं, जो सही तरीका नहीं माना जाता. अंडे और चिकन को साफ पानी से धोकर ही पकाना चाहिए. इससे उन पर मौजूद गंदगी या संभावित वायरस का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है. साफ सफाई का ध्यान रखने से बीमारी के फैलने की संभावना भी घट जाती है.

सफाई के बाद हाथ धोना जरूरी

विभाग ने ये भी कहा है कि अंडे और चिकन की सफाई के बाद अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए. कई बार लोग कच्चे चिकन को छूने के बाद बिना हाथ धोए ही दूसरे काम करने लगते हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि चिकन या अंडे को छूने के बाद  कम से कम 20 सेकेंड तक साबुन से हाथ धोएं. इससे किसी भी तरह के वायरस या बैक्टीरिया से बचाव किया जा सकता है.

70 डिग्री तापमान पर नष्ट हो जाता है वायरस

पशुपालन निदेशालय ने जानकारी दी है कि सामान्य तौर पर बर्ड फ्लू का वायरस 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर नष्ट हो जाता है. इसका मतलब है कि अगर चिकन और अंडे को अच्छी तरह पकाया जाए, तो वायरस के जीवित रहने की संभावना नहीं रहती. इसी वजह से विशेषज्ञ हमेशा यह सलाह देते हैं कि चिकन को अधपका या कच्चा न खाएं. उसे पूरी तरह पकाकर ही खाना चाहिए. इसी तरह अंडों को भी अच्छी तरह उबालकर या पका कर ही सेवन करना सुरक्षित माना जाता है.

संक्रमित क्षेत्र में भी पकाकर खाना सुरक्षित

पशुपालन निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी इलाके में बर्ड फ्लू रोग  की पुष्टि हो जाती है, तब भी घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसे स्थानों पर भी अगर चिकन और अंडे को 70 डिग्री तापमान पर ठीक तरह से पकाया जाए, तो उन्हें खाने में कोई नुकसान नहीं होता. हालांकि, विभाग ने लोगों से यह अपील जरूर की है कि वे केवल प्रमाणित और भरोसेमंद स्थानों से ही चिकन और अंडे खरीदें. साथ ही घर में साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें और भोजन को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं.

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