अब आपके जिले में ही लगेगा मवेशी मेला, पशुपालकों को नहीं जाना पड़ेगा दूर

राजस्थान सरकार अब हर जिले में पशु मेले लगाएगी. पहले चरण में 11 जिलों का चयन हुआ है. इन मेलों में पशुपालक मवेशियों की खरीद-बिक्री, टीकाकरण, इलाज और सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे.

धीरज पांडेय
नोएडा | Published: 6 Jun, 2025 | 09:23 PM

राजस्थान सरकार ने पशुपालकों के लिए एक बड़ी राहत भरी पहल की है. अब प्रदेश के हर जिले में चरणबद्ध तरीके से पशु मेलों का आयोजन किया जाएगा, जिससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले छोटे किसान और पशुपालक भी अच्छी नस्ल के पशुओं और पशुपालन से जुड़ी आधुनिक जानकारी तक आसानी से पहुंच सकें. पशुपालन, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि अब तक राज्य में हर साल केवल 10 राज्य स्तरीय पशु मेले आयोजित किए जाते थे. इन मेलों में बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग आते हैं, जिससे लोक कला, ग्रामीण संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है. लेकिन इन बड़े मेलों में सभी जिलों से पशुपालकों की भागीदारी नहीं हो पाती थी, खासकर दूरदराज के इलाकों से आने वाले छोटे किसानों की. इसी वजह से राज्य सरकार ने अब जिला स्तर पर भी पशु मेले आयोजित करने का फैसला लिया है.

सरकार ने दी जानकारी

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने अपने पहले ही बजट में इस योजना की घोषणा की थी, जिसे अब चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है. पहले चरण में 11 जिलों का चयन किया गया है, जिनमें जोधपुर, जैसलमेर, जयपुर, चुरू, बीकानेर, उदयपुर, राजसमंद, पाली, सिरोही, झुंझुनूं और जालोर शामिल हैं.

इन जिलों में अलग-अलग तारीखों पर मेले आयोजित किए जाएंगे. इन मेलों में पशुपालक अपने पशुओं को बेचने, खरीदने, टीकाकरण करवाने और नस्ल सुधार से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी लाभ ले सकेंगे. इसके अलावा, इन मेलों में ग्रामीण संस्कृति को दर्शाने वाले कार्यक्रम, खेल-कूद और स्थानीय कला की झलक भी देखने को मिलेगी. मंत्री कुमावत ने बताया कि चुरू जिले के तालछापर में पहला जिला स्तरीय मेला सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है. इसके बाद आगामी मेलों की रूपरेखा तय कर दी गई है.

क्या है पशु मेले का शेड्यूल?

8 से 17 सितंबर को झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ में बदराना पशु मेला, 13 से 17 सितंबर को राजसमंद के रेलमगरा में समेलिया महादेव पशु मेला, 6 से 10 अक्टूबर को जयपुर के देवगांव में नईनाथ पशु मेला, 20 से 24 जनवरी को जैसलमेर के पोकरण में बाबा रामदेव पशु मेला, 28 जनवरी से 1 फरवरी तक जोधपुर के बड़ली में भैरूजी पशु मेला, 7 से 12 फरवरी को बीकानेर के लूणकरणसर में लूणकरणसर पशु मेला लगेगा.

इसके बाद 15 से 19 फरवरी को पाली के सांडेराव में श्रीनिंबेश्वर महादेव पशु मेला और जालोर के सायला में मां कात्यायनी देवी पशु मेला, 16 से 20 फरवरी को उदयपुर के जूनावास, खेमली में अंजना माता पशु मेला, 25 फरवरी से 1 मार्च तक सिरोही जिले के मंडार में लीलाधारी महादेव पशु मेला आयोजित किया जाएगा. सरकार की इस नई पहल से ना केवल पशुपालकों को घर के पास ही पशु मेले की सुविधा मिलेगी, बल्कि पशुधन की गुणवत्ता भी बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

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