बकरियों को रोज दें नमक और मिनरल मिक्स, दूध उत्पादन बढ़ेगा और बीमारी का खतरा होगा कम

पशुपालन और डेयरी विभाग ने बकरी पालकों को संतुलित पोषण अपनाने की सलाह दी है. विशेषज्ञों के अनुसार, नमक और मिनरल मिक्स देने से बकरियों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ती है और दूध व मांस उत्पादन में सुधार देखने को मिलता है. इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 4 May, 2026 | 11:27 AM

Goat Farming: बकरियों के अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर उत्पादन के लिए संतुलित पोषण बेहद जरूरी है. केवल हरा चारा या सूखा भूसा खिलाने से बकरियों को सभी जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते. ऐसे में रोज़ाना नमक और मिनरल मिक्स देना जरूरी माना गया है. विभाग का कहना है कि खनिज तत्व बकरियों के शरीर की सही वृद्धि, हड्डियों की मजबूती और शरीर की अंदरूनी क्रियाओं को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं. इससे पशु लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं और किसानों को अधिक लाभ मिलता है.

नमक और मिनरल मिक्स से मिलते हैं कई बड़े फायदे

पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार,, मिनरल मिक्स  में कैल्शियम, फॉस्फोरस, जिंक, मैग्नीशियम और सेलेनियम जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं, जो बकरियों के शरीर के लिए बेहद आवश्यक हैं. इन खनिजों की कमी होने पर बकरियों में कमजोरी, कम वजन, दूध उत्पादन में गिरावट और प्रजनन संबंधी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं. पशुपालन विभाग का कहना है कि नियमित रूप से नमक और मिनरल मिक्स देने से बकरियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. इससे वे जल्दी बीमार नहीं पड़तीं और उनका विकास भी तेजी से होता है. इसके अलावा बकरियों में भूख बढ़ती है, शरीर का विकास अच्छा होता है और दूध व मांस उत्पादन में सुधार देखने को मिलता है. यही वजह है कि अब विभाग किसानों को संतुलित खनिज आहार अपनाने के लिए जागरूक कर रहा है.

प्रजनन क्षमता और बच्चों की वृद्धि में भी मददगार

विशेषज्ञ बताते हैं कि मिनरल मिक्स का असर केवल दूध और मांस उत्पादन  तक सीमित नहीं है. यह बकरियों की प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है. खनिज तत्वों की पर्याप्त मात्रा मिलने से बकरियों में समय पर गर्भधारण की संभावना बढ़ती है और बच्चे भी स्वस्थ पैदा होते हैं.
इसके साथ ही छोटे बकरी बच्चों की हड्डियां मजबूत बनती हैं और उनका शारीरिक विकास तेजी से होता है. अगर शुरुआती अवस्था से ही संतुलित पोषण दिया जाए तो बकरियों की उत्पादन क्षमता लंबे समय तक बनी रहती है. विभाग का कहना है कि छोटे स्तर पर बकरी पालन करने वाले किसानों को भी इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि सही पोषण से कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है.

पशुपालन विभाग किसानों को कर रहा जागरूक

पशुपालन और डेयरी विभाग  लगातार किसानों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन अपनाने के लिए जागरूक कर रहा है. विभाग का कहना है कि बकरियों को रोज़ाना तय मात्रा में नमक और मिनरल मिक्स देना चाहिए. इसे चारे या दाने में मिलाकर आसानी से खिलाया जा सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, संतुलित पोषण अपनाने से पशुओं की सेहत बेहतर रहती है, इलाज का खर्च कम होता है और उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में भी वृद्धि होती है. यही कारण है कि विभाग संतुलित खनिज, स्वस्थ बकरी, बेहतर उत्पादन का संदेश किसानों तक पहुंचा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन आय का बड़ा साधन बनता जा रहा है. ऐसे में अगर किसान पोषण प्रबंधन पर ध्यान दें और नियमित रूप से मिनरल मिक्स का उपयोग करें, तो वे कम समय में बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा हासिल कर सकते हैं.

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