ऊंट बीमार तो नुकसान भारी! सर्रा और मेन्ज से बचाने के आसान तरीके आज ही जानिए

ऊंट पशुपालन करने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य देखभाल सबसे जरूरी मानी जाती है. सही आहार, साफ पानी, नियमित टीकाकरण और समय पर इलाज से खतरनाक बीमारियों से बचाव संभव है. थोड़ी सावधानी और साफ-सफाई से ऊंट लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं. इससे पशुपालकों की आय सुरक्षित रहती और आर्थिक नुकसान कम होता.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 14 Feb, 2026 | 12:46 PM

Camel Health: रेगिस्तान की रेत पर जब ऊंट अपनी धीमी और मजबूत चाल से चलता है, तो वह सिर्फ एक जानवर नहीं बल्कि कई परिवारों की रोजी-रोटी का सहारा होता है. खासकर राजस्थान में ऊंट को सम्मान की नजर से देखा जाता है. लेकिन बदलते मौसम और लापरवाही के कारण ऊंटों में कुछ खतरनाक बीमारियां तेजी से फैल रही हैं.  लेकिन सर्रा और मेन्ज रोग ऊंटों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं, अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए.

संतुलित आहार और पानी है पहली जरूरत

राजस्थान पशुपालन विभाग के अनुसार, ऊंटों को स्वस्थ  रखने के लिए सबसे जरूरी है संतुलित और पौष्टिक आहार. उनके खाने में मिनरल मिक्सचर, मटर का भूसा, मूंग-मोठ, ग्वार का चारा, सरसों और तारामीरा जैसे पोषक तत्व शामिल करने चाहिए. इसके अलावा मक्का, जई, बाजरा, जौ, बिनौला, गेहूं की चोकर और पिसा हुआ चना भी दिया जा सकता है. ऊंट को रोजाना 20 से 40 लीटर साफ और ताजा पानी मिलना चाहिए. पानी की कमी से उनका पाचन तंत्र  कमजोर हो सकता है और शरीर में कमजोरी आ सकती है. खाने में थोड़ा नमक मिलाना भी जरूरी माना जाता है.

सर्रा रोग- दिखते ही कराएं इलाज

सर्रा रोग एक खतरनाक बीमारी  है जो खून में परजीवी के कारण फैलती है. इसे तिबरसा या गलत्या भी कहा जाता है. इस बीमारी में ऊंट को तेज बुखार, कमजोरी, खून की कमी और कूबड़ का छोटा होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. कई बार आंखें धुंधली हो जाती हैं और शरीर में सूजन भी आ सकती है. अगर ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत इलाज जरूरी है. देरी होने पर ऊंट की जान को खतरा हो सकता है. इस बीमारी को फैलाने वाली मक्खियों से बचाव के लिए साफ-सफाई और कीटनाशक का छिड़काव जरूरी है.

मेन्ज रोग सर्दियों में ज्यादा खतरनाक

मेन्ज रोग सर्दियों में ज्यादा फैलता है. इस बीमारी में ऊंट के बाल झड़ने लगते हैं, त्वचा काली पड़ जाती है और वह अपने शरीर को दीवार या पेड़ से रगड़ता रहता है. यह बीमारी धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल सकती है. इसके इलाज के लिए दवा का स्प्रे किया जाता है, लेकिन यह काम डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए. लापरवाही से बीमारी और बढ़ सकती  है.

नियमित जांच और साफ वातावरण से होगा बचाव

पशुपालन विभाग ने बताया है कि हर तीन महीने में कृमिनाशन करवाना चाहिए. समय पर टीकाकरण और जरूरी इंजेक्शन लगवाने से भी इन बीमारियों से बचाव हो सकता है. ऊंटों के रहने की जगह साफ और सूखी होनी चाहिए. गंदगी से परजीवी जल्दी फैलते हैं. अगर ऊंट स्वस्थ  रहेगा तो उसकी ताकत और काम करने की क्षमता भी बनी रहेगी. सही देखभाल से पशुपालक आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं और ऊंटों की संख्या भी सुरक्षित रह सकती है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़

Traders Are Protesting Against Wheat Procurement Rules In Rajasthan

राजस्थान में गेहूं खरीदी नियम का विरोध, व्यापारियों ने सरकार को दी चेतावनी.. कर डाली ये मांग

Red Dried Chili Prices Rise Rs 22000 Per Quintal In Guntur Market Red Dried Chili Prices Hike

देश की सबसे बड़ी मंडी में 22000 रुपये क्विंटल हुई लाल सूखी मिर्च, मार्केट में पहुंची 1186 टन उपज

How Keep Dairy Cows Safe In Summer Proper Care Reduce Heat Stress And Improve Milk Production

गर्मी में दुधारू गायों को ऐसे रखें सुरक्षित, सही देखभाल से हीट स्ट्रेस घटेगा और दूध उत्पादन भी रहेगा बेहतर

Mohan Yadav Announces A Major Gift Farmers A Wheat Bonus Jitu Patwari Issues An Open Warning To Government

मोहन यादव का किसानों को बड़ा तोहफा, गेहूं बोनस देने का ऐलान; जीतू पटवारी ने सरकार को दी खुली चेतावनी

Nuclear Explosion Will Reduce Yields Affect Fish And Livestock And Deepen The Food Crisis

परमाणु विस्फोट से घट जाएगी पैदावार, मछली और मवेशियों पर भी पड़ेगा असर.. गहरा जाएगा खाद्य संकट

Goat Farming Vulnerable Dangerous Diseases Which Can Lead Death Within 4 To 24 Hours Warns Scientist Dr Y K Soni

बकरी पालन में खतरनाक बीमारी का खतरा.. 4 से 24 घंटे में हो सकती मौत, वैज्ञानिक डॉ. वाई के सोनी की चेतावनी