यहां बन रहा 70 करोड़ का फिश मॉल, घटेगी लागत और मछलीपालकों की बढ़ेगी कमाई

बिहार के मोहनपुर में जल्द ही 70 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक फिश मॉल बनने जा रहा है. यहां मछलीपालकों को जरूरी सामान, प्रशिक्षण और कोल्ड स्टोरेज की सुविधा एक ही जगह मिलेगी. साथ ही यह स्थान पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का नया केंद्र बनेगा और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगा.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 13 Feb, 2026 | 05:10 PM

Fisheries Development:  मछलीपालन को आसान और ज्यादा लाभदायक बनाने के लिए बिहार में एक बड़ी पहल की जा रही है. अब मछलीपालकों को अपने काम से जुड़ी हर जरूरी सुविधा के लिए अलग-अलग जगह भटकना नहीं पड़ेगा. बिहार के मोहनपुर में बनने वाला आधुनिक फिश मॉल मछलीपालकों को बाजार, प्रशिक्षण और भंडारण जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा. इससे मछलीपालन का काम अधिक संगठित और लाभदायक बनने की उम्मीद है. सरकार का मानना है कि इस प्रोजेक्ट से मछलीपालकों की कमाई बढ़ेगी और उन्हें अपने उत्पाद के लिए बेहतर बाजार मिल सकेगा.

70 करोड़ की लागत से बनेगा फिश मॉल

पशुपालन विभाग  के अनुसार, बिहार के मोहनपुर में लगभग 3.80 एकड़ जमीन पर करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से इस फिश मॉल का निर्माण प्रस्तावित है. जमीन का निरीक्षण पूरा हो चुका है और अब डिजाइन और लागत से जुड़े अंतिम प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं. मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. यह फिश मॉल आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिससे मछलीपालन  से जुड़े कारोबार को एक नई दिशा मिलेगी. सरकार की योजना है कि यह केंद्र मछलीपालन गतिविधियों का प्रमुख हब बने.

एक ही जगह मिलेंगी जरूरी सामग्री

फिश मॉल बनने से मछलीपालकों को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उन्हें मछलीपालन से जुड़े सभी जरूरी सामान एक ही जगह मिल जाएंगे. जाल, दवाइयां, फीड, उपकरण और अन्य सामग्री खरीदने के लिए अलग-अलग बाजार नहीं जाना पड़ेगा. इमारत में कोल्ड स्टोरेज की सुविधा भी होगी, जिससे मछलियों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा. इससे मछली खराब  होने का खतरा कम होगा और मछलीपालकों को सही समय पर बेचने का मौका मिलेगा. इस व्यवस्था से लागत कम होगी और काम आसान बनेगा.

प्रशिक्षण से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता

फिश मॉल में प्रशिक्षण और सेमिनार के लिए विशेष हॉल बनाया जाएगा. यहां मछलीपालकों को नई तकनीकों, बेहतर प्रबंधन और आधुनिक पालन तरीकों की जानकारी दी जाएगी. विशेषज्ञों द्वारा दिए जाने वाले प्रशिक्षण से मछलीपालक उत्पादन बढ़ाने और बीमारी से बचाव के तरीके सीख सकेंगे. इससे उनकी आय में वृद्धि होने की संभावना है. सरकार का उद्देश्य मछलीपालन को पारंपरिक काम से आगे बढ़ाकर एक आधुनिक व्यवसाय बनाना है.

बाजार और कमाई के नए अवसर

फिश मॉल बनने से मछलीपालकों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर बाजार मिलेगा. कोल्ड स्टोरेज और अन्य सुविधाओं के कारण मछलियों की गुणवत्ता  बनी रहेगी, जिससे बाजार में अच्छी कीमत मिल सकेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि जब मछलीपालकों को तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार एक साथ मिलते हैं, तो उनका काम ज्यादा लाभदायक बनता है. मोहनपुर में बनने वाला यह फिश मॉल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. आने वाले समय में यह परियोजना मछलीपालकों की आय बढ़ाने और मछलीपालन क्षेत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

कच्चे आम का खट्टापन किस कारण होता है?