Quality Milk : सुबह की शुरुआत अगर एक गिलास शुद्ध दूध से हो, तो दिन अपने आप बेहतर लगने लगता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह दूध कितना साफ, सुरक्षित और सेहतमंद है? बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के पशुपालन निदेशालय ने इसी सवाल का जवाब ढूंढते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी है. इसका मकसद है-लोगों को शुद्ध दूध मिले और किसानों की आमदनी भी बढ़े.
उन्नत नस्ल के पशुओं से बढ़ेगा दूध उत्पादन
अच्छे दूध की शुरुआत अच्छे पशु से होती है. अगर गाय या भैंस की नस्ल उन्नत है, तो दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों बेहतर होती हैं. बिहार सरकार किसानों को उन्नत नस्ल के पशु पालने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. ऐसे पशु कम चारे में भी ज्यादा और पौष्टिक दूध देते हैं. साथ ही, उनकी सेहत भी बेहतर रहती है, जिससे इलाज पर खर्च कम होता है.
आधुनिक तकनीकों से बनेगा दूध ज्यादा शुद्ध
आज के समय में सिर्फ मेहनत ही नहीं, समझदारी भी जरूरी है. दुग्ध उत्पादन में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने से दूध ज्यादा साफ और सुरक्षित बनता है. दूध निकालते समय साफ बर्तन, स्वच्छ हाथ और मशीनों का सही उपयोग बेहद जरूरी है. इसके अलावा, दूध को तुरंत ठंडा करना और सही तापमान पर रखना भी उसकी गुणवत्ता बनाए रखता है.
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प्रसंस्करण तकनीकों से बढ़ेगी दूध की कीमत
दूध को सीधे बेचने के बजाय अगर सही तरीके से प्रोसेस किया जाए, तो उसकी कीमत बढ़ सकती है. पाश्चराइजेशन जैसी तकनीक से दूध ज्यादा समय तक खराब नहीं होता और सेहत के लिए भी सुरक्षित रहता है. इससे किसान शहरों और दूर-दराज के इलाकों में भी दूध भेज सकते हैं और बेहतर दाम पा सकते हैं.
पैकेजिंग और वितरण पर भी दें ध्यान
अच्छा दूध तभी लोगों तक पहुंचेगा, जब उसकी पैकेजिंग और वितरण सही होगा. साफ-सुथरी पैकिंग दूध को खराब होने से बचाती है और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ाती है. सही समय पर दूध पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है. इससे ग्राहक जुड़े रहते हैं और बाजार में पहचान बनती है.
किसानों के लिए सुनहरा मौका
बिहार सरकार का यह प्रयास किसानों के लिए एक सुनहरा मौका है. अगर किसान उन्नत नस्ल, आधुनिक तकनीक, सही प्रसंस्करण और अच्छी पैकेजिंग पर ध्यान दें, तो न सिर्फ लोगों को शुद्ध दूध मिलेगा, बल्कि किसानों की कमाई भी बढ़ेगी. साफ दूध, स्वस्थ लोग और खुशहाल किसान-यही इस पहल का असली लक्ष्य है.