Cow breeds: आज के समय में खेती के साथ-साथ पशुपालन किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए कमाई का मजबूत जरिया बनता जा रहा है. खासकर देसी गाय का पालन अब सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक फायदे का सौदा बन चुका है. देसी गाय का दूध, दही, घी और छाछ बाजार में अच्छे दाम पर बिकता है, क्योंकि लोग अब सेहत को लेकर ज्यादा जागरूक हो गए हैं और A2 दूध की मांग लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि सही नस्ल की देसी गाय चुन ली जाए, तो महीने भर में लाखों रुपये तक की कमाई संभव हो सकती है.
देसी गाय के दूध की बढ़ती मांग
देसी गाय का दूध पचाने में आसान माना जाता है और इससे बना घी-दही औषधीय गुणों से भरपूर होता है. शहरों में देसी गाय के दूध की कीमत 70 से 120 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच रही है. ऐसे में अगर किसी किसान या पशुपालक के पास 10–15 अच्छी नस्ल की गाय हों, तो नियमित दूध बिक्री से अच्छी आमदनी हो सकती है. सबसे जरूरी बात यह है कि सही नस्ल का चयन किया जाए, जो कम देखभाल में भी ज्यादा दूध दे सके.
गिर गाय: दूध और सुंदरता दोनों में नंबर वन
गिर गाय गुजरात के गिर क्षेत्र से जुड़ी हुई है और इसे देसी नस्लों की शान माना जाता है. इसके लंबे लटकते कान और चित्तीदार लाल रंग की वजह से यह आसानी से पहचानी जाती है. गिर गाय एक बियान में करीब 1500 से 2500 लीटर दूध दे सकती है. रोजाना औसतन 10 से 12 लीटर दूध मिल जाता है. सही खान-पान और देखभाल मिले तो उत्पादन और भी बढ़ सकता है. इसका दूध घी बनाने के लिए खास माना जाता है, जिसकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है.
साहिवाल गाय: कम देखभाल, ज्यादा उत्पादन
साहिवाल गाय को दूध उत्पादन के लिहाज से सबसे भरोसेमंद देसी नस्लों में गिना जाता है. यह गाय गर्मी और उमस दोनों को आसानी से सहन कर लेती है. एक बियान में यह 2000 से 3000 लीटर तक दूध दे सकती है और रोजाना 12 से 16 लीटर दूध मिलना आम बात है. इसका स्वभाव शांत होता है, इसलिए इसे संभालना भी आसान रहता है. A2 दूध की वजह से इसकी मांग शहरों में काफी ज्यादा है.
लाल सिंधी गाय: गर्मी में भी दमदार
लाल सिंधी गाय खासकर गर्म इलाकों के लिए उपयुक्त मानी जाती है. इसका रंग गहरा लाल होता है और यह तेज गर्मी में भी अच्छा दूध देती है. औसतन यह गाय रोजाना 12 से 20 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है. कम बीमार पड़ने की वजह से पशुपालकों का खर्च भी कम आता है और मुनाफा ज्यादा होता है.
थारपारकर गाय: हर मौसम की साथी
थारपारकर गाय राजस्थान के थार इलाके से जुड़ी है और यह गर्मी-सर्दी दोनों मौसम में खुद को आसानी से ढाल लेती है. यह रोजाना 10 से 15 लीटर दूध दे सकती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि कम चारे में भी अच्छा उत्पादन देती है, जिससे पालन लागत घट जाती है.
राठी गाय: छोटे किसानों के लिए फायदेमंद
राठी गाय उन किसानों के लिए अच्छी मानी जाती है, जो सीमित संसाधनों में पशुपालन करना चाहते हैं. यह गाय रोजाना 7 से 12 लीटर दूध देती है. इसका स्वभाव शांत होता है और यह स्थानीय जलवायु में आसानी से ढल जाती है. कम खर्च और स्थिर उत्पादन इसे भरोसेमंद बनाता है.
कांकरेज गाय: दूध के साथ ताकत भी
कांकरेज गाय मजबूत शरीर वाली होती है और दूध के साथ-साथ खेतों के काम में भी मददगार रहती है. यह रोजाना 6 से 10 लीटर दूध देती है. इसका दूध भी A2 श्रेणी का होता है, जिसकी मांग लगातार बढ़ रही है.