Today’s Insights: पशु को दे रहे बढ़िया चारा फिर भी कम दूध? डिवर्मिंग की कमी हो सकती बड़ी वजह

सर्दियों में पशुओं का दूध कम होना कई बार पेट के कीड़ों की समस्या से जुड़ा होता है. नियमित डिवर्मिंग कराने से पशु स्वस्थ रहते हैं, पोषण सही तरह मिलता है और दूध उत्पादन बेहतर बना रहता है. ये आसान देखभाल पशुपालकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. समय पर दवा देना जरूरी है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 6 Feb, 2026 | 11:08 AM

Animal Husbandry: सर्दियों का मौसम पशुपालकों के लिए थोड़ा चुनौती भरा हो सकता है. इस समय पशुओं को अच्छा चारा और दाना देने के बावजूद कई बार दूध उत्पादन कम हो जाता है और पशु कमजोर दिखने लगते हैं. ऐसे में पशुपालक अक्सर समझ नहीं पाते कि समस्या आखिर है क्या. इसकी एक बड़ी वजह पशुओं के पेट में होने वाले कीड़े हो सकते हैं, जो धीरे-धीरे उनकी सेहत और उत्पादन क्षमता को प्रभावित करते हैं. इसलिए समय-समय पर डिवर्मिंग कराना पशुओं की देखभाल का जरूरी हिस्सा माना जाता है.

पेट के कीड़े कैसे बनते हैं समस्या

पशुओं के पेट में कीड़े  होना एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या है. ये कीड़े पशु के शरीर में पहुंचकर उसके खाने-पीने से मिलने वाले पोषक तत्वों को सोख लेते हैं. इसका असर यह होता है कि पशु को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता, भले ही उसे अच्छा चारा दिया जा रहा हो. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पेट में कीड़े होने से पशु कमजोर हो सकता है, उसका वजन घट सकता है और दूध उत्पादन  भी कम हो सकता है. कई बार पशु सुस्त रहने लगता है और बार-बार बीमार पड़ता है.

डिवर्मिंग क्यों है जरूरी

डिवर्मिंग यानी पशुओं को कीड़े मारने की दवा देना उनकी सेहत के लिए बेहद जरूरी माना जाता है. यह प्रक्रिया पशु के शरीर में मौजूद हानिकारक कीड़ों को खत्म करती है और उसे अंदर से स्वस्थ बनाती है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर समय पर डिवर्मिंग नहीं कराई जाए तो पशु को दिया गया पोषण पूरी तरह शरीर तक नहीं पहुंच पाता. इससे कुपोषण, कमजोरी और संक्रमण का खतरा  बढ़ जाता है. डिवर्मिंग के बाद पशु ज्यादा सक्रिय और स्वस्थ दिखाई देता है, उसका पाचन बेहतर होता है और दूध उत्पादन में भी सुधार देखने को मिल सकता है.

कब और कैसे कराएं डिवर्मिंग

पशुपालन से जुड़े जानकारों का कहना है कि पशुओं की डिवर्मिंग नियमित अंतराल पर कराना जरूरी है. आम तौर पर हर तीन महीने में डिवर्मिंग कराने की सलाह दी जाती है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दवा देने से पहले पशु के वजन और उम्र को ध्यान में रखना चाहिए ताकि सही मात्रा में दवा दी जा सके. गलत मात्रा में दवा देने से फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है. इसके अलावा साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है, क्योंकि गंदगी और संक्रमित चारे से पेट  के कीड़े फैलने की संभावना बढ़ जाती है.

पशुओं की सेहत से जुड़ी छोटी लेकिन जरूरी आदत

पशुपालन में छोटी-छोटी सावधानियां बड़े फायदे दे सकती हैं. नियमित डिवर्मिंग, साफ पानी, संतुलित आहार और साफ-सुथरा बाड़ा पशुओं को स्वस्थ  रखने में मदद करता है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर पशु स्वस्थ रहेगा तो उसकी उत्पादन क्षमता भी बेहतर रहेगी और पशुपालक को आर्थिक लाभ मिलेगा. इसलिए पशुओं की देखभाल में डिवर्मिंग को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह एक आसान और कम खर्च वाला तरीका है, जिससे पशु लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान बने रह सकते हैं.

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Published: 6 Feb, 2026 | 11:06 AM

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