राजगढ़ के किसान रविदत्त ने किया सेब की खेती का रुख, सालाना कर रहे बंपर पैदावार

किसान रविदत्त शर्मा ने बताया कि सेब की खेती से उन्हें पहली पैदावार साल 2023 में मिली थी. उन्होंने बताया कि पहली पैदावार में उन्हें करीब 200 छोटी पेटी हाफ बाक्स सेब मिला था.

अनामिका अस्थाना
नोएडा | Published: 16 Jul, 2025 | 08:20 PM

हिमाचल प्रदेश के राजगढ़ में बागवानी करने वाले किसान सेब उत्पादन की ओर अपना रुख कर रहे हैं. बता दें कि राजगढ़ गुठलीदार फलों के उत्पादन में देश में टॉप पर है. जिसके बाद अब यहां के बागवानी किसानों ने सेब का उत्पादन शुरू कर दिया है. हिमाचल में सबसे ज्यादा सेब उत्पादन शिमला में होता है और अब सिरमौर जिले के राजगढ़ क्षेत्र के बागवानों ने भी पिछले लगभग तीन चार सालों से सेब उत्पादन करना शुरू कर दिया है. अगर राजगढ़ के कुछ इलाकों को छोड़ दें तो यहां की जलवायु सेब उत्पादन के अनुकूल है. अनुकूल जलवायु में सेब उत्पादन से किसानों को अच्छा फायदा हो रहा है. ऐसे ही राजगढ़ इलाके के प्रगतिशील किसान रविदत्त शर्मा सेब की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं.

4 साल पहले शुरु की खेती

राजगढ़ के फागू (पजरेली) में रहने वाले प्रगतिशील बागवानी किसान रविदत शर्मा ने बताया कि उन्होंने लगभग 3 से 4 साल पहले सेब की खेती की ओर रुख किया. उन्होने बताया कि सेब की खेती के दौरान उन्होंने कई अलग-अलग किस्मों का उत्पादन किया जिनमें टी रेक्स गाला ,फैन प्लस गाला ,डारक बेरन गाला शामिल हैं. रवि दत्त शर्मा का कहना है कि उन्होने कुछ पोधे बाहर से मंगाए और कुछ किस्में उन्होंने यहीं खुद से तैयार किए.

आज रविदत्त शर्मा लगभग पांच बीघा जमीन पर करीब 600 सेब के पौधे उगा चुके हैं. उन्होंने सेब का एक बगीचा तैयार किया है.उन्होंने बताया कि इस बगीचे को उन्होंने पूरी तरह से आधुनिक तकनीक की मदद से तैयार किया है और इस बगीचे को तैयार करने मे लगभग 7 लाख रुपये का खर्च आया है.

2023 में मिली पहली पैदावार

समाचार एजेंसी प्रसार भारती के अनुसार, किसान रविदत्त शर्मा ने बताया कि सेब की खेती से उन्हें पहली पैदावार साल 2023 में मिली थी. उन्होंने बताया कि पहली पैदावार में उन्हें करीब 200 छोटी पेटी हाफ बाक्स सेब मिला था. अपनी पहली पैदावार को उन्होंने जयपुर की मंडी में बिक्री के लिए भेजा जहां उनके खेत के सेब 224 रुपये प्रति किलो में बिके.रविदत्त बताते हैं कि उनकी खेत की पहली फसल ने ही उनकी उत्पादन की लागत पूरी कर दी .

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रविदत्त शर्मा सेब की पैदावार जयपुर मंडी भेजते हैं.

वहीं साल 2024 में रविदत्त शर्मा के बगीचे में सेब की बंपर पैदावार हुई 800 पेटी हाफ बाक्स सेब का उत्पादन हुआ जिसे उन्होंने फिर से जयपुर मंडी में भेजा. मंडी में उनके सेब की खेप 240 रुपये प्रति किलो के दर से बिकी और अब इस साल यानी 2025 में भी उनके बगीचे में सेब की अच्छी फसल लगी है. उनका कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनके पास लगभग 2 हजार पेटी हाफ बाक्स सेब का उत्पादन होगा.

दूसरे बागवानों के लिए प्रेरणास्त्रोत

राजगढ़ के बागवान रविदत्त शर्मा ने बताया कि सेब की खेती में उनका पूरा परिवार शामिल है. उन्होने बताया कि परिवार के सभी लोग सेब की फसल की देखभाल करते हैं. वे बताते हैं कि ये शायद परिवार की मेहनत का ही नतीजा है कि उन्हें सेब की फसल से इतना अच्छा उत्पादन मिलता है. सेब की खेती से सफलता मिलने के बाद रविदत्त शर्मा अब अपने आसपास के बागवानों के लिए भी प्रेरणा की स्त्रोत बन गए हैं.

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Published: 16 Jul, 2025 | 08:20 PM

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