फसल बीमा कराने वाले किसानों के लिए सरकार ने AgriStack को लेकर बड़ा फैसला लिया है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) के तहत पंजीकरण कराने वाले भूमिधारक किसानों के लिए AgriStack Farmer ID अनिवार्य कर दी गई है. यानी जिन किसानों के पास किसान ID नहीं होगी, वे इन योजनाओं में फसल बीमा के लिए पंजीकरण नहीं करा सकेंगे. हालांकि, किरायेदार और बटाईदार किसानों को फिलहाल इस अनिवार्यता से छूट दी गई है.
किसान ID के बिना नहीं होगा फसल बीमा
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि PMFBY और RWBCIS का लाभ लेने वाले भूमिधारक किसानों के लिए Farmer ID जरूरी रहेगी. यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड ने खरीफ 2026 के लिए किसान ID की अनिवार्यता से छूट देने की मांग की थी. सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि जिन पात्र किसानों के पास अभी तक Farmer ID नहीं बनी है, उनके लिए तुरंत ID जारी करने की व्यवस्था की जाए. इसके बाद फसल बीमा का पंजीकरण किसान ID आधारित डिजिटल प्रक्रिया से किया जाएगा.
किरायेदार और बटाईदार किसानों को मिली राहत
भूमिहीन होकर खेती करने वाले किरायेदार और बटाईदार किसानों के लिए फिलहाल राहत की खबर है. सरकार ने इन किसानों के लिए Farmer ID को अभी अनिवार्य नहीं किया है. इसका कारण यह है कि कई राज्यों में ऐसे किसानों की पहचान, रिकॉर्ड तैयार करने और उनकी Farmer ID बनाने की प्रक्रिया अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुई है. इसलिए अगले आदेश तक किरायेदार और बटाईदार किसान बिना Farmer ID के भी संबंधित फसल बीमा योजनाओं में पंजीकरण करा सकेंगे. हालांकि, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन किसानों के लिए भी जल्द से जल्द Farmer ID जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है.
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डिजिटल सिस्टम से जुड़ेगा किसान और फसल बीमा
AgriStack के जरिए सरकार कृषि सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर जोर दे रही है. Farmer ID को फसल बीमा से जोड़ने का उद्देश्य किसानों की पहचान को अधिक व्यवस्थित करना और बीमा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है. इस व्यवस्था में किसान की पहचान और खेती से जुड़ी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए उपलब्ध हो सकेगी. इससे फसल बीमा के पंजीकरण और संबंधित सेवाओं को अधिक आसान और तकनीक आधारित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
राज्यों को करना होगा नियमों का पालन
सरकार ने राज्यों, बीमा कंपनियों, बैंकों, राज्य PMU और अन्य संबंधित एजेंसियों को AgriStack आधारित PMFBY व्यवस्था से जुड़े निर्देशों का पालन करने को कहा है. जो राज्य इस व्यवस्था को लागू करने के लिए पूंजी निवेश सहायता लेना चाहते हैं, उन्हें मौजूदा दिशानिर्देशों का पालन करना होगा. सरकार का मानना है कि Farmer ID आधारित व्यवस्था से किसानों की पहचान, फसल बीमा पंजीकरण और बीमा सेवाओं के वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी. वहीं, किरायेदार और बटाईदार किसानों को मिली अस्थायी छूट से उन किसानों को राहत मिलेगी, जिनकी डिजिटल पहचान तैयार करने की प्रक्रिया अभी राज्यों में जारी है.