असम विधानसभा चुनाव में BJP के नेतृत्व वाले एनडीए की बड़ी जीत के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ चार मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया. इसी के साथ हिमंता बिस्वा सरमा असम के पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं, जिन्होंने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाला है. राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने खानापारा स्थित वेटरनरी फील्ड में सुबह 11:40 बजे हिमंता बिस्वा सरमा और चार अन्य विधायकों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए हैं.
इन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ
खास बात यह है कि मंत्री पद की शपथ लेने वालों में दो विधायक बीजेपी से हैं, जबकि एक असम गण परिषद (AGP) और एक बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) से हैं. बीजेपी की ओर से अजंता नियोग और रमेश्वर तेली मंत्री बने हैं. वहीं, AGP के अतुल बोरा और BPF के चरण बोड़ो को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. अजंता नियोग ने चौथी मंत्री के रूप में शपथ ली. वह पहले कांग्रेस में थीं, लेकिन 2020 में बीजेपी में शामिल हो गईं. पिछली सरकार में वह वित्त और महिला एवं बाल विकास मंत्री रह चुकी हैं. अजंता नियोग गोलाघाट सीट से विधायक हैं और उन्होंने 2001 में कांग्रेस के टिकट पर पहला चुनाव जीता था.
#WATCH गुवाहाटी: भाजपा के हिमंत बिस्वा सरमा ने खानापारा के वेटरनरी कॉलेज मैदान में लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। pic.twitter.com/8mXa5VlRmX
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— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 12, 2026
हिमंता बिस्वा सरमा असम में लगातार दो बार मुख्यमंत्री बनने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं. उनका राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है. साल 2015 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर अमित शाह की पहल पर बीजेपी जॉइन की थी. उस समय असम में कांग्रेस मजबूत थी और बीजेपी के पास सिर्फ पांच विधायक थे. इसके बाद हिमंता सरमा ने रणनीतिक तरीके से काम करते हुए बीजेपी को पूरे पूर्वोत्तर में मजबूत बनाया.
उत्तर प्रदेश से जुड़ा है हिमंता बिस्वा सरमा का नाता
असम की सत्ता लगातार दूसरी बार संभालने वाले हिमंता बिस्वा सरमा का जन्म 1 फरवरी 1969 को जोरहाट में हुआ था. वह एक शिक्षित असमिया परिवार से आते हैं. उनके पिता कैलाश नाथ सरमा मशहूर लेखक, कवि और गीतकार थे, जबकि उनकी मां मृणालिनी देवी लेखिका और असम साहित्य सभा की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं. बाद में उनका परिवार गुवाहाटी के उलुबाड़ी इलाके में बस गया. हिमंता सरमा लंबे समय से असम में अवैध घुसपैठ, बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाते रहे हैं. उनकी राजनीति असमिया पहचान और सांस्कृतिक अस्मिता पर केंद्रित रही है. हालांकि, उन्होंने खुद 2024 में कहा था कि उनके पूर्वज मूल रूप से असम के नहीं थे और उनकी जड़ें उत्तर प्रदेश के कन्नौज से जुड़ी हैं.
एकनाथ शिंदे ने कही बड़ी बात
वहीं, शपथग्रहण समारोह पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि असम में खुशी का माहौल है और हिमंता बिस्वा सरमा ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. उन्होंने कहा कि हिमंता सरमा ने जनता के हित में कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं. शिंदे ने विकास के लिए वोट देने पर असम की जनता का धन्यवाद भी किया. केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि आज असम और एनडीए के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक दिन है. उन्होंने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को देखने के लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं.
हिमंता बिस्वा सरमा के परिवार ने जताई खुशी
हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह के मौके पर उनके परिवार ने भी खुशी जताई. उनकी बेटी सुकन्या सरमा ने कहा कि यहां आकर उन्हें बेहद खुशी और उत्साह महसूस हो रहा है. वहीं, उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने इसे बेहद खास पल बताया. दूसरी ओर, बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने असम की जनता को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर के विकास के लिए लगातार काम किया जाएगा.