अमित शाह के इस ऐलान से पशुपालकों की बढ़ेगी कमाई.. ज्यादा दूध देने वाली बछिया लेंगी जन्म

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हर साल लगभग 500 उन्नत नस्ल के पशु लाने की योजना है और अगले 10 सालों में इस क्षेत्र में पशुधन की संख्या को लगभग तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि इस बात पर शोध किया जाएगा कि बेहद ठंडी और कम ऑक्सीजन वाली परिस्थितियों में पशु कैसे बेहतर तरीके से जीवित रह सकें.

Kisan India
नोएडा | Published: 2 May, 2026 | 02:17 PM

Milk Production: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के पशुपालकों के लिए खुशखबरी है. राज्य के पशुपलाकों की कमाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी योजना तैयार की है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया है कि सरकार किसानों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार कर रही है. इसके तहत लेह में करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से एक दूध प्रोसेसिंग यूनिट बनाई जाएगी, जिसकी क्षमता लगभग 50,000 लीटर प्रतिदिन होगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस यूनिट से पशुपालकों की कमाई में इजाफा होगा. उन्हें घर बैठे ही रोजगार मिलेगा.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लद्दाख और कारगिल में डेयरी सेक्टर  को मजबूत करने की बड़ी योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि ऊंचाई वाले इलाकों में किसानों को टिकाऊ आजीविका मिल सके. उन्होंने लेह और कारगिल में आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित करते कहा कि लेह और कारगिल दोनों जगह करीब 4-4 करोड़ रुपये की लागत से पशु प्रजनन केंद्र बनाए जाएंगे. इन केंद्रों में स्थानीय मौसम के अनुकूल ज्यादा दूध देने वाली नस्लों पर काम किया जाएगा.

उन्नत नस्ल के पशुओं पर होगा काम

अमित शाह ने कहा कि हर साल लगभग 500 उन्नत नस्ल के पशु लाने की योजना है और अगले 10 सालों में इस क्षेत्र में पशुधन की संख्या को लगभग तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि इस बात पर शोध किया जाएगा कि लद्दाख की बेहद ठंडी और कम ऑक्सीजन वाली परिस्थितियों में पशु कैसे बेहतर तरीके से जीवित रह सकें. समय के साथ नए पशुओं और उनकी संतानों के जुड़ने से यहां पशुधन की संख्या में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

गांवों तक पहुंचेगा डेयरी नेटवर्क

शाह ने आगे कहा कि लद्दाख में डेयरी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए इसे राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) से जोड़ा गया है, जिससे अब दूध संघ 28 गांवों तक पहुंच चुका है. हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सुविधा उन कम से कम 85 फीसदी गांवों तक पहुंचनी चाहिए, जहां पशुपालन संभव है. उन्होंने बताया कि फिलहाल रोजाना लगभग 6,000 लीटर दूध की खरीद हो रही है, लेकिन आने वाले वर्षों में इसे बढ़ाकर 21,000 लीटर तक ले जाने की जरूरत है.

भारतीय सेना के साथ सप्लाई समझौते

उन्होंने कहा कि अगर दूध प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाई जाती है और भारतीय सेना के साथ सप्लाई समझौते किए जाते हैं, तो इससे उत्पादकों को एक स्थिर और भरोसेमंद बाजार मिलेगा. शाह ने यह भी कहा कि प्लांट की क्षमता 5 TLPD से बढ़ाकर 10 TLPD करने और सेना के साथ समझौते करने से काफी फायदा होगा. मंत्री ने यह भी घोषणा की कि दूध खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मोबाइल दूध जांच इकाइयां और एक डिजिटल ऑटोमेटेड मिल्क कलेक्शन सिस्टम शुरू किया जाएगा.

रोज 1,000 किलो दही का उत्पादन

उन्होंने कहा कि कारगिल में 10,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट  की आधारशिला रखी जा चुकी है, जिसकी लागत लगभग 25 करोड़ रुपये है. उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय डेयरी इकाइयां पहले से ही रोजाना करीब 500 किलो पनीर और 1,000 किलो दही का उत्पादन कर रही हैं. आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से इस उत्पादन और कार्यकुशलता में और सुधार होगा.

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