Dairy Cooperative Scheme: हजारीबाग में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की ओर से विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में प्रमंडलीय सहकारिता सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं. इस दौरान उन्होंने सहकारिता निबंधन पोर्टल और मिलेट मिशन का शुभारंभ किया. सम्मेलन में किसानों, सहकारी समितियों और विभागीय अधिकारियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया.
सहकारिता से मजबूत होगी गांव की अर्थव्यवस्था
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि किसी भी बदलाव की शुरुआत जागरूकता से होती है. उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी भी सहकारिता आधारित विकास और सत्ता के विकेंद्रीकरण के पक्षधर थे. सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में लैम्प्स (LAMPS) और पैक्स (PACS) को गांव की अर्थव्यवस्था का मजबूत केंद्र बनाया जाए. उन्होंने यह भी घोषणा की कि बेहतर काम करने वाले लैम्प्स और पैक्स के ऋण का मूलधन और ब्याज सरकार वहन करेगी.
किसानों को KCC ऋण और बैंकिंग सुविधाओं का लाभ
झारखंड में आयोजित सहकारिता सम्मेलन के दौरान किसानों को आर्थिक मदद देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया. झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के माध्यम से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत ऋण स्वीकृति पत्र और चेक वितरित किए गए. कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से 6 किसानों को एक-एक लाख रुपये के ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट्स को पीओएस मशीनें भी सौंपी गईं. इससे गांवों में लोगों को आसानी से बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
सहकारी समितियों को परिसंपत्तियां, डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सहकारिता विभाग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स समितियों को सम्मानित किया. झारक्रोफेड, झारकोफिश और दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के लाभुकों को टूलकिट, उपकरण, परिसंपत्तियां और निबंधन प्रमाण पत्र दिए गए. डेयरी निदेशक डॉ. संजीव रंजन ने बताया कि राज्य में 70 हजार डेयरी कम्युनिटी सोसाइटी बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए हजारीबाग, बोकारो और चतरा की तीन मत्स्य सहयोग समितियों को करीब 7.18 लाख रुपये की लागत से कार्यालय शेड, कंप्यूटर, प्रिंटर, फर्नीचर और सोलर लाइट दी गई. वहीं कोडरमा और रामगढ़ की दो समितियों को 3-3 लाख रुपये की एफआरपी नाव उपलब्ध कराई गई. वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 539 किसानों को 3.81 करोड़ रुपये का KCC ऋण दिया जा चुका है. समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को सरकार की ब्याज अनुदान योजना के तहत शून्य प्रतिशत ब्याज का लाभ भी मिलेगा.