गर्मी बढ़ने के साथ ही दूध के उत्पादन में कमी और लागत में बढ़ोत्तरी देखी जाती है, जबकि खपत में भी इजाफा होता है. ऐसे में उपभोक्ता की जरूरत और किसान से खरीद लागत को पूरी करने के लिए अकसर दूध कंपनियां गर्मियों के सीजन में दूध के दाम बढ़ाती हैं. अब पंजाब और केरल की दो कंपनियों ने दूध के दाम बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. कहा जा रहा है कि यह दाम बढ़ोत्तरी सीधे तौर पर किसानों को ज्यादा दाम देने के लिए होगी, लेकिन इसका असर उपभोक्ताओं के लिए महंगाई के रूप में दिखेगा. केरल की सहकारी दूध कंपनी मिल्मा ने कहा है कि दाम बढ़ाने का प्रस्ताव पहले ही था, लेकिन चुनाव के चलते आचार संहिता में इसे रोक दिया गया था अब इसे जल्द ही लागू किया जाएगा. वहीं, पंजाब की मिल्कफेड वर्का ने दूध का भाव बढ़ाने का ऐलान किया है.
केरल सरकार की ओर से संचालित डेयरी सहकारी संस्था मिल्मा ने बुधवार को कहा कि दूध की कीमत में बढ़ोतरी जरूरी है और इसे जल्द ही लागू किया जाएगा. केरल कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (KCMMF) के चेयरमैन केएस मणि ने कहा कि मिल्मा ब्रांड के तहत बिकने वाले दूध की कीमत में बढ़ोतरी की जरूरत है. उन्होंने मीडिया से कहा कि हमें डेयरी किसानों के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों का भी ध्यान रखना होगा. इसलिए बढ़ोतरी की मात्रा के बारे में उचित फैसला लिया जाएगा, क्योंकि मिल्मा के लिए दूध की कीमत में बढ़ोतरी जरूरी है और इसे लागू किया जाएगा.
मिल्मा बोर्ड की बैठक में तय होगी बढ़ोत्तरी कीमत
उन्होंने आगे कहा कि दूध की कीमत में बढ़ोतरी पहले से ही विचाराधीन थी, लेकिन चुनावों और लागू आदर्श आचार संहिता के कारण इसे रोक दिया गया था. अब विधानसभा चुनाव खत्म हो गए हैं, इसलिए इस पर चर्चा फिर से शुरू हो गई है. उन्होंने कहा कि दाम बढ़ोतरी की मात्रा मिल्मा बोर्ड की बैठक के बाद तय की जाएगी. कहा जा रहा है कि प्रति लीटर 6 रुपये की बढ़ोत्तरी की सिफारिश की गई है. मणि ने कहा कि हालांकि मिल्मा खुद ही कीमतें बढ़ा सकती है, लेकिन उसने इस मामले में सरकार से सलाह ली थी, क्योंकि इन फैसलों का राज्य में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा, और उन्हें सरकार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है.
मिल्मा का दूध कलेक्शन बढ़ा
चेयरमैन केएस मणि ने कहा कि मिल्मा की ओर से अब तक डेयरी किसानों को दिए गए लाभ के चलते वित्त वर्ष 2025-26 में दूध कलेक्शन में लगभग 13 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है और यह दर्शाता है कि डेयरी किसान उन्हें मिले लाभों से संतुष्ट हैं.
दूध उत्पादक संघ ने दाम बढ़ाने के लिए किया था प्रदर्शन
गौरतलब है कि 18 अप्रैल को मिल्मा के एर्नाकुलम क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (ERCMPU) के शासी निकाय के सदस्यों ने उत्पादन लागत में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए दूध की कीमत में तत्काल बढ़ोतरी की मांग को लेकर कंपनी के मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया था. ERCMPU ने दावा किया कि पशु आहार, जरूरी चीजों और मजदूरी की लागत में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए कीमत में बढ़ोतरी के फैसले में और देरी नहीं की जा सकती, क्योंकि इन कारणों से डेयरी क्षेत्र गंभीर आर्थिक संकट में घिर गया है.
पंजाब में दूध के दाम बढ़ाने का ऐलान
पंजाब के डेयरी किसानों के लिए राज्य सरकार ने दूध की खरीद कीमत में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है. यह निर्णय मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में लिया गया है, जिसके तहत मिल्कफेड पंजाब (वेरका) से जुड़े किसानों को अब पहले से ज्यादा दाम मिलेंगे. सरकार द्वारा घोषित नई दरें 1 मई 2026 से लागू हो जाएंगी. इस फैसले के तहत दूध खरीद की कीमत में प्रति किलोग्राम फैट 20 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इसका सीधा फायदा उन किसानों को मिलेगा जो मिल्कफेड पंजाब के साथ जुड़े हुए हैं और नियमित रूप से दूध सप्लाई करते हैं.
उपभोक्ताओं को लगेगा झटका
सहकारी डेयरी सस्थाओं के दूध के दाम बढ़ाने से उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लगेगा. क्योंकि, फिलहाल तो किसानों को ज्यादा भाव देने के लिए दाम में बढ़ोत्तरी की बात कही जा रही है. लेकिन, कंपनी बढ़े भुगतान के साथ ही अपनी अन्य कॉस्ट मैनेज करने के लिए बाजार में बिकने वाले दूध पाउच और पनीर, घी समेत अन्य दूध उत्पादों की रिटेल कीमतों में इजाफा कर सकती है. एक्सपर्ट का कहना है कि आमतौर पर गर्मियों की शुरुआत में हर साल कंपनियां दूध के दाम में बढ़ोत्तरी करती हैं.