चीनी के बढ़ते दाम के बीच ISMA का बड़ा बयान, कहा- बाजार में भरपूर स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं

चीनी उद्योग की संस्थाओं ISMA और NFCSF ने कहा है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति को लेकर कोई संकट नहीं है. दोनों संगठनों ने जमाखोरी और सट्टेबाजी से बचने की अपील करते हुए कहा कि कीमतों में हालिया तेजी मांग-आपूर्ति की वास्तविक स्थिति के अनुरूप नहीं है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 18 Jul, 2026 | 09:19 AM

Sugar Price Hike: देश में चीनी की बढ़ती कीमत के बीच इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) और नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) का बड़ा बयान सामने आया है. चीनी उद्योग की दोनों बड़ी संस्था ISMA और NFCSF ने कहा है कि चीनी की कीमतों में मौजूदा तेजी की कोई ठोस वजह नहीं है, क्योंकि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. संस्थाओं ने लोगों और कारोबारियों से अपील की कि घबराकर चीनी की खरीदारी न करें और न ही सट्टेबाजी करें, क्योंकि बाजार में चीनी की कोई कमी नहीं है.

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, थोक बाजार में चीनी की कीमत 44-45 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बाद सरकार ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. बैठक के बाद दोनों संस्थाओं ने कहा कि देश में घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त चीनी उपलब्ध  है और आपूर्ति को लेकर कोई चिंता नहीं है. केंद्र सरकार के साथ हुई बैठक में चीनी उद्योग ने सहमति जताई कि 2026-27 चीनी सीजन (अक्टूबर से शुरू) में गन्ने की पेराई मौसम और फसल की स्थिति के अनुसार जितनी जल्दी संभव हो सके, शुरू की जाएगी.

बाजार में अनावश्यक उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है

चीनी उद्योग की संस्थाओं ने कहा कि इससे नई चीनी जल्दी बाजार में आएगी, घरेलू आपूर्ति और मजबूत होगी और बाजार में चीनी की उपलब्धता को लेकर बनी आशंकाएं दूर होंगी. संस्थाओं का कहना है कि चीनी की हालिया कीमतों में बढ़ोतरी मांग  और आपूर्ति की वास्तविक स्थिति के अनुरूप नहीं है. उन्होंने कहा कि जब बाजार में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, तब कमी का माहौल बनाना सही नहीं है. इससे बाजार में अनावश्यक उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और उपभोक्ताओं के साथ-साथ चीनी पर निर्भर उद्योगों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है.

ISMA और NFCSF की व्यापारियों से अपील

ISMA और NFCSF ने व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, संस्थागत खरीदारों, खुदरा दुकानदारों और अन्य बाजार से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे सट्टेबाजी, जमाखोरी या चीनी की कमी की भ्रामक खबरें फैलाने से बचें. दोनों संस्थाओं ने कहा कि ऐसे कदम बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बनाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं, किसानों और चीनी उद्योग सभी को नुकसान होता है. संस्थाओं ने भरोसा दिलाया कि देश में चीनी की आपूर्ति लगातार बनी रहेगी और सभी क्षेत्रों में समय पर चीनी उपलब्ध कराई जाएगी.

प्रमाणित जानकारी पर भरोसा करने की अपील

उन्होंने कहा कि उद्योग सरकार के साथ मिलकर काम करता रहेगा, ताकि उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर चीनी मिले और गन्ना किसानों  व चीनी मिलों के हित भी सुरक्षित रहें. दोनों चीनी उद्योग संगठनों ने सभी कारोबारियों और बाजार से जुड़े लोगों से जिम्मेदारी के साथ कारोबार करने और सिर्फ सही व प्रमाणित जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पारदर्शी और स्थिर बाजार सभी के हित में है. इससे उपभोक्ताओं, गन्ना किसानों, व्यापारियों और चीनी उद्योग सभी को फायदा होगा.

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Published: 18 Jul, 2026 | 07:31 AM

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