Wheat Procurement: राजस्थान में 10 मार्च से शुरू होगी गेहूं की खरीद, इतने रुपये क्विंटल होगा MSP
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. सरकार 10 मार्च से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू करने जा रही है. इस बार गेहूं 2585 रुपये प्रति क्विंटल के MSP पर खरीदा जाएगा. खरीद के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना जरूरी होगा और भुगतान सीधे खाते में मिलेगा.
Rajasthan News: राजस्थान के गेहूं किसानों के लिए खुशखबरी है. राज्य सरकार ने गेहूं खरीदी के लिए तारीख का ऐलान कर दिया है. इस बार राज्य में गेहूं की खरीद 10 मार्च से शुरू होगी. सरकार 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से MSP पर गेहूं खरीदेगी. इससे किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिल सकेगा. सरकारी खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए इस बार भी ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी किया गया है.
10 मार्च से शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीद
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार, राजस्थान के झुंझुनूं जिले में 10 मार्च से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू की जाएगी. यह अभियान 30 जून तक चलेगा. इस दौरान किसान तय किए गए खरीद केंद्रों पर अपनी फसल की तुलाई करवा सकेंगे. सरकार ने रबी खरीद सीजन 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. यानी अगर बाजार में दाम कम भी रहे, तो भी किसान MSP पर अपनी फसल बेच सकेंगे.
1 फरवरी से ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी
सरकारी खरीद का लाभ लेने के लिए किसानों को 1 फरवरी से ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. बिना पंजीकरण के कोई भी किसान सरकारी केंद्र पर गेहूं नहीं बेच पाएगा. किसान food.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर जाकर खुद आवेदन कर सकते हैं. जिन किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत हो, वे अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र से भी पंजीकरण करवा सकते हैं. यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि किसी किसान को परेशानी न हो.
जनाधार और बैंक खाता होना जरूरी
पंजीकरण के लिए जनाधार कार्ड होना अनिवार्य है. इसके साथ-साथ किसान का बैंक खाता जनाधार से लिंक होना भी जरूरी है. सरकार ने साफ किया है कि गेहूं बिक्री का पैसा सीधे किसान के बैंक खाते में ऑनलाइन भेजा जाएगा. इससे भुगतान में देरी, कटौती या किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना नहीं रहेगी. किसान को अपनी फसल का पूरा पैसा सुरक्षित तरीके से मिलेगा.
जिले में बनाए गए 4 खरीद केंद्र
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए झुंझुनूं जिले में चार विशेष खरीद केंद्र बनाए गए हैं. ये केंद्र झुंझुनूं, सूरजगढ़, नवलगढ़ और गुढ़ागौड़जी में स्थापित किए गए हैं. इन केंद्रों पर तौल, भंडारण और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े और प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सके.
बिचौलियों से छुटकारा, पैसा सीधे खाते में
सरकार का मकसद है कि किसानों को उनकी फसल का पूरा लाभ मिले. इसी वजह से इस बार भी बिचौलियों को पूरी तरह दूर रखा गया है. जनाधार आधारित व्यवस्था से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और केवल असली किसान ही लाभ उठा सकेंगे. सीधे खाते में भुगतान होने से किसान निश्चिंत रहेंगे कि उनका पैसा सुरक्षित है और समय पर मिलेगा. इससे सरकारी खरीद पर किसानों का भरोसा और मजबूत होगा.
किसानों के लिए क्यों जरूरी है यह व्यवस्था
सरकारी खरीद किसानों के लिए सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच है. MSP पर गेहूं बिकने से किसान अपनी लागत निकालकर मुनाफा कमा पाते हैं. खासकर छोटे और मध्यम किसानों के लिए यह व्यवस्था बहुत अहम होती है. राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद किसानों के लिए राहत लेकर आई है. अगर किसान समय पर पंजीकरण करा लें और जरूरी दस्तावेज पूरे रखें, तो उन्हें बिना किसी परेशानी के अपनी फसल का सही दाम मिल सकेगा.