सरसों पर रस चूसक का हमला, तुरंत करें साबुन वाले इस घोल का छिड़काव.. वरना 60 फीसदी तक होगा नुकसान

नीम आधारित उपाय बेहद कारगर है. इसके लिए 1500 पीपीएम नीम ऑयल का छिड़काव किया जा सकता है, जिसे किसान घर पर ही तैयार कर सकते हैं. अगर फसल में कीटों का प्रकोप ज्यादा हो जाए, तो रासायनिक दवाओं  का इस्तेमाल करें.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 20 Jan, 2026 | 03:44 PM

Mustard cultivation: कड़ाके की ठंड अब समाप्ति की ओर है. लेकिन कई राज्यों में अभी भी कोहरे और सर्दी का असर देखने को मिल रहा है. ये मौसम सरसों की फसल के लिए फायदेमंद होता है. लेकिन इस मौसम में कीटों के पनपने की आशंका भी अधिक होती है. खासकर इस मौसम में रस चूसक कीट के हमले ज्यादा होते हैं.  इससे फसल को नुकसान पहुंचता है और पैदावार कम हो जाती है. लेकिन किसान कुछ सावधानियां अपनाकर फसल को कीटों से बचा सकते हैं. बस इसके लिए किसानों को नीचे बताए गए तकनीकों को अपनाना होगा.

कृषि एक्सपर्ट के मुताबिक, रस चूसक कीट सरसों की फसल के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं. क्योंकि सरसों की फसल 40 से 60 दिनों में फूल देने लगती है और बसंत पंचमी तक खेत पीले फूलों से भर जाते हैं. पर कीटों पर समय रहते नियंत्रण जरूरी है. अगर समय पर कीटों को नियंत्रित नहीं किया गया तो ये पूरी फसल को चट कर जाते हैं.

60 फीसदी तक फसल को नुकसान

इस समय मध्य प्रदेश के कई जिलों में सरसों की फसल पर रस चूसक का हमला देखा जा रहा है. यह कीट तने, पत्तियों, फूलों और फलियों से रस चूस लेता है, जिससे पौधे कमजोर होकर सूखने लगते हैं. अगर समय रहते नियंत्रण न किया जाए तो फसल को 50 से 60 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है. सरसों की फसल में कीटों का प्रकोप पहचानना आसान है. पास से देखने पर पौधों पर छोटे-छोटे सफेद कीड़े  दिखाई देते हैं. जब संक्रमण बढ़ जाता है तो पौधा काला सा नजर आने लगता है और पीले फूल भी कीड़ों से ढक जाते हैं. फसल को रस चूसक कीटों से बचाने के लिए जैविक और रासायनिक दोनों तरह के उपाय अपनाए जा सकते हैं.

नीम की पत्तियों से इस तरह बनाएं दवा

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि मस्टर्ड एफिड की शुरुआती अवस्था में नीम आधारित उपाय बेहद कारगर है. इसके लिए 1500 पीपीएम नीम ऑयल का छिड़काव किया जा सकता है, जिसे किसान घर पर ही तैयार कर सकते हैं. नीम की पत्तियां पानी की टंकी में डालें और उसमें 40 ग्राम कपड़े धोने का साबुन मिलाएं. 1-2 दिन बाद इस घोल का सरसों की फसल पर छिड़काव करें. यह सस्ता और लगभग मुफ्त उपाय है.

इन रासायनिक दवाओं का करें इस्तेमाल

अगर फसल में कीटों का प्रकोप ज्यादा हो जाए, तो रासायनिक दवाओं  का इस्तेमाल करें. इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल दवा 1 एमएल प्रति 3 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें. इसके अलावा थायोमेथोक्साम का छिड़काव करने से एफिड के साथ-साथ अन्य कीट भी नष्ट हो जाते हैं. सफेद मक्खी दिखने पर भी थायोमेथोक्साम 1 एमएल प्रति 3 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. इससे फूल और फलियों का विकास बेहतर होता है और फसल को राहत मिलती है.

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Published: 20 Jan, 2026 | 03:41 PM

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