कहीं आप भी तो नहीं खाते इन 6 ब्रांड का घी? जांच में फेल, FSDA ने बिक्री पर लगाई रोक

हाल में FSDA की कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 252 किलो मिलावटी घी भी जब्त किया. यह घी छह नीले ट्रंकों में भरकर जिले के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा था. इस खुलासे के बाद प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और घी खरीदते समय गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की अपील की है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 28 Apr, 2026 | 03:38 PM

Ghee unsafe brands: देशभर में खाने-पीने की चीजों की शुद्धता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, और अब घी को लेकर भी एक बड़ी खबर सामने आई है. आमतौर पर घी को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है, लेकिन अगर यही घी मिलावटी हो जाए तो यह शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. हाल ही में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने जांच के बाद कुछ घी ब्रांड्स को असुरक्षित घोषित किया है, जिससे उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है.

छह देसी घी ब्रांड असुरक्षित घोषित

TOI की खबर के अनुसार, FSDA की जांच में सामने आया कि बाजार में बिक रहे छह घी ब्रांड गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे. इसके बाद इन ब्रांड्स के निर्माण, बिक्री और भंडारण पर रोक लगा दी गई है. जांच रिपोर्ट के अनुसार, इन घी के नमूने फेल हो गए थे, जिसके कारण इन्हें असुरक्षित माना गया.

बैन किए गए ब्रांड्स में व्रजवासी, वेरोना प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (राजकोट, गुजरात), रत्नागिरी चालिसा फूड्स (सूरत, गुजरात), हरियाणा फ्रेश (घीधर मिल्क फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, पानीपत, हरियाणा), डेयरी नाइस (डीसीएम फूड एंड मिल्क प्रोडक्ट्स, नरेला, दिल्ली), श्री रुद्र देवांश प्रोडक्ट्स (हिसार, हरियाणा) और अविक शिवा मिल्क फूड्स (गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं. अधिकारियों ने साफ किया है कि अगर कोई दुकानदार इन ब्रांड्स को बेचता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

252 किलो मिलावटी घी भी बरामद

हाल में FSDA की कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 252 किलो मिलावटी घी भी जब्त किया. यह घी छह नीले ट्रंकों में भरकर जिले के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा था. इस खुलासे के बाद प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और घी खरीदते समय गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की अपील की है.

मिलावटी घी से सेहत को खतरा

घी को आयुर्वेद में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन अगर इसमें मिलावट हो तो यह गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. मिलावटी घी में अक्सर वनस्पति घी, रिफाइंड तेल, जानवरों की चर्बी या सिंथेटिक पदार्थ मिलाए जाते हैं. ऐसे घी में ट्रांस फैट की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को कम करता है. इससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा पेट दर्द, गैस, अपच और दस्त जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

कैसे पहचानें शुद्ध घी

आज के समय में शुद्ध घी पहचानना आसान नहीं है, लेकिन कुछ सरल तरीकों से इसकी जांच की जा सकती है. असली घी का रंग हल्का सुनहरा होता है और इसकी बनावट मुलायम व क्रीमी होती है. अगर घी बहुत हल्का या फीका दिखे, तो उसमें मिलावट हो सकती है. घी की खुशबू भी इसकी पहचान का एक अहम हिस्सा है. शुद्ध घी में हल्की नट जैसी खुशबू आती है, जबकि मिलावटी घी में अजीब या जली हुई गंध हो सकती है.

घर पर ऐसे करें घी की जांच

आज के समय में शुद्ध घी पहचानना आसान नहीं है, लेकिन कुछ सरल तरीकों से इसकी जांच की जा सकती है.

घी का रंग और बनावट- शुद्ध घी का रंग हल्का सुनहरा होता है और इसकी बनावट गाढ़ी व क्रीमी होती है. जब आप इसे रोशनी में देखते हैं, तो यह साफ और हल्का पारदर्शी दिखाई देता है. अगर घी का रंग बहुत फीका या असामान्य लगे, तो उसमें मिलावट या प्रिजर्वेटिव होने की संभावना हो सकती है, ऐसे घी से बचना बेहतर है.

पैकेजिंग और लेबल- घी खरीदते समय उसकी पैकेजिंग और लेबल जरूर जांचें. असली घी के पैकेट पर लाइसेंस नंबर, पैकिंग डेट और एक्सपायरी डेट साफ लिखी होती है. साथ ही जरूरी प्रमाणपत्र भी मौजूद होते हैं. बिना सही जानकारी वा.ले घी को खरीदने से बचना चाहिए.

खुशबू और स्वाद- शुद्ध घी में हल्की सूखे मेवे जैसी खुशबू आती है और इसका स्वाद मुलायम होता है. अगर घी से जली हुई या अजीब गंध आए, तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है. ऐसे घी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

हथेली टेस्ट- थोड़ा सा घी अपनी हथेली पर रखें. अगर वह तुरंत पिघलने लगे, तो यह शुद्ध घी होने का संकेत है. अगर घी जल्दी नहीं पिघलता, तो उसमें मिलावट हो सकती है.

पानी टेस्ट- एक गिलास सामान्य पानी लें और उसमें थोड़ा घी डालें. अगर घी पानी के ऊपर तैरता है, तो वह शुद्ध होता है. लेकिन अगर वह नीचे बैठ जाए, तो उसमें मिलावट हो सकती है.

नमक टेस्ट- दो चम्मच घी में थोड़ा नमक और एक चुटकी बताए गए पदार्थ (रसायन) मिलाएं. कुछ समय बाद अगर घी का रंग बदलकर लाल हो जाए, तो समझिए कि वह शुद्ध नहीं है.

आयोडीन टेस्ट- घी में दो बूंद आयोडीन डालें. अगर उसका रंग बैंगनी हो जाए, तो उसमें स्टार्च की मिलावट हो सकती है.

इन आसान तरीकों से आप घर पर ही घी की शुद्धता की जांच कर सकते हैं और अपनी सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं.

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