जम्मू-कश्मीर के फलों ने UAE में बनाई पहचान, किसानों को मिला 120 फीसदी तक ज्यादा दाम

जम्मू-कश्मीर के प्रीमियम फलों ने पहली बार UAE के बाजार में दस्तक देकर किसानों के लिए नई उम्मीद जगाई है. इस पहल से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच आसान होगी और बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी. सरकार का मानना है कि इससे कृषि निर्यात को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.

नोएडा | Updated On: 6 Jul, 2026 | 03:26 PM

Cherry Export India: जम्मू-कश्मीर के बागवानी क्षेत्र के लिए बड़ी सफलता सामने आई है. भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के अनुसार, पहली बार जम्मू-कश्मीर के प्रीमियम स्टोन फ्रूट्स की खेप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी और दुबई भेजी गई है. इस पहल से क्षेत्र के किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है. सरकार का कहना है कि यह उपलब्धि भारत के ताजे फलों के निर्यात को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी अहम कदम है.

पहली बार UAE भेजी गई प्रीमियम चेरी और प्लम की खेप

भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के अनुसार, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात  विकास प्राधिकरण (APEDA) ने जम्मू-कश्मीर से प्रीमियम अरेको चेरी और सेंटरोज प्लम की पहली निर्यात खेप को UAE के अबू धाबी और दुबई के लिए रवाना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह खेप करीब एक मीट्रिक टन प्रीमियम फलों की थी, जिसे जम्मू-कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिलों के किसानों से प्राप्त किया गया. सरकार का कहना है कि यह निर्यात इस बात का प्रमाण है कि जम्मू-कश्मीर के उच्च गुणवत्ता वाले बागवानी उत्पाद  अब वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं. साथ ही दुनिया भर में भारतीय प्रीमियम फलों की मांग लगातार बढ़ रही है.

किसानों को मिला 60 फीसदी और 120 फीसदी तक अधिक लाभ

वाणिज्य विभाग के अनुसार, इस निर्यात पहल का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिला है. निर्यात आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े किसानों को चेरी के लिए घरेलू बाजार  की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत अधिक कीमत मिली, जबकि प्लम के लिए उन्हें करीब 120 प्रतिशत तक ज्यादा मूल्य प्राप्त हुआ. सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. बेहतर कीमत मिलने से किसान गुणवत्ता आधारित खेती को अपनाने के लिए भी प्रेरित होंगे, जिससे भविष्य में निर्यात योग्य फलों का उत्पादन और बढ़ सकेगा.

निर्यात बढ़ाने के लिए बाजार, गुणवत्ता और खरीदारों पर फोकस

भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के अनुसार, कृषि उत्पादों के निर्यात  को बढ़ावा देने के लिए बाजार से जोड़ने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने और निर्यात प्रक्रिया को आसान करने पर लगातार काम किया जा रहा है. इन प्रयासों का उद्देश्य भारतीय कृषि और बागवानी उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करना है. सरकार का कहना है कि किसानों को निर्यात के लिए आवश्यक गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रमाणन और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकें और अपनी उपज का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें.

भारत के ताजे फलों के निर्यात को मिलेगी नई मजबूती

वाणिज्य विभाग के अनुसार, यह उपलब्धि भारत के ताजे फलों के निर्यात  को नई दिशा देने वाली साबित होगी. इससे जम्मू-कश्मीर के बागवानी उत्पादों की वैश्विक पहचान मजबूत होगी और आने वाले समय में अन्य उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों के लिए भी नए निर्यात बाजार खुलने की संभावना बढ़ेगी. सरकार का लक्ष्य भारतीय किसानों को अधिक से अधिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और भारत कृषि निर्यात के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सके. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल न केवल किसानों के लिए लाभदायक साबित होगी, बल्कि देश के कृषि निर्यात को भी नई गति देगी. इससे जम्मू-कश्मीर के बागवानी क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

Published: 6 Jul, 2026 | 02:42 PM

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