Jal Jeevan Mission: तमिलनाडु में ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए चल रहे जल जीवन मिशन के तहत कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं चल रही हैं. लेकिन इन योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए राज्य सरकार को अभी भी केंद्र से बड़ी राशि का इंतजार है. इसी मुद्दे को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने की अपील की है. उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि राज्य को जल जीवन मिशन के तहत लंबित 3,112 करोड़ रुपये की राशि जल्द जारी की जाए, ताकि अधूरी परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके.
प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, जल्द सहायता की अपील
बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के अनुसार, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण इलाकों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है. लेकिन कुछ परियोजनाएं अभी भी केंद्र की वित्तीय सहायता पर निर्भर हैं. स्टालिन ने बताया कि केंद्र सरकार ने अब तक जल जीवन मिशन के तहत अपने हिस्से के रूप में 5,914 करोड़ रुपये जारी किए हैं, लेकिन इसके बावजूद 3,112 करोड़ रुपये की राशि अभी भी बकाया है. उन्होंने कहा कि इस राशि के मिलने से राज्य में चल रही योजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी.
ग्रामीण घरों तक तेजी से पहुंचा नल जल
स्टालिन ने अपने पत्र में जल जीवन मिशन के तहत तमिलनाडु में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि राज्य के ग्रामीण इलाकों में 1.12 करोड़ घरों तक अब चालू घरेलू नल कनेक्शन पहुंच चुका है. यह राज्य के कुल 1.25 करोड़ ग्रामीण परिवारों का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग से संभव हुई है और अब लक्ष्य शेष घरों तक भी सुरक्षित पेयजल पहुंचाने का है.
पहले चरण में कई बड़ी योजनाएं शुरू
जल जीवन मिशन के पहले चरण में तमिलनाडु सरकार ने बड़े स्तर पर जल आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाएं शुरू की थीं. स्टालिन ने बताया कि राज्य ने 18,123 करोड़ रुपये की लागत से 45 नई मल्टी-विलेज योजनाएं, 56 संयुक्त जल आपूर्ति योजनाओं का नवीनीकरण और 21,258 सिंगल-विलेज योजनाएं शुरू की थीं. इनमें से अधिकांश योजनाओं का काम पूरा हो चुका है.
मुख्यमंत्री के अनुसार सभी एकल ग्राम योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 101 बहु-ग्राम तथा नवीनीकरण योजनाओं में से 92 योजनाएं पूरी कर ली गई हैं. शेष 9 बहु-ग्राम योजनाएं अंतिम चरण में हैं और जल्द पूरी होने की उम्मीद है.
होगेनक्कल चरण-III योजना पर भी मांगी मदद
मुख्यमंत्री स्टालिन ने प्रधानमंत्री का ध्यान होगेनक्कल फेज-III संयुक्त जल आपूर्ति योजना की ओर भी आकर्षित किया. उन्होंने बताया कि इस योजना को जून 2023 में जल शक्ति मंत्रालय की राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति ने मंजूरी दी थी. इसकी कुल लागत 8,428 करोड़ रुपये तय की गई थी, जिसमें जल जीवन मिशन के तहत केंद्र का हिस्सा 2,283 करोड़ रुपये निर्धारित था.
हालांकि राज्य सरकार ने इस परियोजना की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने फिलहाल इस योजना के लिए केंद्रीय सहायता देने में असमर्थता जताई है. स्टालिन ने कहा कि यदि इस स्तर पर केंद्र का समर्थन नहीं मिला तो कृष्णागिरी और धर्मपुरी जिलों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति की योजना प्रभावित हो सकती है.
राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से दिया अग्रिम धन
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि योजनाओं का काम प्रभावित न हो, इसके लिए तमिलनाडु सरकार ने अपने संसाधनों से 2,550 करोड़ रुपये का अग्रिम धन जारी किया है. यह राशि जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों के खर्च को पूरा करने के लिए दी गई है.
नई योजनाओं का प्रस्ताव
स्टालिन ने पत्र में यह भी बताया कि राज्य सरकार ने 7,590 करोड़ रुपये की लागत से 10 नई मल्टी-विलेज जल आपूर्ति योजनाएं प्रस्तावित की हैं. ये योजनाएं डिंडीगुल, नामक्कल, तिरुचिरापल्ली, करूर, तिरुवल्लूर, पुदुकोट्टई, मयिलादुथुराई, तेनकासी, तूतीकोरिन, तिरुप्पुर और इरोड जैसे जिलों को कवर करेंगी.
मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि इन योजनाओं को जल जीवन मिशन 2.0 के तहत मंजूरी दी जाए, ताकि राज्य के ग्रामीण इलाकों को पूरी तरह से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके.
केंद्र से सहयोग की उम्मीद
अपने पत्र के अंत में स्टालिन ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार ग्रामीण आबादी के लिए सुरक्षित और समान पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य का सहयोग जारी रखेगी. उन्होंने कहा कि यदि बकाया राशि जल्द जारी कर दी जाती है, तो तमिलनाडु में जल जीवन मिशन की परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी और लाखों ग्रामीण परिवारों को इसका लाभ मिलेगा.