क्या पौधे भी महसूस करते हैं तनाव? कृषि एक्सपर्ट ने बताया प्लांट स्ट्रेस का पूरा सच

कृषि विज्ञान में नई सोच के अनुसार पौधे अब सिर्फ स्थिर जीव नहीं माने जाते. वैज्ञानिकों का कहना है कि पौधे तापमान, पानी की कमी और कीट हमले पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं. यह प्रक्रिया फसल की वृद्धि और उत्पादन को प्रभावित करती है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है यदि सही प्रबंधन न हो.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 5 Jul, 2026 | 06:00 AM

क्या आपने कभी सोचा है कि पौधे भी तनाव महसूस करते हैं? सुनने में यह बात अजीब लग सकती है. बिहार के डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. एस.के. सिंह ने बताया कि पौधे भी बदलते मौसम, पानी की कमी, तेज गर्मी, बाढ़ और कीटों के हमलों का असर महसूस करते हैं. ऐसे हालात में उनके भीतर कई जैविक बदलाव शुरू हो जाते हैं, जो उन्हें खुद को बचाने में मदद करते हैं. अगर किसान इस प्लांट स्ट्रेस को समय रहते समझ लें, तो फसल का नुकसान कम करने के साथ उत्पादन और गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है.

सूखा, बाढ़ और गर्मी जैसे हालात पौधों को तनाव में डालते हैं

डॉ. एस.के. सिंह ने बताया कि पौधों में तनाव मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है-अजैविक और जैविक. अजैविक तनाव में सूखा, अत्यधिक वर्षा, जलभराव, पाला, लवणीयता और तापमान में बदलाव  शामिल हैं. वहीं जैविक तनाव में फफूंद, बैक्टीरिया, वायरस और कीटों का हमला आता है. इन परिस्थितियों में पौधे अपने रंध्र बंद कर देते हैं ताकि पानी की हानि कम हो सके. साथ ही एब्सिसिक एसिड जैसे हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं, जिससे पौधे अपनी ऊर्जा बचाने की कोशिश करते हैं. यह प्रक्रिया पौधों के जीवन को बचाने के लिए एक प्राकृतिक रक्षा तंत्र है.

तनाव की स्थिति में फसल उत्पादन और गुणवत्ता पर असर

डॉ. एस.के. सिंह के अनुसार जब पौधे लंबे समय तक तनाव  में रहते हैं, तो इसका सीधा असर उनकी वृद्धि, फूल आने और फल बनने की प्रक्रिया पर पड़ता है. कई बार फूल और फल समय से पहले गिर जाते हैं, जिससे उत्पादन में भारी कमी आती है. पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और पौधे कमजोर हो जाते हैं. यही कारण है कि फसल प्रबंधन में सिंचाई, जल निकासी और पोषण संतुलन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है. यदि समय रहते तनाव को नियंत्रित किया जाए तो फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है.

फल भी कटाई के बाद जीवित रहते हैं और तनाव महसूस करते हैं

कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि केवल पौधे ही नहीं, बल्कि फल भी एक तरह से जीवित अवस्था में रहते हैं. कटाई के बाद भी उनके भीतर श्वसन, जल हानि और एथिलीन उत्पादन जैसी प्रक्रियाएं चलती रहती हैं. यदि तापमान अधिक हो, चोट लगे या ऑक्सीजन की कमी हो जाए तो फल तेजी से खराब होने लगते हैं. इस स्थिति को पोस्ट-हार्वेस्ट स्ट्रेस कहा जाता है. इसी कारण फलों को सही तापमान और वातावरण में स्टोर करना बेहद जरूरी होता है ताकि उनकी ताजगी और गुणवत्ता बनी रहे.

वैज्ञानिक समझ से खेती होगी अधिक लाभकारी और टिकाऊ

डॉ. एस.के. सिंह ने बताया कि यदि किसान पौधों और फलों  में होने वाले तनाव को सही तरीके से समझ लें, तो वे फसल प्रबंधन में बेहतर निर्णय ले सकते हैं. वैज्ञानिक तरीकों से सिंचाई, खाद प्रबंधन और कीट नियंत्रण अपनाकर न केवल उत्पादन बढ़ाया जा सकता है बल्कि नुकसान भी कम किया जा सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक कृषि में पौधों के व्यवहार को समझना उतना ही जरूरी है जितना कि मिट्टी और मौसम को समझना. इससे खेती अधिक टिकाऊ, लाभकारी और वैज्ञानिक बन सकती है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 5 Jul, 2026 | 06:00 AM

लेटेस्ट न्यूज़

Kisan Sarathi Portal Gives Deatails Of Market Rate To Scientific Advice All At One Platform To Farmers

किसानों की हर समस्या का समाधान अब एक ही प्लेटफॉर्म पर, घर बैठे मिलेगा मौसम, मंडी का पूरा अपडेट, जानें कैसे

Centre Approves Bhavantar Payment Amid Totapuri Mango Crisis In Andhra Pradesh Forms Expert Committee

आंध्र प्रदेश में तोतापुरी आम संकट गहराया, केंद्र ने दी भावांतर भुगतान की मंजूरी, एक्सपर्ट कमेटी गठित

Centre Lifts Natural Gas Supply Restrictions After Hormuz Lng Supplies Resume Following West Asia Ceasefire

4 महीने बाद केंद्र का बड़ा फैसला, LNG सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटाईं, जानें किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

Pm Fasal Bima Yojana Registration Date Upto 31st July Know How To Apply For Crop Insurance Pmfby

खरीफ किसानों के पास आखिरी मौका, 31 जुलाई तक करा लें रजिस्ट्रेशन, वरना नहीं मिलेगा बीमा का लाभ

Popcorn Maize High Profit Crop For Indian Farmers Gourmet Popcorn Sbp Pattabhi Rama Rao Interview

क्या है पॉपकॉर्न मक्का और कैसे यह किसानों की आमदनी बढ़ाने वाला हाई-वैल्यू क्रॉप बन सकता है…

Imd Weather Update Today Heavy Rain Alert For Delhi Up Rajasthan For Next 5 Days Aaj Ka Mausam Kaisa Rahega

मॉनसून ने बदली चाल, अगले कई दिनों तक होगी झमाझम बारिश, इन राज्यों के लिए IMD की बड़ी चेतावनी