PM Kisan Scheme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan) से किसानों को फाफी फायदा हुआ है. उनकी कमाई में बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 10 करोड़ किसानों के खातों में 4 लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं. जबकि पीएम फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के बीमा दावे निपटाए गए हैं. उन्होंने कहा कि संस्थागत ऋण कवरेज 75 फीसदी से अधिक हो गया है, जिससे किसानों के जोखिम कम हुए और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिली है.
दरअसल, पीएम मोदी ने आज तीसरे पोस्ट-बजट वेबिनार को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का फोकस कृषि और ग्रामीण परिवर्तन पर है. प्रधानमंत्री ने कृषि को भारतीय अर्थव्यवस्था की मुख्य रीढ़ और देश के दीर्घकालिक विकास की रणनीतिक नींव बताया. उन्होंने कहा कि खाद्य अनाज और दलहन के रिकॉर्ड उत्पादन के साथ अब कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा डालने की जरूरत है. उन्होंने इस साल के संसदीय बजट में इस दिशा में उठाए गए कदमों का जिक्र किया और वेबिनार के सुझावों से बजट प्रावधानों के त्वरित कार्यान्वयन की उम्मीद जताई.
कृषि में तकनीक को बढ़ावा देने पर विशेष जोर
पीएम मोदी ने वैश्विक मांग में बदलाव और भारतीय कृषि को निर्यात-केंद्रित बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि देश की विविध जलवायु का पूरा उपयोग कर उत्पादकता और निर्यात क्षमता बढ़ाई जा सकती है. उन्होंने कहा कि इस वेबिनार में मुख्य चर्चा किसानों की फसल को निर्यात-केंद्रित बनाने पर होनी चाहिए. इस दौरान पीएम मोदी ने कृषि में तकनीकी संस्कृति पर बात करते हुए e-NAM, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, किसान ID और डिजिटल भूमि सर्वे जैसी पहलों का उल्लेख किया. मोदी ने कहा कि हमारी सरकार कृषि में तकनीक को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देती है.
AI आधारित प्लेटफॉर्म और डिजिटल सर्वे का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि AI आधारित प्लेटफॉर्म और डिजिटल सर्वे तभी सफल होंगे जब उन्हें संस्थानों और उद्यमियों के साथ मिलाकर सही तरीके से लागू किया जाए. उन्होंने सुझाव मांगे कि तकनीक को पारंपरिक प्रणालियों के साथ कैसे जोड़ा जाए. उन्होंने कहा कि इस वेबिनार से मिलने वाले सुझाव तकनीक के सही समेकन में अहम भूमिका निभाएंगे. वहीं, प्रधानमंत्री ने PM आवास योजना और PM ग्राम सड़क योजना जैसी योजनाओं के जरिए ग्रामीण समृद्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स (SHG) के ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव का भी उल्लेख किया और कहा कि हमारी सरकार ग्रामीण समृद्धि के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है.
3 करोड़ होगी लाखपति दीदियों की संख्या
‘लाखपति दीदी’ अभियान पर बात करते हुए उन्होंने 2029 तक 3 करोड़ और महिला उद्यमियों को सफलता दिलाने का लक्ष्य रखा और इसे तेजी से हासिल करने के लिए सुझाव मांगे. उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को तेजी से हासिल करने के आपके सुझाव महत्वपूर्ण होंगे. अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री ने भंडारण अभियान, एग्री-फिनटेक और सप्लाई चेन में नवाचार की जरूरत पर जोर दिया और उद्यमियों से इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की अपील की. उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि आज आपके विचार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देंगे.
देश में मछली का बंपर उत्पादन
प्रधानमंत्री ने विशेषज्ञों, उद्योग और किसानों के एकजुट प्रयास की जरूरत बताई ताकि स्थानीय किसानों को वैश्विक बाजार और ब्रांडिंग मानकों से जोड़ा जा सके. मत्स्य क्षेत्र पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक है. वर्तमान में हमारे जलाशयों और तालाबों में लगभग 4.5 लाख टन मछली का उत्पादन हो रहा है, लेकिन इसमें अतिरिक्त 20 लाख टन उत्पादन की संभावना है. उन्होंने हैचरी, फीड और लॉजिस्टिक्स में नए बिजनेस मॉडल अपनाने और स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय बढ़ाने का सुझाव दिया. पीएम ने कहा कि यह क्षेत्र ग्रामीण समृद्धि के लिए उच्च-मूल्य और उच्च-प्रभाव वाला बन सकता है.
दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा अंडा उत्पादक है. उन्होंने पशु की स्वस्थता, गुणवत्ता प्रजनन और रोग रोकथाम पर ध्यान देने की जरूरत बताई. प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय गो-कल मिशन और किसान क्रेडिट कार्ड की उपलब्धता का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 125 करोड़ से अधिक डोज पशुओं को फूट और माउथ डिजीज से बचाने के लिए दी जा चुकी हैं. निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए पशुपालन अवसंरचना विकास निधि भी शुरू किया गया है.