दुर्घटना पीड़ित 1.84 लाख ग्रामीण परिवारों को 3660 करोड़ मिले, जनसुरक्षा योजनाओं पर 25 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च

सरकार की जन सुरक्षा योजनाएं अब करोड़ों परिवारों के लिए मुश्किल समय में बड़ा सहारा बन चुकी हैं. कम प्रीमियम में बीमा और पेंशन का लाभ मिलने से गरीब और मध्यम वर्ग को आर्थिक सुरक्षा मिली है. 11 साल में करोड़ों लोगों ने इन योजनाओं से जुड़कर फायदा उठाया है और हजारों करोड़ रुपये के दावों का भुगतान भी हुआ है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 9 May, 2026 | 07:42 PM

Government Scheme: देश के गरीब, मजदूर, छोटे किसान और कम आय वाले परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए शुरू की गई जन सुरक्षा योजनाएं अब करोड़ों लोगों के लिए बड़ा सहारा बन चुकी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई 2015 को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) की शुरुआत की थी. इन योजनाओं का मकसद कम खर्च में लोगों को बीमा और पेंशन की सुविधा देना था ताकि किसी मुश्किल समय में परिवार को आर्थिक मदद मिल सके. अब इन योजनाओं ने 11 साल पूरे कर लिए हैं और सरकार ने इनके आंकड़े भी जारी किए हैं.

करोड़ों लोगों ने जुड़कर उठाया फायदा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि जन सुरक्षा योजनाओं के तहत अब तक करोड़ों लोग जुड़ चुके हैं. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना  में 27 करोड़ से ज्यादा नामांकन हुए हैं. वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 58 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े हैं. अटल पेंशन योजना में भी 9 करोड़ से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया है. सरकार के मुताबिक इन योजनाओं ने गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को मुश्किल समय में आर्थिक सुरक्षा देने का काम किया है.

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत अब तक 10.7 लाख से ज्यादा परिवारों को 21,500 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है. वहीं पीएमएसबीवाई योजना के तहत 1.84 लाख से ज्यादा परिवारों को लगभग 3,660 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना था कि कम आय वाला व्यक्ति भी बहुत कम खर्च में बीमा और पेंशन का लाभ ले सके. यही वजह है कि इन योजनाओं का प्रीमियम बेहद कम रखा गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ सकें.

योजना का नाम अब तक नामांकन प्रीमियम  मिलने वाला लाभ अब तक दी गई सहायता
PMJJBY(प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना) 27+ करोड़ 436 रुपये सालाना 2 लाख रुपये जीवन बीमा 10.7 लाख परिवारों को 21,500 करोड़ से ज्यादा
PMSBY (प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना) 58+ करोड़ 20 रुपये सालाना दुर्घटना पर 2 रुपये लाख तक कवर 1.84 लाख परिवारों को 3,660 करोड़ रुपये
APY (अटल पेंशन योजना) 9+ करोड़ मासिक योगदान 1,000 रुपये से 5,000 रुपये मासिक पेंशन बुजुर्गों को गारंटीड पेंशन सुविधा

PIB के रिपोर्ट के अनुसार

सिर्फ कुछ रुपये में मिल रहा लाखों का सुरक्षा कवर

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में सालाना सिर्फ 436 रुपये जमा करने पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा मिलता है. इस योजना में 18 से 50 साल तक का कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है. अगर किसी कारण से सदस्य की मौत हो जाती है तो परिवार को 2 लाख रुपये की मदद दी जाती है. वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में सालाना केवल 20 रुपये का प्रीमियम देना होता है. इसमें दुर्घटना में मौत  या विकलांगता होने पर 2 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है. इस योजना का लाभ 18 से 70 साल तक के लोग उठा सकते हैं. सरकार ने इन दोनों योजनाओं को बैंक खाते से जोड़ा है. प्रीमियम सीधे खाते से ऑटो डेबिट हो जाता है, जिससे लोगों को बार-बार बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती. ऑनलाइन सुविधा आने के बाद गांव और छोटे शहरों के लोगों के लिए नामांकन आसान हो गया है.

अटल पेंशन योजना से बुजुर्गों को सहारा

अटल पेंशन योजना  खास तौर पर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए शुरू की गई थी. इस योजना में 18 से 40 साल तक का व्यक्ति जुड़ सकता है. इसमें हर महीने छोटी राशि जमा करनी होती है और 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 1,000 से 5,000 रुपये तक की गारंटीड पेंशन मिलती है. सरकार के अनुसार इस योजना में महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है. कुल नामांकन में करीब 49 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं. वहीं 70 प्रतिशत से ज्यादा लाभार्थी ग्रामीण इलाकों से हैं. केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि योजनाओं की प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाया गया है ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों तक मदद जल्दी पहुंच सके. सरकार का मानना है कि आने वाले समय में ये योजनाएं और ज्यादा लोगों को आर्थिक सुरक्षा देने का काम करेंगी.

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