भारत और अमेरिका के व्यापार समझौते में कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलने को लेकर अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की आलोचना की है. अखिलेश ने कहा कि अगर सब विदेश से आएगा तो किसान क्या उगाएगा? उन्होंने लोकसभा में सरकार को घेरते हुए कहा कि किसानों को फसलों के लिए एमएसपी की गारंटी कब देंगे. अगर किसान को लाभ नहीं मिलेगा, तो वह अपना घर से कैसे चलाएंगे. अखिलेश ने बजट 2026-27 को दिशाहीन बताया.
अमेरिकी डील पर बिफरे अखिलेश यादव ने कहा हमारा किसान क्या उगाएगा और क्या बेचेगा
अखिलेश यादव ने लोकसभा में अमेरिका के साथ किए गए समझौते पर सरकार की आलोचना की. अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने की बात केंद्र सरकार ने कही थी. इस डील के बाद हमारे किसानों का हाल क्या होगा. जब सब कुछ विदेश से ही आएगा, किसान क्या उगाएगा और क्या बेच पाएगा. सरकार ने एग्री इंफ्रा, मंडिया तैयार करने की बात कही थी. किसानों को आज भी एमएसपी की कानूनी गारंटी सरकार नहीं दे पाई. सरकार हर्टिकल्चर क्रॉप्स और दुग्ध उत्पादन के आंकड़े गिनाती है.
सरकार किसानों को एमएसपी गारंटी कब देगी
अखिलेश यादव ने किसानों को फसलों की सही कीमत नहीं मिलने के मुद्दे पर घेरते हुए कहा कि सरकार एमएसपी की गारंटी कब देंगी. अगर किसान को लाभ नहीं मिलेगा तो अपना घर कैसे चलाएगा, बच्चों को कैसे पढ़ाएगा, बेटियों को विदा कैसे करेगा. आज सोने के भाव कहां पहुंच गए. पहले गरीब सोचता था कि बिटिया की विदाई में सोने का कुछ दे देंगे. यही सरकार चलती रही तो चांदी दूर, लोहे पर पीतल का पानी चढ़ाकर भी वह बेटी की विदाई नहीं कर पाएगा.
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केंद्रीय बजट को दिशाहीन बताया
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि बजट दिशाहीन है. बजट में गरीब, पिछड़े, दलित के लिए कुछ नहीं है. हम इतने बजट ला रहे हैं, हमारी पर कैपिटा इनकम नहीं बढ पा रही. सरकार को कम से कम फ्री राशन पाने वालों की पर कैपिटा इनकम तो बताना ही चाहिए. यूपी जैसे प्रदेश की डबल इंजन की सरकार को बहुत कुछ कहा जाता है. यूपी के लिए कोई खास योजना ऐसी नहीं आई है, जिससे यूपी के 25 करोड़ लोगों को मुख्य धारा से जोड़ा जाए.
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि यूपी से प्रधानमंत्री आते हैं, भारत सरकार के बजट से कोई भी एक्सप्रेसवे नहीं बना है. जो बने भी हैं, उस क्वालिटी के नहीं हैं, जैसे विकसित भारत की क्वालिटी होनी चाहिए. भ्रष्टाचार पर सवाल उठाने वालों को देखना चाहिए. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से कोई एक्सप्रेसवे बन रहा था. बनने के साथ-साथ उसका नाम भी बदल दिया. पहले चंबल फिर अटल जी के नाम पर… लग रहा वह बस कागजों पर बन रहा था.
कई देशों से फ्री ट्रेड डील पर चुटकी ली
अखिलेश यादव ने कहा कि शशि थरूर अभी बोल रहे थे. काफी आंकड़े गिनाए, उसी से मिलते-जुलते आंकड़े मेरे पास भी हैं. उन्होंने कहा कि बजट आने से पहले और बजट आने के बाद पूरे देश में अमेरिका से डील को लेकर बात चल रही थी. बीजेपी ने दावे किए कि हमने दुनिया में कई देशों से फ्री ट्रेड डील कर ली है. उनसे जानना चाहूंगा कि कितने देश बचे हैं, जिनसे फ्री ट्रेड डील नहीं कर पाए हैं. कुछ लोग रुपये को लेकर उम्र पर सवाल उठाते थे, इस डील के बाद रुपया कहां जाएगा. यही डील करनी थी, तो पहले ही क्यों नहीं कर ली गई. ये डील नहीं, ढील हुई है. देश जानना चाहता है कि 18 बड़ा है या जीरो. बजट पहले बना या पहले डील हुई.