सरकार का बड़ा फैसला, अब खुद कर रही है आटे की बिक्री.. 20 रुपये किलो है रेट

Flour sales: उचित मूल्य दुकानें हर महीने 15 दिन सुबह से शाम तक खुली रहेंगी, ताकि लोगों को राशन लेने में आसानी हो. मंत्री कहा कि स्मार्ट राशन कार्ड की सुविधा से कार्डधारक राज्य की किसी भी उचित मूल्य दुकान से राशन ले सकते हैं, जिससे सुविधा और पोर्टेबिलिटी बढ़ी है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 10 Feb, 2026 | 03:38 PM

Andhra Pradesh News: आम जनता को पोषक आहार उपलब्ध कराने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने बड़ा कमद उठाया है. राज्य सरकार ने अब खुद आटा बेचने का फैसला किया है. खास बात यह है कि गेहूं के आटे की बिक्री उचित मूल्य दुकानों के जरिए की जाएगी. यानी राशन कार्ड धारकों को यह आटा 20 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर मिलेगा. इस योजना का शुभारंभ तेनाली में नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेंदला मनोहर ने किया. सरकार को उम्मीद है कि इस पहले से आम जनता को काफी फायदा मिलेगा. उसे महंगाई से भी राहत मिलेगी.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेंदला मनोहर ने कहा कि इसका उद्देश्य लोगों को ज्यादा सेहतमंद भोजन देना और राशन वितरण प्रणाली को मजबूत करना है. मंत्री ने कहा कि सरकार फिलहाल राशन दुकानों  में मिलने वाले चावल पर 47.10 रुपये प्रति किलो खर्च कर रही है, जबकि गेहूं का आटा पोषण के लिहाज से पॉलिश किए गए चावल से बेहतर है. पहले चरण में राज्य के जिला मुख्यालयों में करीब 1,800 टन गेहूं का आटा वितरित किया जा रहा है. आने वाले समय में यह योजना सभी उचित मूल्य दुकानों तक लागू की जाएगी.

पारदर्शी तरीके से मिल रहा है लाभ

मंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गठबंधन सरकार द्वारा किए गए सुधारों की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान राशन व्यवस्था का लाभ सीमित लोगों तक ही पहुंच रहा था और यहां तक कि राशन कार्डों पर राजनीतिक रंग और तस्वीरें भी लगाई जाती थीं. अब ऐसी सभी प्रथाएं खत्म कर दी गई हैं और व्यवस्था को पारदर्शी व सभी लाभार्थियों के लिए सुलभ बनाया जा रहा है.

महीने में 15 दिन खुलेंगी दुकाने

मनोहर ने कहा कि अब उचित मूल्य दुकानें हर महीने 15 दिन सुबह से शाम तक खुली रहेंगी, ताकि लोगों को राशन लेने में आसानी हो. उन्होंने कहा कि स्मार्ट राशन कार्ड की सुविधा से कार्डधारक राज्य की किसी भी उचित मूल्य दुकान से राशन ले सकते हैं, जिससे सुविधा और पोर्टेबिलिटी बढ़ी है. आगे की योजना के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार उचित मूल्य दुकानों के जरिए पहाड़ी इलाकों के उत्पाद और जैविक खाद्य सामग्री  भी उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है. इससे लोगों को सेहतमंद विकल्प मिलेंगे और डीलरों की आमदनी भी बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि गेहूं आटा वितरण की यह पहल खाद्य सुरक्षा, पोषण और मजबूत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

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Published: 10 Feb, 2026 | 03:33 PM

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