गेहूं में पीला रतुआ रोग का खतरा, 20 फीसदी तक घट जाएगी पैदावार! किसान करें टेबुकोनाजोल का छिड़काव

yellow Rust: फरवरी में हल्की गर्मी शुरू होते ही गेहूं के पौधों की बढ़वार  धीमी पड़ने लगती है, जिससे किसान चिंतित रहते हैं. इस समय दाना बनने की प्रक्रिया शुरू होती है और पैदावार में 15 से 20 प्रतिशत तक गिरावट का खतरा रहता है. अगर खेत में पीला रतुआ रोग दिखे तो गेहूं की फसल पर प्रोपिकोनाजोल या टेबुकोनाजोल का छिड़काव किया जा सकता है.

Kisan India
नोएडा | Published: 10 Feb, 2026 | 01:20 PM

Wheat Farming: फरवरी महीने के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव होता है. सुबह-शाम हल्की सर्दी रहती है, तो दिन में तेज धूप निकल जाती है. इससे तापमान अचानक बढ़ जाता है. ऐसे में गेहूं की फसल पर कीटों के अटैक का खतरा बढ़ जाता है. साथ ही पीला रतुआ रोग का असर कही-कही गेहूं की पत्तियों में दिखने लगता है. अगर इस रोग का समय पर इलाज नहीं किया गया तो गेहूं की पैदावार प्रभावित हो सकती है. इसलिए किसानों को समय रहते कीटनाशकों का छिड़काव करना चाहिए.

पीला रतुआ रोग  की चपेट में आने से गेहूं की पत्तियों पर हल्दी जैसे पीले रंग की लंबी धारियां बन जाती हैं. अगर समय पर इलाज नहीं किया गया तो फसल को नुकसान पहुंचने से उत्पादन में कमी आ सकती है. हालांकि, कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि फरवरी महीने में बदलते मौसम के कारण गेहूं की फसल में रोगों का खतरा बढ़ गया है. फरवरी में सुबह-शाम घना कोहरा और दिन में हल्की धूप के चलते खेतों में पीला रतुआ रोग का असर दिखता है. साथ ही एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि कई बार अधिक सिंचाई के कारण भी पत्तियों में पीलापन आ जाता है. ऐसे में किसान यूरिया का छिड़काव कर फसल को नुकसान होने से बचा सकते हैं.

इस दवा का करें छिड़काव

दरअसल, फरवरी में हल्की गर्मी शुरू होते ही गेहूं के पौधों की बढ़वार  धीमी पड़ने लगती है, जिससे किसान चिंतित रहते हैं. इस समय दाना बनने की प्रक्रिया शुरू होती है और पैदावार में 15 से 20 प्रतिशत तक गिरावट का खतरा रहता है. अगर खेत में पीला रतुआ रोग दिखे तो गेहूं की फसल पर प्रोपिकोनाजोल या टेबुकोनाजोल का छिड़काव किया जा सकता है. एक एकड़ खेत में करीब 10 टंकी दवा का छिड़काव करने से इस रोग पर नियंत्रण पाया जा सकता है.

इतने दिन पर करें दवा का छिड़काव

खास बात यह है कि यह रोग अधिक ठंड और नमी में फैलता है. इसलिए 15-20 दिन के अंतराल पर दवा का छिड़काव जरूरी है. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, खेत में पानी जमा होने से रोग तेजी से बढ़ता है, इसलिए सिंचाई करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. इसके अलावा फरवरी में गेहूं की फसल पर माहू कीट  का प्रकोप बढ़ जाता है. यह कीट पौधों की जड़ों और पत्तियों का रस चूसता है, जिससे पौधे पीले पड़कर धीरे-धीरे सूखने लगते हैं.

माहू कीट भी है गेहूं के लिए घातक

विशेषज्ञों के मुताबिक, माहू कीट पौधों पर चिपचिपा पदार्थ छोड़ता है, जिससे काली फफूंदी बढ़ती है और फसल बर्बाद  होने का खतरा रहता है. इस कीट से गेहूं के कल्ले बनने की संभावना कम हो जाती है और पैदावार घट जाती है. इससे बचाव के लिए एक लीटर नीम का तेल 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ फसल पर छिड़काव करें. नीम का तेल माहू कीट को मारकर फसल को बचाने में मदद करता है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

केला जल्दी काला क्यों पड़ जाता है?

Protect Wheat Crops From Yellow Rust Spray Tebuconazole Wheat Farming

गेहूं में पीला रतुआ रोग का खतरा, 20 फीसदी तक घट जाएगी पैदावार! किसान करें टेबुकोनाजोल का छिड़काव

Animal Husbandry Amazing Ivf Technology Cow One Breed Gave Birth To Calf Another Breed

पशुपालन क्षेत्र में बड़ी कामयाबी, IVF तकनीक से एक नस्ल की गाय से जन्मी दूसरी नस्ल की बछिया

White Rust Is Very Fatal For Mustard In February Home Remedy For Mustard Crop

फरवरी में सरसों के लिए बहुत घातक है सफेद रस्ट, रूक जाता है पौधों का विकास.. बचाव के लिए करें ये काम

Gold Rate Today February 10 Check City Wise Silver Rate Crash India Aaj Ka Sone Chandi Ka Bhao

Gold Rate: सोना-चांदी की कीमतें धड़ाम! MCX पर बड़ी गिरावट, खरीदारी का सुनहरा मौका या और टूटेंगे भाव, जानिए

Naveen Patnaik Raised Questions On The Current System Of Paddy Procurement

धान खरीद की लचर व्यवस्था पर सियासत गरमाई, सीएम और पूर्व सीएम के बीच बयानबाजी.. किसानों के लिए ये बदलाव जरूरी

Blue Java Banana Ice Cream Banana Health Benefits Farming Cultivation Market Demand

नीला केला जो दिखता भी अलग, स्वाद भी आइसक्रीम जैसा – जानिए ब्लू जावा केले की खेती का आसान तरीका