भारत से ज्यादा नेपाल में चीनी महंगी, 27 फीसदी तक बढ़े दाम.. 140 रुपये किलो रेट

नेपाल में दशैं और तिहार त्योहार से पहले चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं. काठमांडू घाटी में चीनी 140 रुपये किलो तक पहुंच गई है. एक महीने में कीमत करीब 27 फीसदी बढ़ी है. आयात लागत और कम सप्लाई को तेजी की वजह बताया जा रहा है. सरकार ने कीमत नियंत्रित करने के लिए 25 हजार टन चीनी आयात की मंजूरी दी है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 9 Sep, 2026 | 11:02 AM

Sugar Price Hike: नेपाल में चीनी की कीमत भारत के मुकाबले ज्यादा हो गई है. अभी भारत में चीनी 65 से 70 रुपये किलो बिक रही है. लेकिन काठमांडू घाटी के खुदरा बाजारों में चीनी 110 रुपये से बढ़कर नेपाली करेंसी में 140 रुपये किलो तक पहुंच गई है, जो भारतीय मुद्रा में 87.46 रुपये के बराबर है. वहीं, स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि एक महीने में कीमत करीब 27 फीसदी बढ़ी है. हालांकि, त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है. ऐसे में आम जनता के किचन का बजट बिगड़ सकता है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, काठमांडू के सिगल इलाके में दो हफ्ते पहले यही चीनी 115 रुपये किलो मिल रही थी. यानी दो हफ्ते में कीमत 25 रुपये किलो बढ़ गई. हालांकि, अलग-अलग इलाकों में चीनी के दाम अलग  हैं. भक्तपुर के गट्ठाघर में शुक्रवार को चीनी 130 रुपये किलो बिकी. नेपाल रिटेल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पवित्र बज्राचार्य ने कहा कि एक महीने में थोक बाजार में चीनी के दाम 125 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं. अगस्त के मध्य में यह करीब 110 रुपये किलो थी.

आयात लागत बढ़ने से चीनी महंगी, सरकारी दुकान पर 105 रुपये किलो

नेपाल रिटेल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पवित्र बज्राचार्य के मुताबिक, चीनी की कीमत बढ़ने की मुख्य वजह आयात लागत में बढ़ोतरी है. उन्होंने कहा कि थोक विक्रेताओं और सप्लायर्स का भी कीमतों पर असर है. थोक कारोबारियों ने कीमत बढ़ने के लिए महंगे आयात को जिम्मेदार बताया है और खुदरा विक्रेताओं पर बढ़ोतरी का आरोप खारिज किया है. वहीं, सॉल्ट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (STC) अपनी दुकानों पर चीनी 105 रुपये किलो में बेच रहा है, जो खुले बाजार की कीमत से काफी कम है. सप्लाई में रुकावट के बाद STC ने एक ग्राहक के लिए खरीद की सीमा 6 किलो से घटाकर 2 किलो कर दी है. STC के सहायक मुख्य कार्यकारी अधिकारी ब्रजेश झा ने कहा कि सरकारी दुकानों और खुले बाजार के दामों में बड़ा अंतर कीमतों को नियंत्रित करने में सरकारी हस्तक्षेप की जरूरत दिखाता है. हालांकि, इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि त्योहारों में मांग बढ़ने से पहले बाजार में पर्याप्त चीनी पहुंचती है या नहीं.

सरकार ने 25 हजार टन आयात को दी मंजूरी

नेपाल में दशैं और तिहार से पहले चीनी के दाम बढ़ना आम बात है. इन त्योहारों के दौरान घरों और कारोबारियों की ओर से चीनी की मांग बढ़ जाती है. हालांकि, नेपाल रिटेल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पवित्र बज्राचार्य ने कहा कि हर साल कीमत बढ़ने का यह सिलसिला वास्तविक कमी के बजाय जमाखोरी या कृत्रिम कमी की आशंका पैदा करता है. उन्होंने कहा कि बाजार में चीनी मिल  रही है, लेकिन लोगों को इसके लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है. इस साल स्थिति इसलिए भी अहम है क्योंकि देश में चीनी का घरेलू उत्पादन लगभग खत्म हो चुका है. गन्ने की अगली पेराई का सीजन दिसंबर तक शुरू होने की उम्मीद नहीं है. ऐसे में सरकार ने बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के कदम शुरू किए हैं.

नोटा- अभी के हिसाब से 1 भारतीय रुपया करीब 1.60 नेपाली रुपये के बराबर है. यानी 100 भारतीय रुपये करीब 160 नेपाली रुपये होते हैं.

 

 

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 9 Sep, 2026 | 10:49 AM

लेटेस्ट न्यूज़