बस्ती में ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे युवा देवांश, सालाना 10 लाख की कमाई से सबको चौंकाया

ड्रैगन फ्रूट की खेती करने वाले उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के देवांश पांडेय को उनके आसपास के लोग ड्रैगन फ्रूट का जनक कहते हैं. देवांश बताते हैं कि ड्रैगन फ्रूट की खेती से उन्हें सालाना लगभग 10 लाख रुपये तक की कमाई हो जाती है.

कहते हैं अगर मेहनत ईमानदारी से की जाए तो उसका अच्छा फल जरूर मिलता है. इसका एक जीता जागता उदाहरण हैं उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के बलुआ गांव में रहने वाले 25 साल के युवा देवांश पांडेय. वह बस्ती मंडल में ड्रैगन फ्रूट के जनक के नाम से पहचाने जाते हैं. आज की हमारी ‘चैंपियन किसान सीरीज’ में बात करने वाले हैं बस्ती के चैंपियन किसान देवांश पांडेय की. वह 1.5 एकड़ जमीन पर ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं. देवांश बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही खेती का शौक था और उनकी खेती के इस सफर में उनकी मां उन्हें पूरा सहयोग देती हैं. बता दें कि देवांश ने बीएड और एमकॉम तक की पढ़ाई की है.

क्यों करते हैं ड्रैगन फ्रूट की खेती

‘किसान इंडिया’ से बात करते हुए देवांश पांडेय ने बताया कि उन्हें नौकरी तो मिल जाती लेकिन उनका मानना है कि आज के समय में खेती को अपनाने की जरूरत है. देवांश बताते हैं कि इस तरह वो अपने गांव और अपने परिवार के साथ रहते हैं. देवांश ने कहा कि खेती भी एक तरह का व्यापार है. दरअसल, बस्ती मण्डल के बस्ती, सिद्वार्थनगर तथा संतकबीरनगर जिले में किसी भी किसान द्वारा ड्रैगन प्रूट की खेती नहीं की जा रही है. देवांश ने बताया कि 2 साल पहले वे हैदराबाद से ड्रैगन फ्रूट की नर्सरी लाए थे और वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल कर ड्रैगन फ्रूट की खेती की शुरुआत की जिसमें उन्हें पहली बार में 2 हजार से ज्यादा ड्रैगन फ्रूट के पौधे मिले और साल 2024 में 4 लाख के फ्रूट का उत्पादन मिला.

पोषक तत्वों से भरपूर है ड्रैगन फ्रूट

देवांश पांडेय का कहना है कि ड्रैगन फ्रूट, जिसे पिटाया (चपजंलं) के नाम से भी जाना जाता है, अपने समृद्ध पोषक तत्वों के कारण कई स्वास्थ्य संबंधी फायदे देता है. फाइबर का एक अच्छा स्रोत है, जिसमें प्रति सर्विंग 3-5 ग्राम फाइबर होता है. इसके साथ ही इसके सेवल से शरीर के पाचन क्रिया को सुधारने में भी मदद होती है.

देवांश पांडेय ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट में बहुत सारे गुण होते हैं. ड्रैगन फ्रूट स्किन और गूदे के लिए फायदेमंद होता है, इसके साथ ही ये कुछ प्रकार के कैंसर, विशेष रूप से ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करता है. इसमें मौजूद फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट्स कोलेस्ट्रोल लेवल को भी कंट्रोल करने में मदद करते हैं. ड्रैगन फ्रूट में आयरन भरपूर मात्रा में होता है जो कि शरीर में खून की कमी को दूर करता है.
ड्रैगन फ्रूट ब्रेस्ट कैंसर के लिए लाभ दायक

खेती से कितना कमाते हैं देवांश

देवांश पांडेय का कहना है कि इसकी खेती करने में उन्हें पहले साल 14 लाख रूपया खर्च करना पड़ा था लेकिन अब इसकी मरम्मत में बहुत कम पैसा खर्च हो रहा है पहले साल इसकी खेती से चार लाख रूपया मिला था लेकिन इस बार लगभग 10 लाख रूपये की आमदनी के आसार हैं. इन पौधों से लगभग 20 लाख रूपया प्रतिवर्ष की आमदनी होगी और ये पौधा लगभग 25 वर्ष तक खेत में खड़ा रहेगा और आने वाले समय मे इसकी खेती से लगभग 30 लाख रूपया प्रतिवर्ष कमाई हो सकती है.

ड्रैगन फ्रूट की बिक्री

इसकी बिक्री बस्ती जनपद के व्यापारियों के अलावा सिद्वार्थनगर, संतकबीरनगर, गोण्डा, बलरामपुर, अम्बेडकरनगर के व्यापारी भी खेत से ही फ्रूट खरीद ले जाते हैं.इसकी कीमत 300 रूपया प्रति किलो है. देवांश बताते हैं कि अगर वे इसको किसी कम्पनी से बेचेंगे तो इसकी कीमत 200 से 250 रूपये प्रति किलो मिलेगी लेकिन खुदरा मे बेचने से इसकी अच्छी कीमत मिलती है. देवांश पांडेय का कहना है कि वे ड्रैगन फ्रूट की नर्सरी अलगे साल से किसानों को भी उपलब्ध कराएंगे. देवांश बताते हैं कि ड्रैगन फ्रूट की फसल को लेकर युवाओं में बहुत उत्साह है और उनके इलाके के युवा इसकी खेती से जुड़ी सलाह उनसे लेते रहते हैं.
लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं.

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Published: 9 Jun, 2025 | 10:00 AM

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