-
फैक्ट्रियों के कचरे से कई हजार एकड़ खेती बर्बाद, 10 साल से संकट में किसान, नदियों का पानी भी दूषित हुआ
ग्राम प्रधान मुन्नालाल यादव ने कहा कि केमिकल युक्त कचरे और संक्रमित पानी में बहाव से रनिया इलाके की 1 हजार एकड़ से अधिक फसल योग्य भूमि खराब हो गई है. बीते कई सालों से लगातार किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है. खेतों की मिट्टी खराब होने से बीजों का अंकुरण तक नहीं हो पा रहा है. नलों से निकलने वाला पानी भी प्रदूषित हो रहा है.
-
Mandi Rate: आलू सस्ता पर 5 दिन के अंदर ही 7 फीसदी महंगा हुआ टमाटर, इस वजह से बढ़े गेहूं के दाम
उत्तर प्रदेश में नए साल पर गेहूं अच्छा कारोबार कर रहा है. इससे किसानों की इच्छी कमाई हो रही है. खास बात यह है कि नए साल में गेहूं के रेट में केवल 3 दिन के अंदर ही 100 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
-
ग्रीनहाउस फार्मिंग से दोगुनी होगी कमाई, 50 फीसदी तक सरकार देती है सब्सिडी.. जानें निर्माण पर कितना होगा खर्च
ग्रीनहाउस खेती में किसान अपनी फसलों के लिए माहौल को पूरी तरह नियंत्रित कर सकते हैं. पौधों की जरूरत के अनुसार तापमान बदला जा सकता है और नमी को संतुलित रखकर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है. सही रोशनी की व्यवस्था से पौधों को प्रकाश संश्लेषण के लिए जरूरी ऊर्जा मिलती है.
-
Mandi Bhav: यूपी में 800 रुपये क्विंटल आलू तो MP में 3190 रुपये हुआ गेहूं.. टमाटर किसान भी गदगद
Mandi price today: 2 जनवरी को उत्तर प्रदेश की मंडियों आलू की आवक भी अलग-अलग दर्ज की गई. आगरा के अचनेरा एपीएमसी में 2 जनवरी को 60 मीट्रिक टन आलू की आवक रही. वहीं, खैरागढ़ एपीएमसी में 2 मीट्रिक टन और अलीगढ़ एपीएमसी में 320 मीट्रिक टन आलू पहुंचे.
-
बिहार के मैंगो मैन ने तैयार की आम की नई किस्म चितरंजन, 40 साल की मेहनत रंग लाई, ICAR से मिला सम्मान
बिहार के प्रगतिशील किसान कालीदास बनर्जी ने आम की नई प्रजाति को विकसित किया है, जिसके लिए उन्हें आईसीएआर से सम्मानित किया गया है और प्रमाण पत्र दिया गया है. उनकी नई आम किस्म को 11 राज्यों में उगाया जा रहा है और हर दिन उनकी पौधशाला में दूर दूर से किसान खेती के तरीके और तकनीक सीखने पहुंच रहे हैं.
-
कांगड़ा चाय जिसका यूरोपीय संघ ने भी माना लोहा, 170 साल पहले शुरू हुई खेती.. भूकंप का भी किया सामना
1998 में कांगड़ा चाय का उत्पादन 17 लाख 11 हजार किलोग्राम था, लेकिन उसके बाद लगातार गिरावट आई. साल 2024 में चाय उद्योग ने 1 लाख 40 हजार किलोग्राम चाय उत्पादन का अनुमान लगाया था, जो साल 2023 की तुलना में 25 हजार किलोग्राम कम था.








