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बिहार के मैंगो मैन ने तैयार की आम की नई किस्म चितरंजन, 40 साल की मेहनत रंग लाई, ICAR से मिला सम्मान
बिहार के प्रगतिशील किसान कालीदास बनर्जी ने आम की नई प्रजाति को विकसित किया है, जिसके लिए उन्हें आईसीएआर से सम्मानित किया गया है और प्रमाण पत्र दिया गया है. उनकी नई आम किस्म को 11 राज्यों में उगाया जा रहा है और हर दिन उनकी पौधशाला में दूर दूर से किसान खेती के तरीके और तकनीक सीखने पहुंच रहे हैं.
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कांगड़ा चाय जिसका यूरोपीय संघ ने भी माना लोहा, 170 साल पहले शुरू हुई खेती.. भूकंप का भी किया सामना
1998 में कांगड़ा चाय का उत्पादन 17 लाख 11 हजार किलोग्राम था, लेकिन उसके बाद लगातार गिरावट आई. साल 2024 में चाय उद्योग ने 1 लाख 40 हजार किलोग्राम चाय उत्पादन का अनुमान लगाया था, जो साल 2023 की तुलना में 25 हजार किलोग्राम कम था.
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देशभर के लिए मॉडल गांव बना भरतौल.. मिले दो राष्ट्रीय पुरस्कार, शहर जैसी सुविधाएं, हर घर RO, स्मार्ट लर्निंग सेंटर
Model Village Bhartaul Uttar Pradesh: मुख्य विकास अधिकारी देवयानी ने कहा कि इस वर्ष गांव को बाल हितैषी ग्राम पंचायत का पुरस्कार भी मिला. इसके अलावा प्रदेश सरकार ने भरतौल को प्रदेश का पहला मॉडल गांव का खिताब भी दिया है. इसके अलावा कई अवॉर्ड ग्राम पंचायत को मिल चुके हैं.
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ऑर्गेनिक तरीके से जिमीकंद उगाकर पुरस्कृत हुए किसान श्यामलाल, अब खेती का तरीका सीखने आ रहे लोग
प्रगतिशील किसान श्याम लाल ठाकुर ने बताया कि उनका जिमिकंद पूरी तरह जैविक है, जिसकी बाजार में भारी मांग बनी हुई है. उनकी मेहनत, लगन और नवाचार का ही परिणाम है कि वे हर साल लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं. उनके जिमिकंद के बीज न हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही दूसरे राज्यों के किसानों को दिए जा रहे हैं.
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दिन में 300 रुपये कमाना मुश्किल था पर अब 3 हजार कमा रहे, युवा किसान ओम प्रकाश की रोचक कहानी
किसान ओमप्रकाश धाकड़ ने कहा कि वह खेती भी करते हैं और तेल निकालने की यूनिट लगाकर उनकी आमदनी में बहुत इजाफा हुआ है. उन्होंने कहा कि युवाओं को खेती के साथ ही व्यवसाय की ओर भी रुख करना चाहिए, ताकि कमाई को बढ़ाया जा सके. इसके लिए वह सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं.
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आमों का राजा है यह आम, 1300 रुपये दर्जन है रेट.. 1575 में पुर्तगाली पादरी ने नाम दिया अल्फांसो
अल्फांसो आम, जिसे हापुस भी कहते हैं, भारत का खास फल है और आमों का राजा माना जाता है. मुख्य रूप से रत्नागिरी, देवगढ़ और सिंधुदुर्ग में उगाया जाता है. इसका स्वाद मीठा और रसीला होता है. अल्फांसो आम जीआई टैग प्राप्त है और भारत से यूरोप में निर्यात होता है.








