Bihar Budget 2026: बिहार बजट की राशि बढ़ी, कृषि योजनाओं पर होगा जमकर खर्च.. नौकरियां बहाल करने का ऐलान

बिहार सरकार ने राज्य के लिए भारी भरकम बजट पेश कर दिया है. आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े ऐलान किए गए हैं. इसमें गांव, किसान, महिलाएं, युवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ऊर्जा और रोजगार पर खास फोकस दिखता है. युवाओं के लिए रिक्त पदों पर नौकरियां बहाल करने का भी ऐलान किया गया है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 3 Feb, 2026 | 05:19 PM

Bihar Budget 2026 : बिहार सरकार ने 2026-27 के लिए बजट पेश कर दिया है. बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने आज 3 फरवरी को सदन में बजट पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाएं की हैं. बजट में खेती-किसानी से लेकर युवाओं की नौकरियों तक के लिए मोटी रकम खर्च करने का प्रावधान किया गया है. राज्य के लिए बीते वर्ष की तुलना में इस बार के बजट की राशि में बढ़ोत्तरी की गई है. पिछले साल की बात करें 3.16 लाख करोड़ रुपये थी, जिसमें बढ़ोत्तरी कर के 3.47 लाख करोड़ रुपये कर दी गई है.  सरकार ने विभिन्न विभागों की योजनाओं पर 3.47 लाख करोड़ रुपये का बजट खर्च करेगी.

ग्रामीण विकास की बुनियाद

बिहार सरकार का इस बार के बजट में फोकस बिल्कुल साफ है कि अगर गांव मजबूत होंगे, तभी बिहार मजबूत बनेगा. बिहार सरकार ने भारी भरकम बजट 3.47 लाख करोड़ रुपये का पेश किया है. बजट में ग्रामीण विकास  को नई रफ्तार देने के लिए इस साल 23,701.18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार के साथ-साथ सामाजिक संस्थाएं भी गांवों में रोजगार, शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण को बढ़ावा देने में जुटी हैं.

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह (SHG) के जरिए फल प्रसंस्करण जैसे अचार, जैम और अन्य उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इससे महिलाएं घर बैठे कमाई कर सकेंगी और परिवार की आमदनी बढ़ेगी. वहीं, एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन (EGF) गांवों और जनजातीय इलाकों में शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण के जरिए बदलाव ला रहा है. ग्रामोत्थान रिसोर्स सेंटर, कंप्यूटर लैब और महिला सशक्तिकरण  केंद्र गांवों की तस्वीर धीरे-धीरे बदल रहे हैं.

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ग्रामीण विकास को नई रफ्तार

खेती, डेयरी और मत्स्य पालन पर जोर

बिहार की पहचान खेती और पशुपालन से जुड़ी है. ऐसे में यह बजट किसानों और पशुपालकों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है. गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से चल रहा बिहार डेयरी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट खेती, डेयरी और मत्स्य पालन को आधुनिक बनाने में मदद करेगा. इस योजना से दूध उत्पादन बढ़ेगा, मछली पालन को बढ़ावा मिलेगा और खेती में नई तकनीक पहुंचेगी. डेयरी सेक्टर में बेहतर नस्ल, आधुनिक मशीनें और प्रोसेसिंग सुविधाओं पर खास ध्यान दिया जा रहा है. वहीं, मछली पालकों को नया बाजार और बेहतर दाम दिलाने की तैयारी है. सरकार का मानना है कि जब खेती मुनाफे का सौदा बनेगी, तभी गांवों में खुशहाली आएगी.

सड़क, ऊर्जा और सुरक्षा

विकास की रफ्तार तब तेज होती है, जब सड़कें अच्छी हों, बिजली भरोसेमंद हो और लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें. इसी सोच के तहत बिहार सरकार ने ग्रामीण और शहरी इलाकों  में सड़क निर्माण के लिए 18,716.97 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया है. इससे गांव और शहर के बीच की दूरी कम होगी और व्यापार व रोजगार के नए मौके बनेंगे. ऊर्जा के क्षेत्र में भी बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है. बिजली उत्पादन, वितरण और नए प्रयोगों के जरिए राज्य नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी में है. इसके साथ ही, सुरक्षित बिहार, विकसित बिहार के संकल्प को मजबूत करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर 20,132.87 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. सरकार का साफ संदेश है-राज्य और नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

शिक्षा और स्वास्थ्य- मजबूत होगा भविष्य

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शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है.

हर बच्चे तक अच्छी शिक्षा पहुंचाना सरकार का बड़ा लक्ष्य है. इसी दिशा में स्कूलों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए 68,216.95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इससे शिक्षा का स्तर सुधरेगा और आने वाली पीढ़ी को बेहतर मौके मिलेंगे. स्वास्थ्य के क्षेत्र  में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. वर्ष 2026-27 में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 21,270.40 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. इसका मकसद है कि गांव हो या शहर, हर व्यक्ति को सस्ती और अच्छी इलाज की सुविधा आसानी से मिल सके.

उद्योग और रोजगार, हर हाथ को मिलेगा काम

बिहार सरकार का सपना है-हर हाथ को काम और हर घर को सम्मान. इसी सोच के साथ राज्य में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए 50 लाख करोड़ रुपये तक के निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है. नए उद्योग लगने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, युवाओं को अपने राज्य में ही काम मिलेगा और पलायन पर रोक लगेगी. सरकार का मानना है कि उद्योग बढ़ेंगे, तो बिहार आत्मनिर्भर बनेगा.

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Published: 3 Feb, 2026 | 04:40 PM

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