चीनी के बढ़ते दामों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. पहले बड़े खरीदारों के लिए चीनी की स्टॉक लिमिट 30 दिन से घटाकर 15 दिन की गई और अब सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात को मंजूरी दी है. सरकार का मकसद घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ाना और कीमतों पर दबाव कम करना है. लेकिन इसी फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने इथेनॉल को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि गन्ने का बड़ा हिस्सा इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने से चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई और अब देश को चीनी आयात करने की जरूरत पड़ रही है.
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