किसानों के हित में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का बड़ा कदम, अब फार्मर ID बनाने में नहीं होगी दिक्कत

एग्री स्टैक आईडी बनवाने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि रिकॉर्ड सुधारने के निर्देश दिए हैं. पारिमार्जन प्लस के जरिए नाम, रकबा और जमाबंदी की गलतियां ठीक की जाएंगी, ताकि किसान सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकें.

Kisan India
नोएडा | Published: 16 Jan, 2026 | 10:30 PM

Bihar News: बिहार में किसानों को एग्री स्टैक पहल के तहत पहचान पत्र (आईडी कार्ड) बनवाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने अपने फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि वे पारिमार्जन प्लस ऑनलाइन सिस्टम के जरिए आवेदन करने वाले किसानों के भूमि रिकॉर्ड में मौजूद गलतियों को जल्द ठीक करें, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके. राजस्व विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि विभाग, कृषि विभाग के साथ मिलकर किसानों के भूमि रिकॉर्ड को जोड़ने का काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अंचल अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दें, ताकि जिन किसानों के भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ी है, उनके मामलों का पारिमार्जन प्लस के माध्यम से समय पर निपटारा किया जा सके.

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह आदेश इसलिए जारी किया गया है, क्योंकि बड़ी संख्या में किसान अपने भूमि रिकॉर्ड, डिजिटल जमाबंदी और अन्य दस्तावेजों में त्रुटियों के कारण एग्री स्टैक आईडी नहीं बनवा पा रहे थे, जिससे वे कई कृषि योजनाओं से वंचित हो रहे थे. अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर गड़बड़ियां आवेदकों के नाम भूमि रिकॉर्ड से मेल न खाने, पिता के नाम में अंतर और जमीन के रकबे से जुड़ी हैं. कई मामलों में डिजिटल जमाबंदी में बड़ी त्रुटियां पाई गईं, जिसके कारण एग्री स्टैक पहल के तहत किसान रजिस्टर में नामांकन के लिए किए गए आवेदन खारिज हो रहे थे.

बड़ी संख्या में किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया

एक वरिष्ठ कृषि अधिकारी ने कहा कि बड़ी संख्या में किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, लेकिन भूमि रिकॉर्ड में नाम और अन्य विवरणों के मेल न खाने से तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं. इसी वजह से भूमि रिकॉर्ड और किसान डेटा  को जोड़ने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा कि इस समस्या की जानकारी राजस्व विभाग को दे दी गई है और जिन मामलों में रिकॉर्ड में त्रुटियां हैं, उन्हें तेजी से ठीक करने की कोशिश की जा रही है.

करीब 20 लाख किसानों को आईडी जारी

अब तक राज्य कृषि विभाग एग्री स्टैक पहल के तहत करीब 20 लाख किसानों को आईडी जारी कर चुका है, जबकि 45 लाख से ज्यादा किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है, जिसमें किसानों का पता और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज की जा रही है. कृषि विभाग किसानों को एग्री स्टैक कार्यक्रम से जोड़ने के लिए जिलों में पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगा रहा है. इस योजना के तहत किसानों की आईडी बनाई जा रही है और उनके भूमि रिकॉर्ड का पूरा विवरण दर्ज किया जा रहा है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके.

75 लाख किसानों को आईडी जारी करने का लक्ष्य

इसके अलावा, राज्य में एग्री स्टैक के तहत किसानों का पंजीकरण  इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि पीएम-किसान योजना की सभी किस्तें अब पंजीकृत आईडी के जरिए ही जारी की जाएंगी. इसी को देखते हुए कृषि विभाग ने अगले एक महीने में 75 लाख किसानों को आईडी जारी करने का लक्ष्य रखा है. इससे किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये और सालाना 6,000 रुपये की सहायता मिल सकेगी. राजस्व विभाग के सचिव ने कहा कि अगले महीने तक तय समय सीमा में पीएम-किसान के सभी लाभार्थी किसानों को एग्री स्टैक से जोड़ दिया जाएगा और यह काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है.

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Published: 16 Jan, 2026 | 10:30 PM

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