हरियाणा में फसल विविधिकरण का नहीं हुआ असर, 38 फीसदी दावे फर्जी.. सरकार की बढ़ी टेंशन

हरियाणा की ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना किसानों को धान छोड़कर वैकल्पिक फसलें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है, लेकिन उम्मीद के मुकाबले बदलाव बेहद कम रहा. लगभग 38 फीसदी दावे जांच में फर्जी पाए गए. सरकार ने बड़ी भूमि लक्ष्य तय किए थे, पर किसानों की धान पर निर्भरता योजना की प्रगति रोक रही है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 11 Dec, 2025 | 11:59 AM

Haryana Agriculture News: हरियाणा सरकार राज्य में फसल विविधिकरण को बढ़ावा दे रही है. इसके लिए किसानों को ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ (MPMV) के तहत प्रोत्साहित किया जा रहा है. लेकिन इसके बावजूद भी किसान इस योजना में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सरकार को उम्मीद थी कि MPMV के चलते किसान धान की जगह दूसरी फसलों की खेती करेंगे. पर सरकार को धान से अन्य फसलों की तरफ बदलाव की जो उम्मदी थी, उसका 20 फीसदी भी नहीं हो पाया. जबकि, किसान योजना का लाभ उठाने के लिए फर्जी तरीके से कलेम कर रहे हैं.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, किसानों द्वारा योजना का लाभ लेने के लिए दिए गए दावों में से लगभग 38 फीसदी दावे फर्जी  पाए गए है. कृषि विभाग की टीम ने जमीनी स्तर पर जांच की तो कई दावों में गड़बड़ी मिली. योजना के तहत सरकार ने 1 लाख एकड़ क्षेत्र में धान की जगह दूसरी फसलें लगाने का लक्ष्य रखा था और इसके बदले किसानों को 8,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन देना था. लेकिन विभाग को सिर्फ 20,696 किसानों से आवेदन मिले, जिनमें 31,718 एकड़ को विविधिकृत करने का दावा किया गया. जांच के बाद पता चला कि वास्तव में सिर्फ 19,670 एकड़, यानी 13,500 किसानों की जमीन ही योजना के मानकों पर खरी उतरी.

कितने एकड़ में किन फसल की खेती का लक्ष्य रखा गया

यह योजना गिरते भूजल स्तर  को बचाने के लिए शुरू की गई थी. यमुनानगर जिले में सबसे ज्यादा बदलाव देखने को मिला, लेकिन कोई भी जिला अपने लक्ष्य के 50 फीसदी तक भी नहीं पहुंच सका. सरकार ने फसल विविधिकरण योजना के तहत अलग-अलग फसलों के लिए जमीन तय की थी. जिसमें 39,835 एकड़ कपास, 29,080 एकड़ चारा/परती, 15,285 एकड़ सब्जियां और बागवानी, 6,440 एकड़ एग्रो-फॉरेस्ट्री, 5,245 एकड़ दालें, 3,500 एकड़ मक्का और 615 एकड़ तिलहन के लिए शामिल किए गए थे.

ऐसे किसानों को योजना के तहत प्रोत्साहन राशि मिलती है

हालांकि, काफी प्रचार-प्रसार के बावजूद ज्यादातर किसान अभी भी धान की खेती से ही जुड़े हुए हैं. उनका कहना है कि धान में पक्का मुनाफा और सरकारी खरीद होने से जोखिम कम रहता है. दूसरी तरफ, कपास में पिछले कुछ सालों से लगातार हो रहे नुकसान ने किसानों को फसल बदलने से और सावधान कर दिया है. जिलों में सबसे बड़ा लक्ष्य सिरसा को दिया गया था, उसके बाद यमुनानगर, जींद, फतेहाबाद, हिसार और कैथल का नंबर आता है. जो किसान कपास, मक्का, दालें, तिलहन, सब्जियां, चारा या एग्रो-फॉरेस्ट्री अपनाते हैं, उन्हें योजना के तहत प्रोत्साहन राशि मिलती है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 11 Dec, 2025 | 11:52 AM
ज्ञान का सम्मान क्विज

किस फसल को अनाजों का राजा कहा जाता है?

9319947093
जवाब इस नंबर पर करें Whatsapp

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆

लेटेस्ट न्यूज़

If You Want Protect Your Animals From Diseases Then Adopt These Measures March Mineral Mixture And Vaccination Are Necessary

पशुओं को बीमारियों से बचाना है तो मार्च में अपनाएं ये उपाय, खनिज मिश्रण और टीकाकरण जरूरी

Sugar Industry Demands Increase In Ethanol Blending Limit From 20 Percent In Petrol

चीनी उद्योग ने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की सीमा 20 प्रतिशत से बढ़ाने की मांग की, केंद्रीय मंत्री से की बातचीत

Major Announcement For Farmers Development Over Rs 100 Crore Approved Agricultural Schemes And Universities

किसानों के विकास के लिए बड़ी घोषणा, कृषि योजनाओं और विश्वविद्यालयों को 100 करोड़ से ज्यादा की धनराशि मंजूर

Animal Husbandry Department Issues Bird Flu Alert In Bihar Advises Poultry Farmers To Take Special Precautions

बिहार में बर्ड फ्लू को लेकर पशुपालन विभाग का अलर्ट, मुर्गी पालकों को दी खास सावधानी बरतने की सलाह

Big News Farmers From Kokrajhar Assam As Prime Minister Modi Announced Several Schemes Ahead Of Eid

असम के कोकराझार से किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, ईद से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कई योजनाओं का दिया तोहफा

Chief Minister Mohan Yadav Released 34th Installment Ladli Behna Yojana With Rs 1836 Crore Transferred Accounts Sisters

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त जारी की, बहनों के खातों में पहुंचे 1836 करोड़ रुपये