Lado Lakshmi Yojana: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार लगातार नए कदम उठा रही है. पढ़ाई, इलाज, घर का खर्च या बच्चों का भविष्य-हर फैसले में महिलाएं खुद मजबूत बन सकें, इसी सोच के साथ हरियाणा सरकार ने एक बार फिर दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को शुरू किया है. इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने सीधी आर्थिक मदद दी जा रही है, ताकि उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर न रहना पड़े. सरल शब्दों में कहें तो यह योजना महिलाओं के लिए सुरक्षा और सम्मान दोनों का सहारा बन रही है.
क्या है लाडो लक्ष्मी योजना
लाडो लक्ष्मी योजना का मकसद महिलाओं को नियमित आमदनी देना है. सरकार चाहती है कि महिलाएं अपने खर्च, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य से जुड़े फैसले खुद ले सकें. इस योजना के तहत हर महीने कुल 2100 रुपये की सहायता दी जाती है. इसमें से 1100 रुपये सीधे महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं, जबकि 1000 रुपये सरकार सेविंग के रूप में जमा करती है. यह रकम भविष्य में ब्याज के साथ महिलाओं को सुरक्षित रूप में मिलती है, जिससे उनका आने वाला समय और मजबूत हो सके.
किन महिलाओं को मिलेगा 2100 रुपये का लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र कम से कम 23 साल होनी चाहिए और वह हरियाणा की स्थायी निवासी हो. पहले आय सीमा 1 लाख रुपये थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1 लाख 80 हजार रुपये सालाना कर दिया गया है. अच्छी बात यह है कि विवाहित और अविवाहित दोनों महिलाएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं. इतना ही नहीं, एक ही परिवार की एक से ज्यादा महिलाएं भी इसका लाभ ले सकती हैं, जिससे पूरे परिवार को सहारा मिलता है.
आवेदन कैसे करें, जानिए आसान तरीका
लाडो लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है. सबसे पहले परिवार पहचान पत्र यानी PPP का डेटा अपडेट होना जरूरी है, क्योंकि इसी से आय और पारिवारिक जानकारी की जांच की जाती है. इसके बाद सरकारी पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. आवेदन करते समय आधार कार्ड, PPP नंबर, आय प्रमाण पत्र, हरियाणा निवास प्रमाण, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज अपलोड करने होंगे. विवाहित महिलाओं को पति से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी. प्रक्रिया आसान है और घर बैठे पूरी की जा सकती है.
योजना में हुए नए बदलाव क्यों हैं खास
सरकार ने इस योजना में कुछ नए बदलाव भी किए हैं, जिससे ज्यादा महिलाएं इसका फायदा उठा सकें. अब 10वीं और 12वीं में 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले बच्चों की माताओं को भी योजना में शामिल किया गया है. इसके अलावा, निपुण योजना से जुड़ी महिलाएं और कुपोषण या एनीमिया रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने वाली महिलाएं भी इस योजना का लाभ ले सकेंगी. सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर किसी लाभार्थी महिला का असमय निधन होता है, तो जमा की गई राशि सीधे नॉमिनी को दी जाएगी. लाडो लक्ष्मी योजना महिलाओं के लिए सिर्फ एक सरकारी मदद नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का मजबूत सहारा है. सही जानकारी और समय पर आवेदन से हजारों महिलाएं अपने और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित बना सकती हैं.