बागवानी किसानों की होगी बंपर कमाई, सरकार ने किया बड़ा ऐलान..MSP पर होगी इन फसलों की खरीद

किसानों को समर्थन मूल्य की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए दी जाएगी. उन्होंने किसानों से अपने क्षेत्र की किसान समितियों में पंजीकरण कराने की अपील की और स्पष्ट किया कि वे अपने इलाके से बाहर किसी SCC पर फसल नहीं बेच सकेंगे.

Kisan India
नोएडा | Published: 23 Jan, 2026 | 11:30 PM

Agriculture News: मिजोरम सरकार किसानों की मदद के लिए फरवरी से राज्य में उगाई जाने वाली चार प्रमुख फसलों अदरक, हल्दी, सूखी झाड़ू और मिर्च की सरकारी खरीद शुरू करेगी. मिजोरम एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के सह-अध्यक्ष केसी लालमलसावमजौवा ने कहा  कि अदरक की खरीद फरवरी से मई तक, सूखी झाड़ू की फरवरी से मार्च तक और हल्दी व मिर्च की फरवरी से अप्रैल तक की जाएगी. उन्होंने कहा कि धान की खरीद नवंबर से ही शुरू हो चुकी है, जो मार्च तक चलेगी. यह खरीद राज्य की प्रमुख योजना ‘बाना काइह’ (हैंडहोल्डिंग स्कीम) के तहत तय अधिकतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी. इसके तहत अदरक का समर्थन मूल्य 50 रुपये प्रति किलो, झाड़ू का 80 रुपये प्रति किलो, मिर्च का 350 रुपये प्रति किलो, हल्दी का 20 रुपये प्रति किलो और धान का 30 रुपये प्रति किलो तय किया गया है. यह खरीद पूरे राज्य के सभी सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर्स में होगी.

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, लालमलसावमजौवा ने कहा कि इस बार बफर स्टॉकिंग  की व्यवस्था नहीं की जाएगी और सभी प्रमुख फसलों की खरीद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बने सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर्स (SCC) पर ही होगी. केवल स्थानीय किसानों की उपज ही खरीदी जाएगी, वह भी उन्हीं किसानों से जो अपने-अपने क्षेत्र की किसान समितियों में पंजीकृत हैं. जबकि बाहर से लाई गई फसलों को स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य में अदरक के लिए 64 और सूखी झाड़ू के लिए 13 SCC हैं, जहां सरकारी पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे और उन्हें किसान समितियों के प्रतिनिधि सहयोग करेंगे.

इलाके से बाहर किसी SCC पर फसल नहीं बेच सकेंगे

किसानों को समर्थन मूल्य की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए दी जाएगी. उन्होंने किसानों से अपने क्षेत्र की किसान समितियों में पंजीकरण कराने की अपील की और स्पष्ट किया कि वे अपने इलाके से बाहर किसी SCC पर फसल नहीं बेच सकेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि किसान चाहें तो सरकारी समर्थन मूल्य से अधिक और उचित दाम मिलने पर निजी एजेंसियों को भी अपनी फसल बेच सकते हैं.

1,400 से अधिक क्विंटल धान की खरीद की

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लालमलसावमजौवा के साथ मौजूद राज्य कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की विशेष सचिव रामदिनलियानी ने कहा कि मिजोरम में उगाए गए अदरक की जैविक गुणवत्ता के कारण उसकी मांग लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि कई खरीदारों ने रुचि दिखाई है, लेकिन अदरक  की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते सरकार अभी उनके साथ समझौता नहीं कर पाई है. अधिकारियों ने कहा कि पांच प्रमुख फसलों की खरीद जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) सरकार के चुनावी वादों में शामिल थी. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल सरकार ने अदरक की खरीद के लिए करीब 137.72 करोड़ रुपये समर्थन मूल्य के रूप में खर्च किए. इसके अलावा, सरकार ने उसी वर्ष किसानों से लगभग 2 करोड़ रुपये की 48,602.29 क्विंटल सूखी झाड़ू और करीब 50 लाख रुपये की 1,400 से अधिक क्विंटल धान की खरीद की थी.

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Published: 23 Jan, 2026 | 11:30 PM

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