पेंशन सिस्टम में गड़बड़ी उजागर, एक साथ दो लाभ लेने वाले 970 लोगों पर सरकार की सख्त कार्रवाई

उत्तराखंड में पेंशन व्यवस्था की जांच के दौरान दोहरी पेंशन लेने का मामला सामने आया है. सत्यापन के बाद सरकार ने 970 लोगों की पेंशन रोक दी है. अधिकारियों का कहना है कि इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक लाभार्थियों को सही फायदा मिल सकेगा.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 6 Feb, 2026 | 05:34 PM

Pension Scheme: उत्तराखंड सरकारी योजनाओं का फायदा सही लोगों तक पहुंचे, इसके लिए उत्तराखंड में पेंशन व्यवस्था की जांच शुरू हुई तो चौंकाने वाला मामला सामने आया. जांच में पता चला कि कई लोग एक साथ दो-दो पेंशन ले रहे थे. अब सरकार ने ऐसे मामलों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और बड़ी संख्या में पेंशन रोक दी गई है.

12 साल से चल रहा था दोहरी पेंशन का मामला

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, समाज कल्याण विभाग  की जांच में सामने आया कि कई सेवानिवृत्त लोग अपने विभाग की पेंशन के साथ-साथ समाज कल्याण विभाग से भी पेंशन ले रहे थे. बताया जा रहा है कि यह गड़बड़ी वर्ष 2013-14 से लगातार चल रही थी. डेटा की जांच के दौरान कुल 1377 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई. जांच में सामने आया कि कुछ मामलों में जानकारी अपडेट नहीं होने के कारण लंबे समय तक यह स्थिति बनी रही. अब विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है.

970 लोगों की पेंशन पर लगी रोक

अधिकारियों के अनुसार सत्यापन के बाद 93 मामलों में लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि 314 लोगों को अन्य कारणों से पोर्टल से हटा दिया गया. इसके बाद 970 लोग ऐसे पाए गए, जो दोहरी पेंशन ले रहे थे. समाज कल्याण विभाग ने इन सभी की पेंशन फिलहाल रोक दी है और शासन को प्रारंभिक रिपोर्ट भेज दी गई है. अब विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. जरूरत पड़ने पर रिकवरी की प्रक्रिया  भी शुरू हो सकती है.

राज्य आंदोलनकारी पेंशन के भी मामले सामने आए

जांच में यह भी सामने आया कि दोहरी पेंशन  लेने वालों में 565 लोग राज्य आंदोलनकारी या स्वतंत्रता सेनानी पेंशन भी ले रहे थे. बाकी 405 लोगों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए ट्रेजरी विभाग से सहयोग लिया जा रहा है. सरकार का कहना है कि सभी मामलों की पूरी जांच की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो.

किसानों की पेंशन योजनाएं जारी रहेंगी

इस बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र किसानों और जरूरतमंद लोगों को मिलने वाली पेंशन योजनाएं पहले की तरह जारी रहेंगी. राज्य में किसान पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के लघु और सीमांत किसानों को हर महीने पेंशन दी जाती है. इसके अलावा केंद्र सरकार की किसान मानधन योजना और किसान सम्मान निधि  जैसी योजनाएं भी किसानों को आर्थिक सहारा दे रही हैं.

अधिकारियों का कहना है कि जांच का मकसद केवल गलत तरीके से लाभ लेने वालों को रोकना है, ताकि वास्तविक लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा फायदा मिल सके. सरकार का मानना है कि पेंशन प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने से योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा.

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