अब पशुपालन करना खेतों के साथ-साथ गांवों में रहने वाले किसानों व पशुपालकों के लिए और भी आसान होने जा रहा है. सरकारी माध्यम से शुरू की गई ‘Pashupalan Loan Yojana’ से अब लोग बैंक से आसानी से लोन लेकर पशुपालन को विस्तार दे सकते हैं. इस योजना का मकसद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है.
10 लाख तक बिना कठिन शर्तों के लोन
इस योजना के तहत किसान दुधारू पशु खरीदने या पशुपालन व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं. यह लोन SBI, PNB, ICICI, HDFC, Central Bank जैसे सरकारी व निजी बैंकों से लिया जा सकता है. इसके अलावा NABARD के जरिए भी इस लाभ का फायदा उठाया जा सकता है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए विकल्प पैदा होंगे.
छोटे किसानों को राहत- गारंटी नहीं, आसान किस्तें
सबसे खास बात यह है कि यदि कोई लाभार्थी 1.6 लाख रुपये तक का लोन लेता है, तो उसे बिना गारंटी के यह लोन मिल जाएगा. यह सुविधा छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए बेहद राहत की बात है. इसके अलावा लोन की अदायगी अवधि 3 से 7 वर्ष रखी गई है ताकि किसानों को किस्तों का दबाव न हो सके और वे सहजता से भुगतान कर सकें. इससे उनकी योजना और उत्पादन दोनों ही आसान बनेंगे.
सब्सिडी का फायदा- कम खर्च में बड़ा लाभ
पशुपालन लोन योजना में 25 प्रतिशत से 35 फीसदी तक की सब्सिडी भी मिलती है. यह सब्सिडी बैंक की शर्तों और लाभार्थी की श्रेणी (जैसे महिलाएं, अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग) पर निर्भर करती है. इससे लोन का बोझ काफी कम हो जाता है और लाभार्थी आसानी से उत्पादन बढ़ा सकते हैं.
आवेदन प्रक्रिया- आसान और पारदर्शी
लोन के लिए आवेदन करना बहुत सरल है. सबसे पहले मनसा लाभार्थी को नजदीकी बैंक शाखा में जाकर योजना की जानकारी प्राप्त करनी होगी. फिर उसे आवश्यक दस्तावेजों- जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, भूमि संबंधित कागजात, बैंक स्टेटमेंट, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर- के साथ आवेदन पत्र भरकर जमा करना होता है. यदि आवेदक पहले से पशुपालन कर रहा है, तो संबंधित रिपोर्ट के साथ दस्तावेज जमा करने होते हैं. बैंक अधिकारी इन दस्तावेजों की जांच के बाद लोन स्वीकृत करते हैं और राशि सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है.