Bhavantar Yojana Updates : मध्य प्रदेश सहित कुछ राज्यों में लागू भावांतर भुगतान योजना (Price Deficiency Payment Scheme) को विशेष रूप से सोयाबीन की फसल के लिए इस साल लागू किया गया है, जिसमें सरकारी प्रावधान के अनुसार किसानों को 24 अक्टूबर 2025 से पंजीकरण के निर्देश दिए गए हैं. मध्य प्रदेश में किसानों को भावांतर योजना के तहत 3 बार रकम का वितरण किया जा चुका है. अब किसानों को इस योजना का लाभ देने के लिए अंतिम तिथि को बढ़ाया गया है और किसानों को पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है. बैतूल जिले की कृषि उपज मंडी समिति सचिव ने कहा कि गुणवत्तायुक्त सोयाबीन लाने वाले किसानों को लगातार बेहतर दाम मिल रहे हैं. किसान उपज को सुखाकर मंडी लाएं ताकि उन्हें दिक्कत का सामना न करना पड़े.
सोयाबीन भावांतर योजना 15 जनवरी तक लागू
मध्य प्रदेश सरकार ने भावांतर योजना का किसानों को अधिक लाभ देने के लिए पंजीकरण की तारीख को भी 15 जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया है. ऐसे में किसान अपनी उपज को मंडियों में बेचकर भावांतर भुगतान का लाभ ले सकते हैं. यानी इस अवधि में यदि बाजार भाव MSP से कम मिलता है तो सरकार अंतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में देने की व्यवस्था कर रही है.
बैतूल के किसानों को 5 हजार रुपये मिला भाव
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर है. मध्यप्रदेश शासन की सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना 15 जनवरी तक क्रियाशील रखने की घोषणा की गई है. बैतूल जिले की कृषि उपज मंडी समिति सचिव ने कहा कि गुणवत्तायुक्त सोयाबीन लाने वाले किसानों को लगातार बेहतर दाम मिल रहे हैं. बीते शनिवार को कृषि उपज मंडी समिति बैतूल में सोयाबीन का भाव 5 हजार रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. उन्होंने कृषकों से अपील की है कि वे अपनी उपज को पूरी तरह सुखाकर और साफ-सुथरी अवस्था में ही मंडी में विक्रय के लिए लाएं। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा.
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3.77 लाख सोयाबीन किसानों के खातों में पहुंचे 810 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीती 28 दिसंबर रविवार को रतलाम जिले के शासकीय भगत सिंह महाविद्यालय जावरा में आयोजित राज्य स्तरीय सोयाबीन भावांतर योजना कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से 3.77 लाख किसानों के खातों में 810 करोड़ रुपये भेजे थे. इसके बाद कार्यक्रम में विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम सुजापुर में पूर्व सांसद डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय की प्रतिमा का अनावरण भी किया. उन्होंने कहा कि हम किसानों से किए गए वादे पूरे कर रहे हैं और किसानों के हित में काम करते रहेंगे.
अब तक 6.44 किसानों को 1292 करोड़ रुपये भेजे जा चुके
मध्य प्रदेश सरकार भावांतर योजना के तहत अब तक तीन बार किसानों के खाते में नकद राशि भेज चुकी है. राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार अब तक 6.44 किसानों को 1292 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं. इससे पहले देवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1.33 लाख किसानों को 233 करोड़ की भावांतर राशि का ट्रांसफर किए थे. उससे पहले भी एक बार राशि किसानों के खाते में भेजी जा चुकी है.

भावांतर योजना की राशि ट्रांसफर.
अब तक 9.36 लाख किसानों ने कराया है पंजीकरण
मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार अब किसानों को फसल का पूरा और उचित दाम मिलेगा. भावांतर योजना के तहत अब तक 4 लाख से अधिक किसानों से 24 लाख क्विंटल से अधिक सोयाबीन की सरकारी खरीद की गई है. भावांतर राशि वितरण के दूसरे चरण में 3.68 लाख किसानों के खाते में राशि भेजी जाएगी. हालांकि, भावांतर योजना का लाभ लेने के लिए मध्य प्रदेश के 9,36,352 किसानों ने पंजीकरण कराया है.
7 नवंबर से हर दिन जारी किया जा रहा सोयाबीन का मॉडल रेट
मध्य प्रदेश के सरकार भावांतर योजना 2025 के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट 7 नवंबर को तय कर दिया. इसके बाद हर दिन मॉडल रेट में बदलाव कर बढ़ोत्तरी की गई है, ताकि किसानों को ज्यादा लाभ मिल सके. राज्य सरकार के अनुसार मॉडल रेट के हिसाब से ही किसानों को भावांतर राशि भुगतान का आकलन किया जाएगा. राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने सोयाबीन की अपनी उपज मंडी में बिक्री की है. इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी.