पंजाब सरकार ने रविवार को 2026-27 के लिए 2,60,437 करोड़ रुपये का बजट राज्य विधानसभा में पेश किया. इस बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण और किसानों की भलाई पर विशेष जोर दिया गया है. आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार का यह पांचवां बजट है. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोगों से किए गए हर वादे को पूरा किया गया है. खास कर इस बजट में महिला सशक्तिकरण पर फोकस किया गया है. महिलाओं के उत्थान के लिए एक नई योजना शुरू करने की घोषणा की गई है. इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये से 1500 रुपये मिलेंगे.
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बजट पंजाब की माताओं और बेटियों के लिए समर्पित है. उन्होंने कहा कि यह बजट उनके भविष्य में उनके अमूल्य योगदान का सम्मान है. उनके मुताबिक, राज्य सरकार ने देश की सबसे बड़ी महिला सशक्तिकरण पहलों में से एक की घोषणा की है. मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोच के तहत शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री मावन धियां सत्कार योजना’ के तहत राज्य की सभी वयस्क महिलाओं के बैंक खाते में सीधे हर महीने 1,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे. अनुसूचित जाति की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे.
बिजली सब्सिडी के लिए 7,715 करोड़ रुपये आवंटित
साथ ही सरकार ने कृषि और संबंधित क्षेत्रों के लिए 15,377 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है, जिसमें इनपुट लागत कम करने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के कई उपाय शामिल हैं. कृषि क्षेत्र के लिए बिजली सब्सिडी के लिए 7,715 करोड़ रुपये और फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, ताकि पराली जलाने की समस्या को कम किया जा सके. किसानों को कपास बीज पर 33 फीसदी सब्सिडी और डायरेक्ट-सीडेड राइस (DSR) के लिए प्रति एकड़ 1,500 रुपये सहायता मिलेगी. फसल अवशेष प्रबंधन में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी पर 80 फीसदी तक सब्सिडी भी दी जाएगी. राज्य सरकार ने मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए नई योजना शुरू की है, जो फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने का हिस्सा है.
आर्थिक वृद्धि दर 10 फीसदी रहने की उम्मीद है
यह पंजाब सरकार का आखिरी बजट है, क्योंकि आम आदमी पार्टी की सरकार 2027 की शुरुआत में होने वाले चुनाव से पहले यह पेश कर रही है. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछले साल पंजाब की अर्थव्यवस्था ने लगातार मजबूती और स्थिरता दिखाई है. 2026-27 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 9,80,635 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है और आर्थिक वृद्धि दर 10 फीसदी रहने की उम्मीद है. अनुमानित राजस्व घाटा GSDP का 2.06 फीसदी और वित्तीय घाटा 4.08 फीसदी होगा.
शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,279 करोड़ रुपये का प्रावधान
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,279 करोड़ रुपये का प्रावधान किया, जो पिछले वर्ष के बजट अनुमान से 7 फीसदी अधिक है. सरकार के अनुसार, पंजाब वर्तमान में देश में कक्षा शिक्षा के परिणामों में पहले स्थान पर है, केरल जैसे राज्यों से आगे. शिक्षा क्रांति 2.0 योजना के तहत अगले छह वर्षों में 3,500 करोड़ रुपये खर्च करके राज्य भर के स्कूलों में सुविधाओं और शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया जाएगा. इसके अलावा, श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर के नाम पर एक विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय भी स्थापित किया जाएगा.
उच्च शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा
उच्च शिक्षा और कौशल विकास में, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) की सीटें 35,000 से बढ़ाकर 52,000 की जाएंगी. राज्य की 11 जेलों में भी ITI प्रोग्राम शुरू किए गए हैं, ताकि कैदियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास का अवसर मिले. साथ ही, तकनीकी शिक्षा और उद्योग-तैयार प्रशिक्षण के लिए 569 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.