Strawberry Vikas Yojana: स्ट्रॉबेरी खेती पर 40 प्रतिशत सब्सिडी, किसानों को मिलेगा 3 लाख रुपये तक लाभ

Bihar News: बिहार स्ट्रॉबेरी विकास योजना 2026 के तहत राज्य सरकार किसानों को स्ट्रॉबेरी की खेती और पैकेजिंग पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है. प्रति हेक्टेयर 3,02,400 रुपये की आर्थिक सहायता के साथ सुरक्षित पैकेजिंग सामग्री पर भी अनुदान दिया जाएगा.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 21 Feb, 2026 | 01:22 PM

Bihar Strawberry Vikas Yojana: बिहार में खेती की तस्वीर तेजी से बदल रही है. पारंपरिक फसलों के साथ अब किसान हाई वैल्यू फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. इन्हीं में से एक है स्ट्रॉबेरी की खेती. राज्य सरकार की बिहार स्ट्रॉबेरी योजना (Bihar Strawberry Vikas Yojana 2026) किसानों को आर्थिक सहायता देकर इस आधुनिक खेती को बढ़ावा दे रही है. सरकारी अनुदान के सहारे किसान कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं और नए बाजारों तक पहुंच बना सकते हैं.

क्यों खास है स्ट्रॉबेरी विकास योजना?

इस योजना का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि स्ट्रॉबेरी को बेहतर पैकेजिंग और मार्केटिंग के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है. अक्सर फल की खराब पैकिंग के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है. इसी समस्या को देखते हुए राज्य सरकार पैकेजिंग सामग्री पर भारी सब्सिडी दे रही है.

योजना के तहत सुरक्षित और वैज्ञानिक पैकिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे परिवहन के दौरान फल खराब न हों और किसानों को बेहतर दाम मिल सके.

कितना मिलेगा सरकारी अनुदान?

राज्य के कृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2025-26 के लिए स्ट्रॉबेरी उत्पादन और मार्केटिंग को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से विशेष सहायता दी जा रही है.

पैकेजिंग पर अनुदान:

  • कूट (हार्ड) डब्बे पर 40 प्रतिशत सब्सिडी
  • छोटे प्लास्टिक पैकेजिंग बॉक्स पर 40 प्रतिशत सब्सिडी

खेती पर अनुदान:

  • प्रति हेक्टेयर 3,02,400 रुपये की सहायता
  • यह कुल इकाई लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा है

यह राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे.

Bihar Strawberry Vikas Yojana 2026, strawberry farming subsidy Bihar

बिहार स्ट्रॉबेरी योजना 2026

योजना के प्रमुख लाभ

  1. आर्थिक फायदा: पैकेजिंग लागत में 40 प्रतिशत तक की बचत, जिससे मुनाफा बढ़ेगा.
  2. तकनीकी सुधार: वैज्ञानिक पैकेजिंग और बेहतर परिवहन से फसल की बर्बादी कम होगी.
  3. व्यापारिक अवसर: स्ट्रॉबेरी की बाजार में ऊंची मांग है, जिससे किसानों को बेहतर कीमत मिलती है.

स्ट्रॉबेरी कम अवधि में तैयार होने वाली फसल है. इससे किसानों को जल्दी आय प्राप्त होती है और साल में एक से अधिक चक्र की संभावना बनती है.

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ निर्धारित शर्तें पूरी करनी आवश्यक हैं. आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसे स्ट्रॉबेरी की खेती करने की वास्तविक इच्छा होनी चाहिए. इसके साथ ही वैध किसान पंजीकरण अनिवार्य है. आवेदक का बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए, ताकि अनुदान की राशि सीधे उसके खाते में पारदर्शी तरीके से ट्रांसफर की जा सके.

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • किसान पंजीकरण प्रमाण पत्र
  • बैंक पासबुक की प्रति
  • सक्रिय मोबाइल नंबर

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक किसान घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए:

  • आधिकारिक पोर्टल पर जाएं.
  • ‘Schemes’ सेक्शन में फल संबंधित योजना चुनें.
  • ‘स्ट्रॉबेरी विकास योजना (राज्य योजना)’ पर क्लिक करें.
  • आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें.
  • फॉर्म सबमिट करें.

कहां करें संपर्क?

अधिक जानकारी के लिए किसान अपने जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से भी तकनीकी मार्गदर्शन लिया जा सकता है. बिहार स्ट्रॉबेरी विकास योजना 2026 राज्य के किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने का सुनहरा अवसर है. सही योजना और सरकारी सहयोग से किसान न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं, बल्कि आधुनिक खेती के जरिए आत्मनिर्भर भी बन सकते हैं.

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