भारत में इन जानवरों को पालने से पहले जानें कानून, वरना हो सकती है जेल और जुर्माना

भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कई जंगली प्रजातियों को विशेष सुरक्षा दी गई है. अगर कोई व्यक्ति इन जानवरों को घर में पालता है, खरीदता-बेचता है या उनकी तस्करी करता है, तो उसे जुर्माना और जेल दोनों हो सकते हैं.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 21 Feb, 2026 | 12:53 PM

Illegal pets in India: भारत में बहुत से लोग कुत्ते, बिल्ली, गाय या खरगोश जैसे जानवर पालते हैं. लेकिन हर जानवर को घर में रखना सही या कानूनी नहीं होता. कुछ जंगली जीव ऐसे हैं जिन्हें पालतू बनाना कानून के खिलाफ है. इसका मुख्य कारण है वन्यजीवों की सुरक्षा और प्रकृति का संतुलन बनाए रखना. जंगली जानवर जंगल में ही सुरक्षित रहते हैं. उन्हें घर में कैद करना न सिर्फ उनके लिए खतरनाक है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है.

भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कई जंगली प्रजातियों को विशेष सुरक्षा दी गई है. अगर कोई व्यक्ति इन जानवरों को घर में पालता है, खरीदता-बेचता है या उनकी तस्करी करता है, तो उसे जुर्माना और जेल दोनों हो सकते हैं.

कृष्णमृग और अन्य हिरण प्रजातियां

कृष्णमृग यानी ब्लैकबक भारत में पाया जाने वाला सुंदर हिरण है. इसके सींग और काले-भूरे रंग की त्वचा इसे खास बनाती है. शिकार और आवास की कमी के कारण इसकी संख्या घट चुकी है. इसलिए इसे घर में पालना पूरी तरह गैरकानूनी है.

भालू और बंदर जैसे जंगली जीव

स्लॉथ बियर यानी रीछ को पहले मदारी तमाशों में इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब यह पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसी तरह कई बंदर प्रजातियां भी कानून के तहत संरक्षित हैं. ये जानवर जंगल में रहने के आदी होते हैं और घरों में उनका जीवन कष्टदायक हो सकता है.

तेंदुआ, शेर और बाघ जैसे बड़े शिकारी

तेंदुआ, शेर और बाघ जैसे बड़े शिकारी जानवरों को पालतू बनाना सख्त मना है. ये ताकतवर और खतरनाक जीव हैं, जिन्हें खुले जंगल की जरूरत होती है. भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ पहले ही संकटग्रस्त है. ऐसे में इन्हें पकड़कर घर में रखना या कैद करना गंभीर अपराध माना जाता है.

पैंगोलिन और स्टार कछुआ

पैंगोलिन एक ऐसा जीव है जिसकी तस्करी सबसे ज्यादा होती है. इसकी चमड़ी और स्केल्स के कारण इसे अवैध रूप से बेचा जाता है. इसी तरह स्टार कछुआ भी अपनी सुंदर बनावट के कारण तस्करों का निशाना बनता है. इन दोनों को घर में पालना कानूनन अपराध है.

रेड पांडा और ओरंगुटान

रेड पांडा हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाने वाला दुर्लभ जीव है. इसकी संख्या बहुत कम है. वहीं ओरंगुटान भारत का मूल निवासी नहीं है, लेकिन इसकी तस्करी के मामले सामने आते रहते हैं. दोनों ही प्रजातियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित हैं और इन्हें पालतू बनाना गैरकानूनी है.

हाथी भी है संरक्षित जीव

हाथी को कई जगह धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व दिया जाता है, लेकिन इसे भी कानून के तहत सुरक्षा मिली हुई है. जंगली हाथियों को पकड़कर पालना या बेचना प्रतिबंधित है. हाथी सामाजिक और विशालकाय जीव है, जिसे खुले वातावरण की जरूरत होती है.

क्यों जरूरी है यह प्रतिबंध

जंगली जानवरों को पालतू बनाने से उनकी तस्करी बढ़ती है और उनकी आबादी पर खतरा आता है. कई बार लोग शौक में इन्हें खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में उनकी देखभाल नहीं कर पाते. इससे जानवरों की सेहत और जीवन दोनों पर बुरा असर पड़ता है.

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