केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा है कि भारत किसी भी ट्रेड डील या अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समझौते में किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का हर फैसला किसानहित, राष्ट्रहित और जनहित को ध्यान में रखकर लिया जाता है और आगे भी यही नीति जारी रहेगी. उन्होंने विपक्ष पर किसानों को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के किसानों की सुरक्षा और समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हाल के दिनों में विभिन्न ट्रेड डील और व्यापारिक समझौतों को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन किसानों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए जितने भी समझौते दुनिया के विभिन्न देशों के साथ किए गए हैं, उनमें राष्ट्रहित, किसानहित और जनहित सर्वोपरि रहा है. उन्होंने कहा कि बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि विपक्ष को इसमें भी तकलीफ है और वह किसानों के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहा है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भारत खाद्यान्न उत्पादन के मामले में मजबूत स्थिति में है. देश के पास गेहूं और धान का पर्याप्त भंडार है. भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर निर्यात भी कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसानों की मेहनत और सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों का परिणाम है. सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले, बाजारों तक उनकी पहुंच बढ़े और कृषि क्षेत्र वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बने.
CBDC‑आधारित DBT का किया शुभारंभ
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को सीधे लाभ पहुंचाया जा रहा है. सरकार तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता बढ़ा रही है ताकि योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिए के सीधे पात्र लोगों तक पहुंचे. इसी सोच के तहत चंडीगढ़ में CBDC आधारित DBT व्यवस्था शुरू की गई है, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली में एक नया अध्याय साबित हो सकती है.
चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी और केंद्रीय राज्य मंत्री (खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण) निमुबेन जयंतीभाई बंभणिया भी मौजूद रहीं. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था का शुभारंभ किया.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नई व्यवस्था के जरिए राशन और खाद्यान्न से संबंधित लाभ अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचेंगे. उन्होंने बताया कि CBDC आधारित DBT में तकनीकी प्रावधान ऐसे बनाए गए हैं कि लाभार्थी केवल खाद्यान्न और अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुओं की खरीद पर ही राशि का उपयोग कर सके. इससे यह सुनिश्चित होगा कि सरकार द्वारा दिया गया लाभ सही उद्देश्य के लिए ही इस्तेमाल हो.
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से लाभार्थियों को अधिक विकल्प भी मिलेंगे. वे केवल गेहूं और चावल तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि अपनी जरूरत के अनुसार दाल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री का चयन भी कर सकेंगे. उन्होंने विभागीय अधिकारियों और पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण नवाचार है, जो भविष्य में देश के लिए मॉडल बन सकता है.
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 80 करोड़ से अधिक लोगों को निशुल्क राशन उपलब्ध कराना दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक है. उन्होंने कहा कि यह योजना केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि गरीब परिवारों को आर्थिक राहत भी देती है. इससे बची हुई राशि परिवार अपने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक जरूरतों पर खर्च कर सकते हैं.
संसद में व्यवधान पर विपक्ष के रवैये को लोकतंत्र पर हमला कहा
संसद में जारी गतिरोध पर भी शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहस और संवाद आवश्यक हैं, लेकिन व्यवधान स्वीकार नहीं किए जा सकते. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का रवैया लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का व्यवहार पूरे देश ने देखा है और कांग्रेस ने एक स्वतंत्र एवं संप्रभु राष्ट्र की प्रधानमंत्री के लिए जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किया, उससे दुनिया की महिलाओं का अपमान हुआ है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच स्पष्ट है कि सरकार केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के रूप में दिखाई देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम इसी सोच का उदाहरण है, जहां तकनीक और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से लाभार्थियों तक सीधे और पारदर्शी तरीके से सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.
उन्होंने चंडीगढ़ को अनुशासन, स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि यहां शुरू किया गया यह प्रयोग सफल होने पर देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है. उन्होंने अधिकारियों से स्थानीय स्तर की बाधाओं को दूर कर इस व्यवस्था के विस्तार की दिशा में काम करने का आह्वान किया.
हर घर तिरंगा अभियान में भाग लेने की अपील
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया और नागरिकों से “हर घर तिरंगा” अभियान में भाग लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए हर नागरिक को ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा. उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगाने का भी आह्वान किया.
अपने संबोधन के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने दोहराया कि सरकार किसानों, गरीबों और आम नागरिकों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि चाहे ट्रेड डील हो, कृषि नीति हो, खाद्य सुरक्षा का प्रश्न हो या किसानों की आय बढ़ाने का विषय, सरकार हर निर्णय में किसानहित को सर्वोपरि रखेगी और किसानों के हक में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.