Tomato Farming: अब खेती में कम मेहनत और ज्यादा कमाई का सपना सच होता दिख रहा है. सोचिए, अगर एक ही पौधे से 10 से 12 किलो टमाटर मिले तो कितना फायदा होगा! यही कमाल अब नई तकनीक से संभव हो रहा है. टमाटर की स्मार्ट खेती अपनाकर किसान कम समय में ज्यादा उत्पादन ले रहे हैं और बाजार में अच्छी कीमत भी पा रहे हैं.
खेती में तकनीक का बढ़ता असर, बदल रही तस्वीर
आज के समय में किसान सिर्फ पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं रहना चाहते. कम मुनाफा और बढ़ती लागत के कारण अब वे नई तकनीकों की ओर बढ़ रहे हैं. सरकार और कृषि केंद्र भी किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं. नई तकनीकों की मदद से अब फसल कम समय में तैयार हो रही है और उसकी गुणवत्ता भी बेहतर हो रही है. यही वजह है कि अब खेती को स्मार्ट तरीके से करने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है.
बेड और शेड नेट तकनीक से मिल रहा ज्यादा उत्पादन
बिहार के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस वेजिटेबल्स में टमाटर की खेती में नई तकनीक अपनाई जा रही है. यहां बेड और शेड नेट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे फसल को कई फायदे मिलते हैं. बेड बनाकर खेती करने से पानी का निकास सही होता है और पौधों की जड़ें मजबूत बनती हैं. वहीं शेड नेट से तेज धूप और बारिश का असर कम होता है और कीड़ों का खतरा भी घट जाता है. इस तकनीक से पौधे ऊंचे बढ़ते हैं और टमाटर लटककर अच्छे से विकसित होते हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बढ़ते हैं.
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इंडिटर्मिनेट टमाटर से 7-8 महीने तक लगातार फसल
यहां इंडिटर्मिनेट टमाटर की खेती की जा रही है, जो सामान्य टमाटर से काफी अलग होता है. इसमें हर नोड पर फल आता है और पौधा लगातार बढ़ता रहता है. जहां सामान्य टमाटर की फसल 3 से 4 महीने तक चलती है, वहीं यह फसल 7 से 8 महीने तक उत्पादन देती है. इससे किसान लंबे समय तक फसल बेच सकते हैं और अलग-अलग समय पर अच्छा दाम पा सकते हैं. वहां के विशेषज्ञ मीडिया को बताते हैं कि इस तकनीक से एक पौधे से 10 से 12 किलो तक टमाटर मिल रहा है, जो किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है.
कम लागत, जल्दी फसल और ज्यादा कमाई
इस खेती में खर्च भी ज्यादा नहीं आता. एक पौधे की सीडलिंग करीब 3 रुपये में तैयार हो जाती है. यहां सिंजेंटा किस्म का टमाटर लगाया गया है, जिसे खुले खेत और संरक्षित खेती दोनों में उगाया जा सकता है. जुलाई-अगस्त में रोपाई करने पर यह फसल 70 से 80 दिनों में तैयार हो जाती है. खास बात यह है कि इस तरह के टमाटर साफ और अच्छी क्वालिटी के होते हैं, जिससे बाजार में 10 रुपये तक ज्यादा कीमत मिल जाती है. ऐसे में अगर किसान सही तकनीक और ट्रेनिंग के साथ टमाटर की खेती करें, तो वे कम समय में दोगुनी कमाई कर सकते हैं और खेती को एक फायदे का सौदा बना सकते हैं.