इस राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, 500 एकड़ में बनेगी कोको सिटी.. आदिवासी करेंगे केसर की खेती

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें सुभाष पालेकर का सहयोग लिया जाएगा. उन्होंने आंध्र प्रदेश के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजारों में हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 4 Feb, 2026 | 04:19 PM

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके लिए महत्वाकांक्षी कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे. ऐसे राज्य में मौजूदा वक्त में लगभग 18 लाख किसान 20 लाख एकड़ में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं. 2030-31 तक इस संख्या को 40 लाख किसानों और 50 लाख एकड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. खास बात यह है कि प्राकृतिक खेती को लेकर खुद मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी सक्रिय हो गए हैं. उन्होंने अधिकारियों को राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एलुरु जिले में 500 एकड़ क्षेत्र में कोको सिटी खोलने के निर्देश दिए हैं. इसमें कोको की खेती, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने आम, कोको, काजू और नारियल की खेती  में इंटरक्रॉपिंग के अवसरों पर भी जोर दिया और अधिकारियों को किसानों को इस दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए कहा है. इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने लंबासिंगी में बड़े पैमाने पर केसर (सैफ्रॉन) की खेती की योजना को भी मंजूरी दी. इस योजना के तहत स्थानीय आदिवासी समुदायों की भागीदारी के साथ PPP मॉडल में कंपनियों को केसर की खेती करने की अनुमति दी जाएगी.

आंध्र प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

दरअसल, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू का सपना आंध्र प्रदेश को देश का सबसे बड़ा प्राकृतिक खेती वाला राज्य बनाना है. सचिवालय में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की समीक्षा बैठक में उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को पूरी तरह कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया. इसका उद्देश्य किसानों की लागत घटाना और उपज के लिए बेहतर कीमत सुनिश्चित करना है. उन्होंने प्राकृतिक खेती  के उत्पादों की गुणवत्ता को दिखाने के लिए प्रमाणन और ट्रेसबिलिटी सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया, जो अप्रैल तक शुरू और जून तक पूरे राज्य में लागू किए जाएंगे.

प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें सुभाष पालेकर का सहयोग लिया जाएगा. उन्होंने आंध्र प्रदेश के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजारों में हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया. जल प्रबंधन में सुधार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस साल रायलसेमा क्षेत्र में सिंचाई की कमी को सभी जलाशयों को भरकर हल किया गया.

विजयवाड़ा में PPP मोड में फूल बाजार बनाने का सुझाव

उन्होंने एक्वा फार्मिंग का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने और गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए झींगा, मिर्च, आम, चावल और प्रोसेस्ड फूड  के निर्यात बढ़ाने के कदमों का प्रस्ताव रखा. कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने फसल आधारित मेले आयोजित करने, फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर बनाने, आधुनिक रायलथू बाजार (Rythu Bazaar) स्थापित करने और विजयवाड़ा में PPP मोड में फूल बाजार बनाने का सुझाव दिया. बैठक के दौरान उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किए, जिनमें Digi Rythu Bazaar ऐप, APAIMS ऐप (कृषि मशीनरी के लिए) और Kisan Drone ऐप शामिल हैं.

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Published: 4 Feb, 2026 | 03:06 PM

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